गृह प्रवेश मुहूर्त 2026-27

नए घर में प्रवेश के शुभ दिन और समय, अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 तक, महीने के अनुसार, नई दिल्ली के लिए।

सजा हुआ घर का प्रवेश द्वार: नक्काशीदार लकड़ी के दरवाज़े पर गेंदे के फूलों की मालाएँ, चौकी पर नारियल और आम के पत्तों वाला कलश, और सीढ़ियों पर दीये और फूलों की रंगोली
चित्र: AI से बनाया गया
संक्षेप में

अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 तक नई दिल्ली के लिए गृह प्रवेश के 59 शुभ दिन हैं, जिन पर हमारी गणना और Drik Panchang दोनों सहमत हैं: 2026 में 14 और 2027 में 45। पहला मुहूर्त बुधवार, 11 नवंबर 2026 को है। अक्टूबर 2026 और जुलाई से अक्टूबर 2027 तक कोई मुहूर्त नहीं है, क्योंकि उन दिनों के चंद्र मास गृह प्रवेश के लिए नहीं लिए जाते। ये दिन नक्षत्र, तिथि, वार और मास देखकर चुने गए हैं; प्रवेश का लग्न और परिवार की परंपरा इसमें नहीं हैं, इसलिए तारीख़ तय करने से पहले अपने पुरोहित से मिलान करें।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 2 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

नवंबर 2026 के गृह प्रवेश मुहूर्त (6)

तारीखसमयनक्षत्रतिथि
बुधवार, 11 नवंबर6:40 AM–11:39 AMअनुराधाशुक्ल द्वितीया
शनिवार, 14 नवंबर8:25 PM–11:25 PMउत्तराषाढ़ाशुक्ल पंचमी
शुक्रवार, 20 नवंबर6:57 AM–6:33 AM (21 नवंबर)उत्तरा भाद्रपदशुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
शनिवार, 21 नवंबर4:58 AM (22 नवंबर)–5:56 AM (22 नवंबर)रेवतीशुक्ल त्रयोदशी
बुधवार, 25 नवंबर6:51 AM–6:52 AM (26 नवंबर)रोहिणी, मृगशिराकृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
गुरुवार, 26 नवंबर6:52 AM–5:48 PMमृगशिराकृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया

दिसंबर 2026 के गृह प्रवेश मुहूर्त (8)

तारीखसमयनक्षत्रतिथि
बुधवार, 2 दिसंबर10:53 PM–6:57 AM (3 दिसंबर)उत्तरा फाल्गुनीकृष्ण दशमी
गुरुवार, 3 दिसंबर6:57 AM–9:24 AMउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण दशमी
शुक्रवार, 4 दिसंबर10:23 AM–11:46 PMचित्राकृष्ण एकादशी
शुक्रवार, 11 दिसंबर3:05 AM (12 दिसंबर)–7:04 AM (12 दिसंबर)उत्तराषाढ़ाशुक्ल तृतीया
शनिवार, 12 दिसंबर7:04 AM–2:08 PMउत्तराषाढ़ाशुक्ल तृतीया
शुक्रवार, 18 दिसंबर11:15 PM–7:08 AM (19 दिसंबर)रेवतीशुक्ल दशमी
शनिवार, 19 दिसंबर7:08 AM–3:59 PMरेवतीशुक्ल दशमी
बुधवार, 30 दिसंबर7:13 AM–12:38 PMउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण सप्तमी

जनवरी 2027 के गृह प्रवेश मुहूर्त (1)

तारीखसमयनक्षत्रतिथि
शुक्रवार, 1 जनवरी1:11 PM–5:30 PMचित्राकृष्ण दशमी

फ़रवरी 2027 के गृह प्रवेश मुहूर्त (7)

तारीखसमयनक्षत्रतिथि
बुधवार, 10 फ़रवरी3:05 AM (11 फ़रवरी)–7:03 AM (11 फ़रवरी)उत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल पंचमी
गुरुवार, 11 फ़रवरी7:03 AM–3:20 AM (12 फ़रवरी)रेवतीशुक्ल पंचमी
सोमवार, 15 फ़रवरी10:45 PM–6:59 AM (16 फ़रवरी)रोहिणी, मृगशिराशुक्ल दशमी
सोमवार, 22 फ़रवरी11:55 AM–6:52 AM (23 फ़रवरी)उत्तरा फाल्गुनीकृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
बुधवार, 24 फ़रवरी8:41 PM–6:50 AM (25 फ़रवरी)चित्राकृष्ण पंचमी
गुरुवार, 25 फ़रवरी6:50 AM–9:33 AMचित्राकृष्ण पंचमी
शनिवार, 27 फ़रवरी11:40 AM–9:56 PMअनुराधाकृष्ण सप्तमी

