
सनातन कोश
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सम्प्रदाय, देवी-देवता, अवतार, ग्रंथ, ऋषि, तीर्थ और सिद्धांत: सनातन परंपरा को समझने का एक संग्रह, हर बात स्रोत के साथ।
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सनातन वृक्ष
एक नाम से पूरी परंपरा को समझें
देवी-देवता, अवतार, रामायण-महाभारत के पात्र, ऋषि, ग्रंथ और तीर्थ एक पेड़ में: 586 नाम और 749 रिश्ते, हर रिश्ता ग्रंथ के स्रोत के साथ। किसी भी नाम पर टैप करें और उसके सारे रिश्ते देखें।
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33 कोटि का मतलब 33 करोड़ है या 33 प्रकार?
8 वसु, 11 रुद्र, 12 आदित्य, इंद्र और प्रजापति: उपनिषद् के 33 देवता
चार वेदों के नाम क्या हैं?
ऋग्, यजु, साम, अथर्व: हर वेद में क्या है, उपवेद, ब्राह्मण और उपनिषद्
18 पुराणों के नाम क्रम से क्या हैं?
18 महापुराण क्रम से, हर एक की श्लोक संख्या और विषय
शक्तिपीठ 51 हैं, 52 हैं या 108?
पीठनिर्णय के 51 शक्तिपीठ: अंग, स्थान, राज्य और देश, मतभेदों के साथ
पवित्र तीर्थ
87 मंदिर-तीर्थ · 38 राज्य-प्रदेश · 6 देश
केदारनाथकेदारनाथ, उत्तराखंडज्योतिर्लिंग 11/12 · छोटा चार धाम 3/4 · पंच केदार 1/5अपनी ज्ञान-यात्रा चुनें

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सभी 56 पन्ने, श्रेणी के अनुसार

सम्प्रदाय
21 पन्नेशैव, वैष्णव, शाक्त और स्मार्त परंपराएँ, उनके आचार्य और दर्शन
- सूची · 7हिंदू धर्म के प्रमुख सम्प्रदायचार प्रमुख सम्प्रदाय और षण्मत के छह मार्ग, देवता और दर्शन के साथ
- सूची · 4वैष्णव के चार सम्प्रदायश्री, ब्रह्म, रुद्र और सनकादि: आचार्य, दर्शन और केंद्र
- सूची · 4शंकराचार्य के चार मठ (पीठ)चार आम्नाय मठ: दिशा, वेद, महावाक्य और पहले आचार्य
- शैव सम्प्रदायशिव को परम मानने वाली परंपरा: शाखाएँ, ग्रंथ, तिलक और पर्व
- वैष्णव सम्प्रदायविष्णु और उनके अवतारों की भक्ति: आचार्य, दर्शन, ग्रंथ और तिलक
- शाक्त सम्प्रदायदेवी को परम मानने वाली परंपरा: ग्रंथ, केंद्र और पर्व
- स्मार्त सम्प्रदायस्मृति पर चलने वाली परंपरा: पंचायतन पूजा और शंकराचार्य का अद्वैत
- पुष्टिमार्गवल्लभाचार्य का कृष्ण-भक्ति मार्ग: श्रीनाथजी, शुद्धाद्वैत और सेवा
- निम्बार्क सम्प्रदायनिम्बार्काचार्य की परंपरा: द्वैताद्वैत और राधा-कृष्ण उपासना
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- श्री वैष्णव सम्प्रदायरामानुज की परंपरा: लक्ष्मी-नारायण, विशिष्टाद्वैत और दिव्य प्रबंधम
- माध्व सम्प्रदायमध्वाचार्य की परंपरा: द्वैत (तत्त्ववाद), उडुपी के श्रीकृष्ण और अष्ट मठ
- गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदायचैतन्य महाप्रभु की परंपरा: राधा-कृष्ण भक्ति, संकीर्तन और अचिन्त्य भेदाभेद
- रामानंदी सम्प्रदायरामानंद की परंपरा: राम-सीता भक्ति, वैरागी साधु और अयोध्या
- वारकरी सम्प्रदायपंढरपुर के विट्ठल की भक्ति: वारी, अभंग और संत-परंपरा
- स्वामीनारायण सम्प्रदायसहजानंद स्वामी की परंपरा: शिक्षापत्री, वचनामृत और दो गादियाँ
- शैव सिद्धांतदक्षिण की आगम-परंपरा: पति, पशु, पाश और तमिल तिरुमुरै
- काश्मीर शैव दर्शन (त्रिक)कश्मीर का अद्वैत शैव दर्शन: शिव सूत्र, प्रत्यभिज्ञा और अभिनवगुप्त
- वीरशैव और लिंगायतइष्टलिंग धारण करने वाली कर्नाटक की शैव परंपरा: बसवण्णा, वचन और षट्स्थल
- नाथ सम्प्रदायशिव को आदिनाथ मानने वाले योगी: गोरखनाथ, कनफटा और हठयोग
- श्रीकुलललिता त्रिपुरसुंदरी की शाक्त धारा: श्रीविद्या, श्रीचक्र और ललिता सहस्रनाम
- कालीकुलकाली और दस महाविद्याओं की शाक्त धारा: बंगाल, असम और पूर्वी भारत

