अगला प्रदोष व्रत गुरु प्रदोष व्रत है, गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को; पूजा का समय (प्रदोष काल) 5:59–8:27 PM है (नई दिल्ली)। प्रदोष व्रत हर महीने दो बार, शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर, उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में त्रयोदशी हो। अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 तक के सभी 31 प्रदोष व्रत नीचे महीने के अनुसार हैं, हर एक Drik Panchang की सूची से मिलाया गया।
इस महीने के प्रदोष व्रत
- गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 गुरु प्रदोष व्रत 5:59–8:27 PM
- शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 शुक्र प्रदोष व्रत 5:44–8:17 PM
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 8 अक्टूबरगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रतआश्विन कृष्ण त्रयोदशी | 5:59–8:27 PM |
| 23 अक्टूबरशुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रतआश्विन शुक्ल त्रयोदशी | 5:44–8:17 PM |
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 6 नवंबरशुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रतकार्तिक कृष्ण त्रयोदशीइसी दिन: धनतेरस | 5:33–8:10 PM |
| 22 नवंबररविवार | रवि प्रदोष व्रतकार्तिक शुक्ल त्रयोदशी | 5:25–8:06 PM |
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 6 दिसंबररविवार | रवि प्रदोष व्रतमार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी | 5:24–8:07 PM |
| 21 दिसंबरसोमवार | सोम प्रदोष व्रतमार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी | 5:37–8:13 PM |
जनवरी 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 5 जनवरीमंगलवार | भौम प्रदोष व्रतपौष कृष्ण त्रयोदशी | 5:38–8:21 PM |
| 20 जनवरीबुधवार | बुध प्रदोष व्रतपौष शुक्ल त्रयोदशी | 5:50–8:31 PM |
फ़रवरी 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 3 फ़रवरीबुधवार | बुध प्रदोष व्रतमाघ कृष्ण त्रयोदशी | 6:02–8:39 PM |
| 18 फ़रवरीगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रतमाघ शुक्ल त्रयोदशी | 6:13–8:46 PM |
मार्च 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 5 मार्चशुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रतफाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी | 6:23–8:51 PM |
| 20 मार्चशनिवार | शनि प्रदोष व्रतफाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी | 6:32–8:46 PM |
अप्रैल 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 4 अप्रैलरविवार | रवि प्रदोष व्रतचैत्र कृष्ण त्रयोदशी | 6:41–8:58 PM |
| 18 अप्रैलरविवार | रवि प्रदोष व्रतचैत्र शुक्ल त्रयोदशी | 6:48–9:01 PM |
मई 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 3 मईसोमवार | सोम प्रदोष व्रतवैशाख कृष्ण त्रयोदशी | 8:05–9:06 PM |
| 17 मईसोमवार | सोम प्रदोष व्रतवैशाख शुक्ल त्रयोदशी | 7:06–9:10 PM |
जून 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 2 जूनबुधवार | बुध प्रदोष व्रतज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी | 7:15–9:17 PM |
| 16 जूनबुधवार | बुध प्रदोष व्रतज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी | 7:21–9:21 PM |
जुलाई 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 1 जुलाईगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रतआषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी | 7:23–9:24 PM |
| 15 जुलाईगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रतआषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी | 7:21–9:23 PM |
| 31 जुलाईशनिवार | शनि प्रदोष व्रतश्रावण कृष्ण त्रयोदशी | 7:13–9:19 PM |
अगस्त 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 14 अगस्तशनिवार | शनि प्रदोष व्रतश्रावण शुक्ल त्रयोदशी | 7:02–9:12 PM |
| 29 अगस्तरविवार | रवि प्रदोष व्रतभाद्रपद कृष्ण त्रयोदशी | 6:47–9:01 PM |
सितंबर 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 13 सितंबरसोमवार | सोम प्रदोष व्रतभाद्रपद शुक्ल त्रयोदशी | 6:29–8:48 PM |
| 27 सितंबरसोमवार | सोम प्रदोष व्रतआश्विन कृष्ण त्रयोदशी | 6:12–8:36 PM |
अक्टूबर 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 12 अक्टूबरमंगलवार | भौम प्रदोष व्रतआश्विन शुक्ल त्रयोदशी | 5:55–8:24 PM |
| 27 अक्टूबरबुधवार | बुध प्रदोष व्रतकार्तिक कृष्ण त्रयोदशीइसी दिन: धनतेरसइसी दिन: काली चौदस | 5:40–8:14 PM |
नवंबर 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 11 नवंबरगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रतकार्तिक शुक्ल त्रयोदशीइसी दिन: तुलसी विवाह | 5:30–8:08 PM |