मार्च 2027 के गृह प्रवेश मुहूर्त (10)

तारीखसमयनक्षत्रतिथि
बुधवार, 3 मार्च10:35 PM–6:43 AM (4 मार्च)उत्तराषाढ़ाकृष्ण एकादशी
गुरुवार, 4 मार्च6:43 AM–7:25 AMउत्तराषाढ़ाकृष्ण एकादशी
बुधवार, 10 मार्च6:37 AM–6:35 AM (11 मार्च)उत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
गुरुवार, 11 मार्च6:35 AM–11:20 AMरेवतीशुक्ल तृतीया
सोमवार, 15 मार्च6:31 AM–10:52 AMरोहिणी, मृगशिराशुक्ल सप्तमी
सोमवार, 22 मार्च4:14 PM–8:47 PMउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण प्रतिपदा
बुधवार, 24 मार्च6:21 AM–7:26 PMचित्राकृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
शुक्रवार, 26 मार्च8:36 PM–6:17 AM (27 मार्च)अनुराधाकृष्ण पंचमी
शनिवार, 27 मार्च6:17 AM–1:34 PMअनुराधाकृष्ण पंचमी
बुधवार, 31 मार्च10:17 PM–6:11 AM (1 अप्रैल)उत्तराषाढ़ाकृष्ण दशमी

अप्रैल 2027 के गृह प्रवेश मुहूर्त (1)

तारीखसमयनक्षत्रतिथि
गुरुवार, 1 अप्रैल6:11 AM–9:26 AMउत्तराषाढ़ाकृष्ण दशमी

मई 2027 के गृह प्रवेश मुहूर्त (8)

तारीखसमयनक्षत्रतिथि
शुक्रवार, 7 मई11:43 PM–5:35 AM (8 मई)रोहिणीशुक्ल द्वितीया
शनिवार, 8 मई5:35 AM–5:34 AM (9 मई)रोहिणी, मृगशिराशुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
शनिवार, 15 मई12:00 PM–5:30 AM (16 मई)उत्तरा फाल्गुनीशुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
सोमवार, 17 मई4:29 PM–5:29 AM (18 मई)चित्राशुक्ल त्रयोदशी
गुरुवार, 20 मई4:30 PM–5:27 AM (21 मई)अनुराधाकृष्ण प्रतिपदा
शुक्रवार, 21 मई5:27 AM–2:52 PMअनुराधाकृष्ण प्रतिपदा
सोमवार, 24 मई11:00 PM–5:25 AM (25 मई)उत्तराषाढ़ाकृष्ण पंचमी
सोमवार, 31 मई5:24 AM–5:23 AM (1 जून)उत्तरा भाद्रपद, रेवतीकृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी

जून 2027 के गृह प्रवेश मुहूर्त (5)

तारीखसमयनक्षत्रतिथि
शनिवार, 5 जून10:00 PM–4:38 AM (6 जून)मृगशिराशुक्ल द्वितीया
सोमवार, 14 जून5:22 AM–5:28 PMचित्राशुक्ल एकादशी
बुधवार, 16 जून7:45 PM–3:22 AM (17 जून)अनुराधाशुक्ल त्रयोदशी
सोमवार, 21 जून5:23 AM–5:24 AM (22 जून)उत्तराषाढ़ाकृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
शनिवार, 26 जून7:24 PM–9:53 PMउत्तरा भाद्रपदकृष्ण सप्तमी

नवंबर 2027 के गृह प्रवेश मुहूर्त (8)

