मानस शक्तिपीठ

दाक्षायणीविवादित: मानसरोवर झील, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (या मालवा, मध्य प्रदेश)

अन्य नाम: पाठ-भेद: मालव

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मानस शक्तिपीठ: 51 शक्तिपीठ 9/51, दाक्षायणी, विवादित: मानसरोवर झील, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (या मालवा, मध्य प्रदेश)
संक्षेप में

मानस पीठनिर्णय के 51 शक्तिपीठों में से एक है; ग्रंथ के अनुसार यहाँ सती का दाहिना हाथ गिरा, देवी दाक्षायणी और भैरव हर (अमर) हैं। कुछ पांडुलिपियाँ "मानस" पढ़ती हैं, यानी तिब्बत की मानसरोवर झील, और कुछ "मालव", यानी मालवा; इतिहासकार डी. सी. सरकार "मानस" को अधिक संभव मानते हैं।

देवता
दाक्षायणी
परंपरा
शाक्त
तीर्थ-सूची
51 शक्तिपीठ 9/51
स्थान
विवादित: मानसरोवर झील, या पाठ-भेद से मालवा
राज्य
तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (या मालवा, मध्य प्रदेश)
देश
तिब्बत (चीन)

मत-भेद: स्रोतों में अंतर

  • वाचस्पत्यम् में उद्धृत पाठ "मालवे" पढ़ता है और भैरव का नाम अमर देता है।
  • देवी भागवत (7.30) मानस में दो स्थान गिनाता है: दक्षिण मानस में देवी कुमुदा, उत्तर मानस में विश्वकामा।
  • पीठों की गिनती ग्रंथ के अनुसार अलग है: पीठनिर्णय 51 गिनाता है, बंगाल की कुछ सूचियाँ 52, देवी भागवत (7.30) 108 स्थान देवी के नामों के साथ देता है, और पुराने तंत्र केवल चार पीठ गिनाते हैं (सरकार)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानस शक्तिपीठ कहाँ है?

यह पाठ पर निर्भर है: "मानस" पढ़ें तो तिब्बत की मानसरोवर झील, "मालव" पढ़ें तो मध्य भारत का मालवा। ग्रंथ के अनुसार यहाँ सती का दाहिना हाथ गिरा और देवी दाक्षायणी हैं।

मानस शक्तिपीठ किन तीर्थ-सूचियों में है?

51 शक्तिपीठ (सूची में 51 में से 9वाँ)।

स्रोत

  1. डी. सी. सरकार, द शाक्त पीठ्स (जर्नल ऑफ़ द रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल 1948; मोतीलाल बनारसीदास, 1973): पीठनिर्णय की तालिका पृ. 35-37, इस पीठ पर टिप्पणी पृ. 45 (archive.org)
  2. वाचस्पत्यम् (तारानाथ तर्कवाचस्पति), "पीठ": तंत्रचूडामणि से उद्धृत पीठ-सूची (कोलोन डिजिटल संस्कृत कोश, sanskrit-lexicon.uni-koeln.de)
  3. देवी भागवत पुराण 7.30 (108 पीठों की सूची), स्वामी विज्ञानानंद का अंग्रेज़ी अनुवाद (wisdomlib.org)

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