| 25 नवंबरगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रतमार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी | 5:24–8:06 PM |
दिसंबर 2027 में प्रदोष व्रत कब है
| तारीख | व्रत और तिथि | पूजा का समय (प्रदोष काल) |
|---|---|---|
| 11 दिसंबरशनिवार | शनि प्रदोष व्रतमार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी | 5:25–8:09 PM |
| 25 दिसंबरशनिवार | शनि प्रदोष व्रतपौष कृष्ण त्रयोदशी | 5:31–8:15 PM |
सभी समय भारतीय मानक समय में, नई दिल्ली के हैं। अलग-अलग पंचांगों में 1–2 मिनट का अंतर सामान्य है। गणना कैसे होती है

प्रदोष व्रत की तारीख कैसे तय होती है
- Drik Panchang के अनुसार प्रदोष व्रत का दिन वह है जिस दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि हो, इसलिए व्रत कभी द्वादशी के दिन भी पड़ता है। दोनों दिनों के प्रदोष काल में थोड़ी-थोड़ी त्रयोदशी हो तो जिस दिन अधिक समय हो, वह दिन (Drik Panchang की सूची से मिलाया गया)।
- प्रदोष काल सूर्यास्त से रात्रि के पाँचवें भाग तक (रात के 15 मुहूर्तों में पहले तीन) है। पूजा का समय प्रदोष काल का वह हिस्सा है जिसमें त्रयोदशी भी चल रही हो; Drik Panchang इसी समय को शिव पूजा के लिए बताता है। इसलिए कुछ दिनों में समय छोटा है, जैसे जब त्रयोदशी सूर्यास्त के बाद शुरू हो।
- वार के अनुसार नाम (Drik Panchang): सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष, शनिवार को शनि प्रदोष; बाकी दिनों के नाम भी वार से हैं (रवि, बुध, गुरु, शुक्र)।
हमने अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 तक की हर तारीख अपनी पंचांग गणना से निकालकर Drik Panchang की नई दिल्ली की सूची से मिलाई; सभी 31 तारीखें मिलीं (2026 में 6, 2027 में 25)। तिथि के आरंभ और समाप्ति के समय हमारी गणना में Drik Panchang से 1–2 मिनट बाद आते हैं, और पूजा का समय 2 मिनट के भीतर मिलता है। जो तारीख या समय मेल न खाए, उसे हम नहीं छापते।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवंबर और दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत कब है?
नवंबर 2026 में शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 (शुक्र प्रदोष व्रत, पूजा 5:33–8:10 PM) और रविवार, 22 नवंबर 2026 (रवि प्रदोष व्रत, पूजा 5:25–8:06 PM); दिसंबर 2026 में रविवार, 6 दिसंबर 2026 (रवि प्रदोष व्रत, पूजा 5:24–8:07 PM) और सोमवार, 21 दिसंबर 2026 (सोम प्रदोष व्रत, पूजा 5:37–8:13 PM)। समय नई दिल्ली के हैं।
प्रदोष व्रत कितने रखने चाहिए?
किसी शास्त्र में सबके लिए एक तय संख्या हमें नहीं मिली। प्रचलित परंपरा में कई लोग 11 या 26 प्रदोष व्रत का संकल्प लेकर उसके बाद उद्यापन करते हैं, और कुछ लोग जीवन भर हर प्रदोष रखते हैं। संकल्प कितने व्रतों का हो और उद्यापन कैसे हो, यह अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित से तय करें।
प्रदोष व्रत की पूजा किस समय करें?
सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में, उस समय जब त्रयोदशी तिथि भी चल रही हो। Drik Panchang यही समय शिव पूजा के लिए देता है, और इस सूची में हर व्रत के सामने यही समय (नई दिल्ली) लिखा है। दूसरे शहरों में सूर्यास्त के साथ यह कुछ मिनट बदलता है।
सोम प्रदोष, भौम प्रदोष और शनि प्रदोष क्या हैं?
प्रदोष व्रत का नाम उसके वार से होता है: सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष (Drik Panchang)। इस सूची में 12 ऐसे व्रत हैं।
एकादशी और प्रदोष लगातार दो दिन हों तो क्या करें?
Drik Panchang सुझाव देता है कि ऐसे में एकादशी का पारण केवल जल से, प्रतीक के रूप में करें और व्रत तोड़े बिना प्रदोष व्रत रखें। अपनी सेहत और परिवार की परंपरा के अनुसार पुरोहित से पूछकर तय करें।
क्या हर शहर में प्रदोष व्रत एक ही दिन होता है?
Drik Panchang लिखता है कि प्रदोष व्रत का दिन सूर्यास्त पर निर्भर है, इसलिए एक ही राज्य के दो शहरों में भी अलग हो सकता है। यह सूची नई दिल्ली के सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय से है। तिथि बदलने का क्षण पूरे भारत में एक ही होता है, पर सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय शहर के साथ बदलते हैं, इसलिए कभी-कभी किसी शहर में व्रत का दिन एक दिन अलग हो सकता है। अपने शहर के लिए स्थानीय पंचांग या पुरोहित से मिलान करें।
स्रोत
- Drik Panchang, 2026 और 2027, नई दिल्ली: प्रदोष व्रत की सूची, पूजा के समय और नियम (drikpanchang.com/vrats/pradoshdates.html); हर तारीख और समय का मिलान 30 सितंबर 2026 को
- प्रदोष व्रत की संख्या (11 या 26) की प्रचलित मान्यता: अमर उजाला (6 जून 2025) और टाइम्स नाउ हिंदी के प्रदोष व्रत विधि लेख
- SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश): sanatanbodh.in/panchang/ganana-vidhi/
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