आरती संग्रह

पूरा पारंपरिक पाठ, हर पद के सरल अर्थ के साथ। पाठ कई प्रकाशित स्रोतों से मिलाया गया है; जहाँ संस्करणों में अंतर है, वहाँ उसका उल्लेख है।

आने वाले पर्वों की आरती

वार के अनुसार आरती

कई घरों की परंपरा में हर दिन किसी एक देवता का होता है। यह रीति है, नियम नहीं।

रविवार
सूर्य देव की आरती: ॐ जय सूर्य भगवान, सूर्य चालीसा, बटुक भैरव चालीसा
सोमवार
शिव जी की आरती: ॐ जय शिव ओंकारा, शिव चालीसा, कर्पूरगौरं करुणावतारं, ॐ नमः शिवाय
मंगलवार
हनुमान जी की आरती: आरती कीजै हनुमान लला की, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, संकटमोचन हनुमानाष्टक
बुधवार
गणेश जी की आरती: जय गणेश जय गणेश देवा, गणेश चालीसा, सुखकर्ता दुखहर्ता: गणपति की मराठी आरती
गुरुवार
बृहस्पति देव की आरती: ॐ जय बृहस्पति देवा, ॐ जय जगदीश हरे, विष्णु चालीसा
शुक्रवार
संतोषी माता की आरती: जय संतोषी माता, संतोषी माता चालीसा, लक्ष्मी जी की आरती: ॐ जय लक्ष्मी माता, लक्ष्मी चालीसा, महालक्ष्मी चालीसा, दुर्गा जी की आरती: जय अम्बे गौरी
शनिवार
शनिदेव की आरती: जय जय श्री शनिदेव, शनि चालीसा, हनुमान चालीसा

आरतियाँ

चालीसा

स्तुति

मंत्र

108 नाम (नामावली)