नामकरण: शास्त्रों से नाम

282 नाम, हर एक अपने ग्रंथ और संख्या के साथ: लड़कों के 178, लड़कियों के 104। पहला अक्षर चुनें, या नीचे नाम खोजें।

संक्षेप में

यहाँ 282 नाम हैं, लड़कों के 178 और लड़कियों के 104, जो चार नाम-स्तोत्रों से लिए गए हैं: विष्णुसहस्रनाम (महाभारत), महाभारत का शिवसहस्रनाम, ललिता सहस्रनाम (ब्रह्मांड पुराण) और दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम। हर नाम उसके ग्रंथ के दो अलग-अलग संस्करणों में पढ़ा गया है, उसकी संख्या दी गई है, और अर्थ किसी पारंपरिक टीका या संस्कृत कोश के आधार पर हमारे शब्दों में लिखा गया है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 12 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

पहले अक्षर से नाम

चार ग्रंथ, कितने नाम

  • विष्णु · 148 नाम

    विष्णुसहस्रनाम

    महाभारत, अनुशासन पर्व, अध्याय 149 (गीता प्रेस)

    अर्थ का आधार: शंकराचार्य का भाष्य (आर. अनंतकृष्ण शास्त्री का अनुवाद, 1927)

  • शिव · 30 नाम

    शिवसहस्रनाम (महाभारत)

    महाभारत, अनुशासन पर्व, अध्याय 17: तण्डि ऋषि का स्तोत्र

    अर्थ का आधार: मोनियर-विलियम्स (1899) और आप्टे (1890) के संस्कृत कोश, गीता प्रेस के अर्थ से मिलाकर

  • ललिता (देवी) · 83 नाम

    ललिता सहस्रनाम

    ब्रह्मांड पुराण (हयग्रीव-अगस्त्य संवाद)

    अर्थ का आधार: भास्करराय की सौभाग्यभास्कर टीका (आर. अनंतकृष्ण शास्त्री का अनुवाद, 1925)

  • दुर्गा · 21 नाम

    दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम

    विश्वसार तंत्र; गीता प्रेस की दुर्गा सप्तशती में

    अर्थ का आधार: मोनियर-विलियम्स (1899) और आप्टे (1890) के संस्कृत कोश, गीता प्रेस के अर्थ से मिलाकर

नाम कैसे चुने गए

  • केवल वे नाम लिए गए हैं जो आज भी नाम के रूप में रखे जाते हैं। बहुत लंबे समास, केवल वर्णन वाले नाम (जैसे “सहस्राक्ष”) और जिनका अर्थ बच्चे के नाम के लिए अटपटा हो, वे छोड़ दिए गए।
  • हर नाम उसके ग्रंथ के दो अलग-अलग संस्करणों में पढ़ा गया (नीचे की सूची)। जहाँ दोनों में पाठ अलग था, जैसे महाभारत के शिवसहस्रनाम में “मदन” और पुणे संस्करण का “मदनाकार”, वह नाम छोड़ दिया गया।
  • संख्या ग्रंथ में नाम का क्रम है। विष्णु और ललिता सहस्रनाम में यह sanskritdocuments.org की नामावली और गीता प्रेस से मिलती है; अंग्रेज़ी अनुवादों की गिनती कहीं-कहीं एक से तीन तक आगे-पीछे है।
  • नाम पहले वैसे लिखा है जैसे लोग लिखते हैं (अनंत), फिर ग्रंथ की वर्तनी (अनन्त), फिर रोमन में (Anant)।
  • पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण अवकहड़ा चक्र की उसी तालिका से है जो “नाम से राशि” पन्ने पर है। संयुक्ताक्षर (श्री, क्ष, त्र) में पहला वर्ण लिया जाता है; मात्रा साथ लेने से चरण बदले तो वह पढ़ाई भी दी है।

किसी भी नाम की राशि जानें · 27 नक्षत्र और उनके नाम अक्षर

कम नामों वाले अक्षर

इन अक्षरों से 5 नाम ही चुने गए, इसलिए वे यहीं दिए हैं।

ऊ से नाम

  • ऊर्जित

    Urjitलड़का

    अत्यंत बलशाली

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 156
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    उ → कृत्तिका चरण 3 → वृषभ

ऐ से नाम

  • ऐंद्री

    ऐन्द्रीAindriलड़की

    इंद्र की शक्ति

    स्रोत
    दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम, नाम 53 (गीता प्रेस)
    देवता
    दुर्गा
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 234
    पहला अक्षर
    ए → कृत्तिका चरण 4 → वृषभ

ब से नाम

  • ब्राह्मी

    Brahmiलड़की

    ब्रह्मा की शक्ति; वाणी की देवी सरस्वती

    स्रोत
    दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम, नाम 51 (गीता प्रेस)
    देवता
    दुर्गा
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 742; आप्टे, पृ. 804
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर ब्रा का पहला वर्ण ब; अवकहड़ा चक्र में ब = व: वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ

ल से नाम

  • लक्ष्मी

    Lakshmiलड़की

    सौभाग्य, समृद्धि और सफलता

    स्रोत
    दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम, नाम 58 (गीता प्रेस)
    देवता
    दुर्गा
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 892; आप्टे, पृ. 920
    पहला अक्षर
    ला → अश्विनी चरण 4 → मेष
  • लोकनाथ

    Loknathलड़का

    जिनसे लोक याचना करते हैं, लोकों के स्वामी

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 734
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    लो → भरणी चरण 4 → मेष

ग्रंथ, संस्करण और कोश

नामकरण: सवाल-जवाब

ये नाम कहाँ से लिए गए हैं?

