श्राद्ध तिथि कैलकुलेटर: पितृ पक्ष में तिथि कैसे निकालें

संक्षेप में

परंपरा के अनुसार पितृ पक्ष में श्राद्ध मृत्यु तिथि के आधार पर होता है: देहांत के समय चल रही हिंदू तिथि, अंग्रेज़ी तारीख नहीं। नीचे देहांत की तारीख और समय डालें: यह पन्ना उस समय चल रही तिथि निकालकर बताता है कि 2026 में उस तिथि का श्राद्ध किस दिन है। शुक्ल और कृष्ण, दोनों पक्षों की तिथि एक ही गिनी जाती है; पूर्णिमा और अमावस्या के देहांत का श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या (10 अक्टूबर) को होता है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 4 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

देहांत की तारीख से तिथि जानें

तारीख चुनकर “तिथि देखें” दबाएँ। समय न पता हो तो खाली छोड़ दें।

तिथि सूर्य और चंद्रमा के बीच के कोण से निकलती है, इसलिए किसी एक क्षण की तिथि पूरे भारत में एक ही होती है; शहर का उपयोग केवल समय न पता होने पर सूर्योदय के लिए होता है। देहांत भारत से बाहर हुआ हो तो समय को भारतीय समय में बदलकर डालें। हमारा तिथि-समय Drik Panchang से लगभग 2 मिनट आगे-पीछे हो सकता है। आपकी जानकारी इस पन्ने से बाहर नहीं जाती। गणना कैसे होती है

नियम: तारीख नहीं, तिथि

हिंदू परंपरा में वार्षिक श्राद्ध हर साल देहांत की हिंदू तिथि पर किया जाता है। Drik Panchang के अनुसार यह वह तिथि है जो देहांत के क्षण चल रही थी। पितृ पक्ष (आश्विन कृष्ण पक्ष) में उसी तिथि वाले दिन उस पूर्वज का महालय श्राद्ध होता है। शुक्ल पक्ष की सप्तमी हो या कृष्ण पक्ष की, दोनों का श्राद्ध सप्तमी श्राद्ध के दिन होगा।

कुछ परिवार और क्षेत्र अपनी परंपरा से तिथि तय करते हैं (जैसे उस दिन सूर्योदय की तिथि)। ऐसे में अपने परिवार की रीति और पुरोहित की सलाह को ही मानें।

देहांत की तिथि और पितृ पक्ष 2026 का दिन

देहांत की तिथि (किसी भी पक्ष की)श्राद्ध का दिन 2026ध्यान दें
प्रतिपदारविवार, 27 सितंबरनाना-नानी का श्राद्ध भी इस दिन
द्वितीयासोमवार, 28 सितंबर—
तृतीयामंगलवार, 29 सितंबर—
चतुर्थीबुधवार, 30 सितंबरचतुर्थी और पंचमी दोनों इसी दिन
पंचमीबुधवार, 30 सितंबरचतुर्थी और पंचमी दोनों इसी दिन
षष्ठीगुरुवार, 1 अक्टूबर—
सप्तमीशुक्रवार, 2 अक्टूबर—
अष्टमीशनिवार, 3 अक्टूबर—
नवमीरविवार, 4 अक्टूबरमातृ नवमी: माता और परिवार की दिवंगत स्त्रियाँ
दशमीसोमवार, 5 अक्टूबर—
एकादशीमंगलवार, 6 अक्टूबर—
द्वादशीबुधवार, 7 अक्टूबरसंन्यास लेने वालों का श्राद्ध भी इस दिन
त्रयोदशीगुरुवार, 8 अक्टूबर—
चतुर्दशीशुक्रवार, 9 अक्टूबरकेवल अकाल मृत्यु (दुर्घटना, शस्त्र आदि); स्वाभाविक मृत्यु हो तो 10 अक्टूबर
पूर्णिमाशनिवार, 10 अक्टूबरपूर्णिमा को देहांत हो तो श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या पर
अमावस्याशनिवार, 10 अक्टूबरतिथि पता न हो, तब भी यही दिन

