ग्रंथ
"ग्रंथ" शब्द संस्कृत धातु ग्रन्थ् से बना है, जिसका अर्थ है बाँधना। ताड़ के पत्तों को धागे में बाँधकर ही पहले ग्रंथ बनते थे। SanatanBodh भी बिखरे ज्ञान को एक धागे में पिरोता है।

पूरा ग्रंथभगवद्गीता18 अध्याय, 700 श्लोक: मूल संस्कृत, पद-अर्थ, अनुवाद और भावार्थ।पढ़ें
ज्ञान-ग्राफ़ में ग्रंथ
महाभारतवेदव्यास रचित इतिहास-ग्रंथ, 18 पर्वों में। भगवद्गीता इसी के भीष्म पर्व का अंश है।वाल्मीकि रामायणआदिकवि वाल्मीकि रचित इतिहास-ग्रंथ, सात कांडों में।रामचरितमानसतुलसीदास रचित अवधी महाकाव्य, सात कांडों में।सुंदरकांडरामायण का पाँचवाँ कांड: हनुमान की लंका यात्रा और सीता की खोज।शिव पुराणशिव की कथाओं, स्वरूप और उपासना का प्रमुख पुराण।श्वेताश्वतर उपनिषद्कृष्ण यजुर्वेद से जुड़ा उपनिषद्, जिसमें रुद्र को परम तत्व के रूप में वर्णित किया गया है।