करवा चौथ की कथा
सात भाइयों की लाड़ली बहन, झूठा चाँद और इंद्राणी का उपाय
SanatanBodh · चित्र AI से बनाए गए
इंद्रप्रस्थपुर
वेदशर्मा और लीलावती की बेटी वीरावती ने विवाह के बाद पहली करवा चौथ मायके में रखी।
शाम तक भूख-प्यास से वह बेहोश हो गई।
भाइयों से देखा न गया
एक भाई ने दूर बरगद पर छलनी की ओट में दीपक जलाया; रोशनी उगते चाँद जैसी लगी।
वीरावती ने उसे ही चाँद समझकर अर्घ्य दिया और व्रत खोल लिया।
भोजन के समय
पहले कौर में बाल, दूसरे पर छींक, और तीसरे से पहले ससुराल का बुलावा।
ससुराल पहुँचकर उसने अपने पति को मृत पाया।
इंद्राणी का उपाय
इंद्राणी ने बताया कि उसने चाँद निकलने से पहले व्रत तोड़ा था।
उपाय: साल भर हर महीने की चौथ और अगली करवा चौथ का व्रत पूरी विधि से।
व्रत का फल
बारह चौथ और करवा चौथ के व्रत के पुण्य से उसका पति फिर जीवित हो उठा।
परंपरा में प्रचलित कथा, Drik Panchang के रूप के अनुसार।
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अपने शहर का समय, पूरी विधि, कथा और स्रोत।