तारीखसमयनक्षत्रतिथि
सोमवार, 1 नवंबर6:32 AM–9:58 AMअनुराधाशुक्ल तृतीया
गुरुवार, 4 नवंबर9:39 PM–6:35 AM (5 नवंबर)उत्तराषाढ़ाशुक्ल सप्तमी
शुक्रवार, 5 नवंबर6:35 AM–6:20 PMउत्तराषाढ़ाशुक्ल सप्तमी
बुधवार, 10 नवंबर6:39 AM–9:12 AMउत्तरा भाद्रपदशुक्ल एकादशी
गुरुवार, 11 नवंबर10:09 AM–6:40 AM (12 नवंबर)रेवतीशुक्ल त्रयोदशी
शुक्रवार, 12 नवंबर6:40 AM–7:56 AMरेवतीशुक्ल त्रयोदशी
सोमवार, 15 नवंबर7:07 AM–5:43 AM (16 नवंबर)रोहिणीकृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
सोमवार, 22 नवंबर8:44 PM–6:49 AM (23 नवंबर)उत्तरा फाल्गुनीकृष्ण दशमी

दिसंबर 2027 के गृह प्रवेश मुहूर्त (5)

तारीखसमयनक्षत्रतिथि
गुरुवार, 2 दिसंबर1:45 PM–2:30 AM (3 दिसंबर)उत्तराषाढ़ाशुक्ल पंचमी
बुधवार, 8 दिसंबर7:01 AM–7:01 AM (9 दिसंबर)उत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
गुरुवार, 9 दिसंबर7:01 AM–5:27 PMरेवतीशुक्ल एकादशी
सोमवार, 13 दिसंबर9:39 PM–7:05 AM (14 दिसंबर)मृगशिराकृष्ण प्रतिपदा
बुधवार, 22 दिसंबर7:09 AM–12:09 AM (23 दिसंबर)चित्राकृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी

इन महीनों में कोई मुहूर्त नहीं है (हर महीने के पन्ने पर कारण): अक्टूबर 2026, जुलाई 2027, अगस्त 2027, सितंबर 2027, अक्टूबर 2027।

ये दिन किन नियमों से चुने गए

  • चंद्रमा रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद या रेवती नक्षत्र में हो
  • तिथि किसी भी पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी या एकादशी हो, या शुक्ल त्रयोदशी या कृष्ण प्रतिपदा
  • वार सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार हो (रविवार और मंगलवार नहीं)
  • चंद्र मास (अमांत) माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक या मार्गशीर्ष हो; जिस दिन का कोई भी हिस्सा अधिक मास में हो, वह दिन नहीं
  • शुक्र और गुरु अस्त न हों, और अस्त से पहले और बाद के तीन-तीन दिन (वृद्धत्व और बाल्यत्व) भी न हों; अस्त के परंपरा में प्रचलित मान: शुक्र सूर्य से 10° के भीतर (वक्री हो तो 8°), गुरु 11° के भीतर

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, मिनट-मिनट देखा गया कि ये सब शर्तें एक साथ पूरी हों; कम से कम 5 मिनट का समय ही मुहूर्त गिना गया। वार उस दिन के सूर्योदय से गिना गया, इसलिए आधी रात के बाद अगले सूर्योदय तक का समय उसी दिन का है। अगर एक ही दिन में तीसरी तिथि शुरू हो जाए (बीच की तिथि क्षय हो), तो वह हिस्सा नहीं लिया गया, जैसा Drik Panchang की सूची में है।

Drik Panchang अपने पृष्ठ पर बताता है कि उसकी सूची नक्षत्र, वार, तिथि और चंद्र मास की शुद्धि से बनी है, शुक्र और गुरु के अस्त में गृह प्रवेश नहीं होता (मुहूर्त चिन्तामणि और धर्मसिन्धु के हवाले से), और अधिक मास छोड़ा जाता है। कौन से नक्षत्र, तिथि, वार और मास लिए जाते हैं, यह उसकी हर दिन की टिप्पणी ("Prohibited Weekday", "Prohibited Tithi", "Lunar Month is not Auspicious") से मिलाया गया। इन नियमों से 2027 की और अक्टूबर से दिसंबर 2026 की उसकी पूरी सूची हमारी गणना में फिर से निकलती है। Drik Panchang शुक्र-गुरु के अस्त और उदय का समय आकाश में दिखने के आधार पर निकालता है और हम परंपरागत अंशों से; इस अवधि में इससे सूची में कोई अंतर नहीं आता, क्योंकि दोनों तरीकों से अस्त के दिन उन्हीं महीनों में पड़ते हैं जो वैसे भी छोड़े गए हैं। पंचांग की गणना कैसे होती है

Drik Panchang से मिलान

हम वही दिन छापते हैं जिन पर हमारी गणना और Drik Panchang की सूची दोनों शुरू और अंत के समय में 5 मिनट के भीतर मिलती हैं। अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 तक Drik Panchang की सूची के सभी 59 दिन हमारी गणना से मिल गए, इसलिए कोई दिन छोड़ा नहीं गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 तक गृह प्रवेश के कितने शुभ मुहूर्त हैं?

अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 तक नई दिल्ली के लिए गृह प्रवेश के 59 शुभ दिन हैं, जिन पर हमारी गणना और Drik Panchang दोनों सहमत हैं: 2026 में 14 और 2027 में 45। पहला मुहूर्त बुधवार, 11 नवंबर 2026 को है। अक्टूबर 2026 और जुलाई से अक्टूबर 2027 तक कोई मुहूर्त नहीं है, क्योंकि उन दिनों के चंद्र मास गृह प्रवेश के लिए नहीं लिए जाते। ये दिन नक्षत्र, तिथि, वार और मास देखकर चुने गए हैं; प्रवेश का लग्न और परिवार की परंपरा इसमें नहीं हैं, इसलिए तारीख़ तय करने से पहले अपने पुरोहित से मिलान करें।

अक्टूबर 2026 और जुलाई से अक्टूबर 2027 में गृह प्रवेश मुहूर्त क्यों नहीं हैं?

गृह प्रवेश के लिए अमांत गणना के केवल माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक और मार्गशीर्ष मास लिए जाते हैं। अक्टूबर 2026 में भाद्रपद और आश्विन मास हैं, और 5 जुलाई से 29 अक्टूबर 2027 तक आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद और आश्विन; 2027 में इसी बीच शुक्र भी अस्त रहता है। इसी कारण 8 जनवरी से 6 फरवरी 2027 (पौष), 7 अप्रैल से 6 मई 2027 (चैत्र) और 28 दिसंबर 2027 से (पौष) भी कोई मुहूर्त नहीं है।

पूर्णिमांत पंचांग में ये महीने कैसे दिखेंगे?

यह सूची अमांत मास लेती है, जिसमें महीना अमावस्या के बाद बदलता है। उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में महीना पूर्णिमा के बाद बदलता है, इसलिए कृष्ण पक्ष का नाम अगले महीने से जुड़ता है। जैसे 22 मार्च से 1 अप्रैल 2027 के दिन अमांत में फाल्गुन कृष्ण पक्ष हैं, पर पूर्णिमांत पंचांग में चैत्र कृष्ण पक्ष में दिखेंगे। दिन और समय दोनों में एक ही हैं, केवल महीने का नाम अलग है।

क्या ये समय हर शहर के लिए एक जैसे हैं?

नक्षत्र और तिथि बदलने के क्षण पूरे भारत में एक ही समय होते हैं, इसलिए ज़्यादातर समय वही रहते हैं। पर हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और सूर्योदय शहर के साथ बदलता है; इसलिए सुबह के आसपास के समय दूसरे शहरों में थोड़ा अलग हो सकते हैं। यह सूची नई दिल्ली के लिए है।

क्या इस सूची में लग्न और वास्तु पूजा का समय शामिल है?

नहीं। यह पंचांग शुद्धि (नक्षत्र, तिथि, वार, मास, शुक्र-गुरु अस्त) पर आधारित सामान्य सूची है। Drik Panchang भी लिखता है कि इन तारीखों में से दिन चुनने से पहले किसी जानकार से पूछें। प्रवेश का लग्न, वास्तु शांति पूजा का समय और परिवार की रीति अपने पुरोहित से तय करें।

क्या चातुर्मास में गृह प्रवेश होता है?

Drik Panchang की सूची चातुर्मास को अलग से नहीं गिनती, वह चंद्र मास देखती है; कार्तिक शुभ महीनों में है, इसलिए देवउठनी एकादशी से पहले के कार्तिक के कुछ दिन भी इसमें हैं। कुछ परिवार देवउठनी एकादशी तक गृह प्रवेश नहीं करते; अपने घर की परंपरा पुरोहित से पूछकर तय करें।

स्रोत

  1. Drik Panchang: 2026 और 2027 गृह प्रवेश मुहूर्त, नई दिल्ली (drikpanchang.com/shubh-dates/griha-pravesh-dates-with-muhurat.html), नियम और हर दिन की टिप्पणी सहित; 30 सितंबर 2026 को मिलान
  2. SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश): sanatanbodh.in/panchang/ganana-vidhi/

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