व्रत कथा

व्रत-त्योहारों की पूरी कथाएँ, अगला पर्व सबसे ऊपर।

लोक लघुचित्र शैली में: भोर के समय वन के एक साधारण आश्रम में सादी साड़ी पहने एक युवती हाथ जोड़कर घुटनों के बल बैठी है; सामने सुनहरे प्रकाश में सिंह पर विराजमान आठ भुजाओं वाली देवी दुर्गा, एक हाथ आशीर्वाद में उठा हुआ; पास में पत्ते की थाली पर तेल का दीया और लाल गुड़हल के फूल
चित्र: AI से बनाया गया
संक्षेप में

व्रत कथा वह कहानी है जो व्रत या त्योहार की पूजा के समय सुनी और सुनाई जाती है। यहाँ हर कथा पूरी है, कम से कम दो स्रोतों से मिलाकर अपने शब्दों में लिखी गई है, और जहाँ कथा के अलग-अलग रूप प्रचलित हैं वहाँ वे भी बताए गए हैं।