आज का पंचांग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और राहु काल, आपके शहर के सूर्योदय के अनुसार।

रविवार, 27 सितंबर 2026 · नई दिल्ली

आश्विन कृष्ण प्रतिपदा

प्रतिपदा 20:59 तक, फिर द्वितीया

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
18:12
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 11:07 तक
योग
वृद्धि 11:15 तक
करण (सूर्योदय पर)
बालव
वार
रविवार
मास (पूर्णिमांत / अमांत)
आश्विन / भाद्रपद
चंद्र राशि
मीन
राहु काल
16:42–18:12

गणना: सूर्य-चंद्र की स्थिति (astronomy-engine) और लाहिड़ी अयनांश से। समय भारतीय मानक समय में। स्थानीय पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है।

पंचांग को समझें

तिथि क्या होती है?

चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि है। एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं: शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से पूर्णिमा, कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा से अमावस्या।

पंचांग में दिन की तिथि कैसे तय होती है?

सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है। इसे उदय तिथि कहते हैं। इसलिए अलग शहरों में तिथि का समय थोड़ा अलग होता है।

पूर्णिमांत और अमांत मास में क्या अंतर है?

पूर्णिमांत में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है (उत्तर भारत), अमांत में अमावस्या पर (दक्षिण और पश्चिम भारत)। शुक्ल पक्ष का नाम दोनों में एक है, कृष्ण पक्ष में मास का नाम एक आगे होता है।

राहु काल कैसे निकलता है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। सप्ताह के हर दिन एक तय भाग राहु काल होता है, जैसे सोमवार को दूसरा और शनिवार को तीसरा।