देवी-देवता
17 पन्नेदेवी-देवता, उनका परिवार और शास्त्रों में उल्लेख
- शिवत्रिदेवों में संहार और पुनर्सृजन के देवता। शैव परंपरा में परम ब्रह्म।
- गणेशशिव और पार्वती के पुत्र, विघ्नहर्ता और हर शुभ कार्य में प्रथम पूज्य। वाहन मूषक।
- श्रीरामरामायण के नायक, अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र। विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं।
- श्रीकृष्णभगवद्गीता के वक्ता, वसुदेव और देवकी के पुत्र। विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं।
- हनुमानरामायण के प्रमुख पात्र और श्रीराम के परम भक्त। वानरराज सुग्रीव के मंत्री।
- दुर्गाआदिशक्ति का रूप, जिनके नौ रूप नवरात्रि में पूजे जाते हैं। दुर्गा सप्तशती में वे महिषासुर और शुम्भ-निशुम्भ जैसे असुरों का संहार करती हैं।
सभी 17 देखेंकम दिखाएँ
- लक्ष्मीधन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी, भगवान विष्णु की पत्नी। भागवत पुराण के अनुसार समुद्र मंथन से प्रकट हुईं।
- शैलपुत्रीनवदुर्गा का पहला रूप, जिनकी पूजा नवरात्रि के पहले दिन होती है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने से नाम शैलपुत्री; बैल पर सवार, हाथ में त्रिशूल और कमल।
- ब्रह्मचारिणीनवदुर्गा का दूसरा रूप, नवरात्रि के दूसरे दिन पूजित। यहाँ ‘ब्रह्म’ का अर्थ तप है: तप का आचरण करने वाली देवी, हाथों में जप-माला और कमंडल।
- चंद्रघंटानवदुर्गा का तीसरा रूप, नवरात्रि के तीसरे दिन पूजित। मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र होने से नाम चंद्रघंटा; दस भुजाओं में अस्त्र-शस्त्र।
- कूष्मांडानवदुर्गा का चौथा रूप, नवरात्रि के चौथे दिन पूजित। आठ भुजाओं के कारण अष्टभुजा भी कहलाती हैं; वाहन सिंह।
- स्कंदमातानवदुर्गा का पाँचवाँ रूप, नवरात्रि के पाँचवें दिन पूजित। गोद में बाल रूप स्कंद (कार्तिकेय) हैं, इसी से नाम स्कंदमाता।
- कात्यायनीनवदुर्गा का छठा रूप, नवरात्रि के छठे दिन पूजित; वाहन सिंह। भागवत पुराण (10.22.4) में व्रज की कुमारी गोपियाँ कात्यायनी देवी की पूजा करती हैं।
- कालरात्रिनवदुर्गा का सातवाँ रूप, नवरात्रि के सातवें दिन पूजित। घने अंधकार जैसा वर्ण और गधे का वाहन; रूप भयंकर होते हुए भी शुभ फल देने वाली मानी जाती हैं, इसलिए शुभंकरी भी कहलाती हैं।
- महागौरीनवदुर्गा का आठवाँ रूप, दुर्गा अष्टमी को पूजित। अत्यंत गौर वर्ण, श्वेत वस्त्र और श्वेत बैल का वाहन।
- सिद्धिदात्रीनवदुर्गा का नौवाँ रूप, महानवमी को पूजित। चार भुजाओं में चक्र, गदा, शंख और कमल; वाहन सिंह, कमल पर भी विराजमान।

ग्रंथ
6 पन्नेवेद, उपनिषद्, पुराण, रामायण-महाभारत और गीता
- सूची · 1818 पुराणों के नाम18 महापुराण क्रम से, हर एक की श्लोक संख्या और विषय
- सूची · 4चार वेदों के नामऋग्, यजु, साम, अथर्व: हर वेद में क्या है, उपवेद, ब्राह्मण और उपनिषद्
- सूची · 13उपनिषद् कितने हैं और उनके नाम108 उपनिषद्, 10 मुख्य उपनिषद् और हर एक का वेद
- सूची · 7रामायण के 7 कांडवाल्मीकि रामायण के सात कांड, सर्ग संख्या और कथा
- सूची · 18महाभारत के 18 पर्वमहाभारत के 18 पर्व क्रम से, अध्याय और हर पर्व की कथा

तीर्थ और धाम
8 पन्नेचार धाम, ज्योतिर्लिंग, शक्तिपीठ और सप्तपुरी
- सूची · 4चार धाम: बद्रीनाथ, द्वारका, पुरी, रामेश्वरमबद्रीनाथ, द्वारका, पुरी और रामेश्वरम: भारत की चार दिशाओं के चार धाम
- सूची · 4उत्तराखंड के छोटा चार धामयमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ: उत्तराखंड की चार धाम यात्रा क्रम से
- सूची · 5151 शक्तिपीठपीठनिर्णय के 51 शक्तिपीठ: अंग, स्थान, राज्य और देश, मतभेदों के साथ
- सूची · 8अष्टविनायकमहाराष्ट्र के आठ गणपति मंदिर, मोरगाँव से रांजणगाँव तक, यात्रा के क्रम में
- सूची · 7सप्तपुरी: सात मोक्षदायिनी नगरियाँअयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांची, उज्जैन, द्वारका: गरुड पुराण की सात पुरियाँ
- सूची · 5पंच केदारकेदारनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर, कल्पेश्वर: शिव के पाँच केदार
- निर्देशिका · 87मंदिर और तीर्थ87 मंदिर और तीर्थ: सूची, देवता, राज्य और नक्शे से खोजें
- सूची · 1212 ज्योतिर्लिंगशिव के बारह ज्योतिर्लिंग, द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र के क्रम में
अवतार
10 अवतारविष्णु के अवतार और उनकी कथाएँ

ऋषि और संत
7 ऋषिसप्तर्षि, वेदों के ऋषि और भक्ति के संत

सिद्धांत
2 पन्नेधर्म, कर्म, आत्मा और दर्शन के मूल विचार
और भी
5 पन्नेसाइट के दूसरे संग्रह: व्रत-त्योहार, कथा, आरती और पंचांग
गणेश
श्रीराम
श्रीकृष्ण
हनुमान
भगवद्गीता
रामायण
महाभारत