शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

सर्वपितृ अमावस्या 2026: 10 अक्टूबर को श्राद्ध, कुतुप मुहूर्त 11:45 AM से 12:31 PM

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 2 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ
सर्वपितृ अमावस्या 2026: 10 अक्टूबर को श्राद्ध, कुतुप मुहूर्त 11:45 AM से 12:31 PM. पितृ पक्ष का तर्पण: भोर में घाट पर कुश की अँगूठी पहने हाथ तिल मिले जल को नदी में छोड़ते हुए, पास में लोटा और पिंड
चित्र: AI से बनाया गया
संक्षेप में

सर्वपितृ अमावस्या शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को है। नई दिल्ली में कुतुप मुहूर्त 11:45 AM से 12:31 PM, रौहिण मुहूर्त 12:31 PM से 1:18 PM और अपराह्न काल 1:18 PM से 3:37 PM तक है। इसी दिन पितृ पक्ष पूरा होता है और अगले दिन से नवरात्रि शुरू होती है।

किनका श्राद्ध इस दिन होता है

  • जिनका देहांत अमावस्या, पूर्णिमा या चतुर्दशी तिथि को हुआ हो।
  • जिन पूर्वजों की देहांत तिथि ज्ञात न हो या भूल गई हो।
  • जो पितृ पक्ष में हर तिथि पर श्राद्ध न कर सकें, वे इस दिन सबके लिए एक श्राद्ध करते हैं; इसी से इसे सर्वपितृ अमावस्या कहते हैं।

श्राद्ध का समय

पितृ पक्ष के श्राद्ध पार्वण श्राद्ध हैं। Drik Panchang के अनुसार इन्हें कुतुप मुहूर्त में, या उसके बाद रौहिण मुहूर्त से अपराह्न काल के अंत तक किया जाता है, और अंत में तर्पण होता है। नई दिल्ली में 10 अक्टूबर को यह समय 11:45 AM से 3:37 PM तक है। अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर को रात 9:35 PM से 10 अक्टूबर को रात 9:19 PM तक है।

परंपरा में इस दिन ब्राह्मण भोजन, तिल और वस्त्र का दान, गाय को हरा चारा और दीपक जलाना पुण्य का काम माना जाता है। श्राद्ध की विधि परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग होती है; अपने पुरोहित से पूछकर करें।

अगले दिन से नवरात्रि

पितृ पक्ष के बाद रविवार, 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू होगी। बंगाल में यह अमावस्या महालया कहलाती है, और वहाँ दुर्गा पूजा के उत्सव की शुरुआत इसी दिन से मानी जाती है।

स्रोत

  1. Drik Panchang: अमावस्या श्राद्ध 2026, नई दिल्ली (कुतुप, रौहिण, अपराह्न और तिथि; 29 सितंबर 2026 को मिलान)
  2. मुहूर्त: SanatanBodh पंचांग गणना (दिन के 15 मुहूर्तों में 8वाँ कुतुप, 9वाँ रौहिण; दिन का चौथा पंचमांश अपराह्न)

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