ग्रंथ

"ग्रंथ" शब्द संस्कृत धातु ग्रन्थ् से बना है, जिसका अर्थ है बाँधना। ताड़ के पत्तों को धागे में बाँधकर ही पहले ग्रंथ बनते थे। SanatanBodh भी बिखरे ज्ञान को एक धागे में पिरोता है।

केसरी धागे और गाँठ से बंधे ताड़पत्रों का गट्ठर