संपादकीय नीति
अंतिम अपडेट:
1. स्रोत
हम तथ्य इस क्रम में लेते हैं: पहले मूल ग्रंथ (वेद, उपनिषद्, इतिहास, पुराण, आगम), फिर उन पर प्रतिष्ठित आचार्यों की टीकाएँ, फिर विद्वानों के प्रामाणिक संस्करण। हर तथ्य के साथ ग्रंथ और जहाँ संभव हो अध्याय व श्लोक संख्या दी जाती है।
2. परंपराओं के मतभेद
जहाँ ग्रंथ या सम्प्रदाय अलग बात कहते हैं, वहाँ हम सभी मत उनके स्रोत के साथ दिखाते हैं और बताते हैं कि कौन सा मत किस परंपरा का है। ज्ञान-ग्राफ़ में ऐसे रिश्ते बिंदुदार रेखा से दिखते हैं। हम किसी सम्प्रदाय को दूसरे से श्रेष्ठ या हीन नहीं बताते।
3. सम्मान
हम किसी धर्म, सम्प्रदाय या समुदाय की निंदा नहीं करते। विवादित विषयों पर ऐतिहासिक संदर्भ और अलग-अलग दृष्टिकोण रखते हैं।
4. अनुवाद
मूल संस्कृत पाठ सार्वजनिक डोमेन में है। हिंदी और अंग्रेज़ी अनुवाद, पद-अर्थ और भावार्थ हमारी टीम लिखती है। हम किसी प्रकाशक का कॉपीराइट वाला अनुवाद नहीं छापते।
5. AI का उपयोग
कुछ सामग्री के पहले ड्राफ़्ट में AI की मदद ली जा सकती है, जैसे सार या अनुवाद का कच्चा रूप। कोई भी सामग्री मनुष्य समीक्षक के पढ़े और स्वीकार किए बिना प्रकाशित नहीं होती। साइट के चित्र AI से बनाए गए प्रतीकात्मक चित्र हैं; हम देवताओं के रूप AI से नहीं बनाते।
6. पंचांग
तिथि, नक्षत्र, योग और करण की गणना सूर्य और चंद्रमा की खगोलीय स्थिति और लाहिड़ी अयनांश से की जाती है। दिन की तिथि सूर्योदय के समय की होती है (उदय तिथि)। अलग परंपराओं में व्रत की तारीख तय करने के नियम अलग हो सकते हैं।
7. सुधार
हर पन्ने पर "गलती बताएँ" का लिंक है। सूचना मिलने पर हम स्रोत से जाँच करते हैं और सही होने पर पन्ना सुधारकर समीक्षा की तारीख बदल देते हैं।