चार नाम-स्तोत्रों से: विष्णुसहस्रनाम (महाभारत, अनुशासन पर्व 149) से 148, महाभारत के शिवसहस्रनाम (अनुशासन पर्व 17) से 30, ललिता सहस्रनाम (ब्रह्मांड पुराण) से 83 और दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम (विश्वसार तंत्र, गीता प्रेस की दुर्गा सप्तशती में) से 21। हर नाम उस स्तोत्र के दो अलग-अलग संस्करणों में मिलाया गया; जो नाम दोनों में एक जैसा नहीं मिला, वह छोड़ दिया गया।

नाम का अर्थ किस आधार पर लिखा है?

विष्णुसहस्रनाम के अर्थ आदि शंकराचार्य के भाष्य पर, ललिता सहस्रनाम के अर्थ भास्करराय की सौभाग्यभास्कर टीका पर, और शिव व दुर्गा के नामों के अर्थ मोनियर-विलियम्स और आप्टे के संस्कृत कोशों (पृष्ठ संख्या सहित) पर आधारित हैं, गीता प्रेस के हिंदी अर्थ से मिलाकर। अर्थ हमारे अपने शब्दों में संक्षेप में हैं; टीका में कई अर्थ हों तो मुख्य एक-दो दिए हैं।

नाम के पहले अक्षर का नक्षत्र और राशि क्यों दी है?

परंपरा में नाम का पहला अक्षर अवकहड़ा चक्र में जिस नक्षत्र-चरण का होता है, उसकी राशि नाम राशि कहलाती है, और कई परिवार नाम जन्म-नक्षत्र के चरण के अक्षर से रखते हैं। इसलिए हर नाम के साथ उसका चरण और राशि दी है। यह अक्षर की तालिका है, कोई भविष्यवाणी नहीं। जन्म का नक्षत्र-चरण जन्म की तारीख, समय और स्थान से निकलता है; उसके लिए जन्म पंचांग देखें।

अनंत या अनन्त: कौन-सी वर्तनी सही है?

दोनों। संस्कृत ग्रंथों में वर्ग का पंचम अक्षर लिखा जाता है (अनन्त, गोविन्द), और हिंदी में अक्सर अनुस्वार (अनंत, गोविंद)। यहाँ नाम पहले वैसे लिखा है जैसे लोग लिखते हैं, और ग्रंथ की वर्तनी अलग हो तो वह साथ में दी है। पहला अक्षर और उसकी राशि दोनों में एक ही रहती है।

क्या ये नाम शुभ या भाग्यशाली हैं?

यह पन्ना किसी नाम को शुभ, अशुभ या भाग्यशाली नहीं बताता। हर नाम के साथ केवल उसका ग्रंथ, संख्या, अर्थ और अक्षर का चरण दिया है। नामकरण संस्कार का दिन और विधि अपने कुल की परंपरा और पुरोहित से पूछें।

स्रोत

  1. विष्णुसहस्रनाम: महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  2. विष्णुसहस्रनाम: विष्णुसहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
  3. विष्णुसहस्रनाम: The Vishnu Sahasranama with the Bhashya of Sri Sankaracharya, tr. R. Ananthakrishna Sastry (Theosophical Publishing House, 1927)
  4. शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  5. शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, पुणे समीक्षित संस्करण (BORI), अनुशासन पर्व, sanskritdocuments.org
  6. ललिता सहस्रनाम: ललिता सहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
  7. ललिता सहस्रनाम: Lalita Sahasranama with Bhaskararaya’s Commentary, tr. R. Ananthakrishna Sastry (2nd ed., 1925)
  8. दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम: सचित्र श्रीदुर्गासप्तशती, अनु. रामनारायणदत्त शास्त्री ‘राम’ (गीता प्रेस, 1961): नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  9. दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम: श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् और नामावली, sanskritdocuments.org
  10. Monier-Williams, A Sanskrit-English Dictionary (1899): कोलोन डिजिटल संस्करण (csl-orig)
  11. V. S. Apte, The Practical Sanskrit-English Dictionary (1890): कोलोन डिजिटल संस्करण (csl-orig)
  12. नाम अक्षर: बृहदवकहडाचक्रम्, शतपदचक्र श्लोक 9–15; पं. सीताराम शर्मा, अति बृहत् अवकहड़ा चक्रम् (1932), पृ. 22–26

कुछ गलत लगा? गलती बताएँ