दिन Drik Panchang की नई दिल्ली सूची से मिलाए गए हैं। पूरी सूची और अपने शहर का कुतुप मुहूर्त: पितृ पक्ष 2026। सर्वपितृ अमावस्या (10 अक्टूबर) पर 16 शहरों का कुतुप मुहूर्त: अमावस्या अक्टूबर 2026

किसी अपने को याद करना एक भावनात्मक काम है। यह पन्ना केवल तिथि निकालने में मदद करता है; श्राद्ध का दिन, विधि और संकल्प के लिए अपने परिवार के पुरोहित से पुष्टि कर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पितृ पक्ष में श्राद्ध की तिथि सामान्यतः किस आधार पर निर्धारित की जाती है?

परंपरा के अनुसार मृत्यु तिथि के आधार पर: देहांत के समय जो हिंदू (चंद्र) तिथि चल रही थी, पितृ पक्ष में उसी तिथि वाले दिन श्राद्ध किया जाता है। जन्म तिथि, राशि या जन्म नक्षत्र से श्राद्ध की तिथि तय नहीं होती, और अंग्रेज़ी कैलेंडर की तारीख से भी नहीं। Drik Panchang का श्राद्ध तिथि कैलकुलेटर भी देहांत के समय की तिथि लेता है। अपने परिवार की रीति के लिए अपने पुरोहित से पूछ लें।

पितृ पक्ष में श्राद्ध की तिथि कैसे निकालें?

देहांत के समय जो हिंदू तिथि चल रही थी, वही श्राद्ध की तिथि है। तारीख और समय पता हो तो ऊपर के कैलकुलेटर में डालें; पितृ पक्ष में उस तिथि के दिन श्राद्ध किया जाता है।

शुक्ल पक्ष में देहांत हुआ हो तो श्राद्ध कब करें?

पितृ पक्ष में पक्ष नहीं देखा जाता: शुक्ल या कृष्ण, किसी भी पक्ष की पंचमी हो तो श्राद्ध पंचमी श्राद्ध के दिन होगा। Drik Panchang हर तिथि के श्राद्ध के लिए यही बताता है।

देहांत का समय पता न हो तो?

सिर्फ़ तारीख डालें। अगर उस दिन तिथि बदली थी, तो पन्ना दोनों तिथियाँ और बदलने का समय दिखाएगा; सही तिथि के लिए परिवार या पुरोहित से पूछें। तिथि बिल्कुल पता न हो तो सर्वपितृ अमावस्या (10 अक्टूबर) को श्राद्ध करने की परंपरा है।

चतुर्दशी को देहांत हुआ हो तो श्राद्ध कब करें?

Drik Panchang के अनुसार चतुर्दशी श्राद्ध (घात चतुर्दशी, 9 अक्टूबर) केवल उनके लिए है जिनकी मृत्यु दुर्घटना, शस्त्र, विष, आग या पानी जैसे कारण से हुई हो (निर्णयसिन्धु का उल्लेख करते हुए)। स्वाभाविक मृत्यु हो तो श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या को होता है।

क्या मेरी जानकारी कहीं भेजी जाती है?

नहीं। गणना आपके ब्राउज़र में ही होती है; तारीख, समय और शहर इस पन्ने से बाहर नहीं जाते।

स्रोत

  1. Drik Panchang: पितृ पक्ष श्राद्ध तिथियाँ 2026 और हर तिथि के श्राद्ध के पन्ने (प्रतिपदा, नवमी, द्वादशी, चतुर्दशी, अमावस्या, भाद्रपद पूर्णिमा), नई दिल्ली
  2. Drik Panchang: हिंदू श्राद्ध तिथि कैलकुलेटर (देहांत के समय की तिथि)
  3. निर्णयसिन्धु (Drik Panchang के उद्धरण से) — चतुर्दशी श्राद्ध अकाल मृत्यु के लिए
  4. तिथि: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, सूर्य-चंद्र का अंतर); Drik Panchang से मिलान

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