पंचक अप्रैल 2027: कब से कब तक, 3–7 अप्रैल और 30 अप्रैल–5 मई

अप्रैल 2027 में दो पंचक हैं: पहला शनिवार, 3 अप्रैल, 1:33 AM से बुधवार, 7 अप्रैल, 6:26 PM तक, और दूसरा शुक्रवार, 30 अप्रैल, 9:54 AM से बुधवार, 5 मई, 3:15 AM तक (इस महीने शुरू होकर मई 2027 में खत्म)। यह समय पूरे भारत में एक ही है; पाँचों नक्षत्रों का समय नीचे।

अप्रैल 2027 में दो पंचक हैं: पहला शनिवार, 3 अप्रैल, 1:33 AM से बुधवार, 7 अप्रैल, 6:26 PM तक, और दूसरा शुक्रवार, 30 अप्रैल, 9:54 AM से बुधवार, 5 मई, 3:15 AM तक (इस महीने शुरू होकर मई 2027 में खत्म)।
पीछे का चित्र AI से बनाया गया
संक्षेप में

अप्रैल 2027 में दो पंचक हैं: पहला शनिवार, 3 अप्रैल, 1:33 AM से बुधवार, 7 अप्रैल, 6:26 PM तक, और दूसरा शुक्रवार, 30 अप्रैल, 9:54 AM से बुधवार, 5 मई, 3:15 AM तक (इस महीने शुरू होकर मई 2027 में खत्म)। यह समय भारतीय मानक समय में है और पूरे भारत के लिए एक ही है। पंचक में चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में, धनिष्ठा के तीसरे चरण से रेवती के अंत तक रहता है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 3 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

पहला पंचक: 3–7 अप्रैल 2027

शुरू
शनिवार, 3 अप्रैल 2027, 1:33 AM
खत्म
बुधवार, 7 अप्रैल 2027, 6:26 PM
अवधि
4 दिन 17 घंटे

पंचक के पाँच नक्षत्र

नक्षत्रकब सेकब तक
धनिष्ठा (तीसरे चरण से)3 अप्रैल 1:33 AM3 अप्रैल 2:42 PM
शतभिषा3 अप्रैल 2:42 PM4 अप्रैल 4:34 PM
पूर्वा भाद्रपद4 अप्रैल 4:34 PM5 अप्रैल 5:47 PM
उत्तरा भाद्रपद5 अप्रैल 5:47 PM6 अप्रैल 6:24 PM
रेवती6 अप्रैल 6:24 PM7 अप्रैल 6:26 PM

समय भारतीय मानक समय में हैं, पूरे भारत के लिए एक ही।

दूसरा पंचक: 30 अप्रैल–5 मई 2027

शुरू
शुक्रवार, 30 अप्रैल 2027, 9:54 AM
खत्म
बुधवार, 5 मई 2027, 3:15 AM
अवधि
4 दिन 17 घंटे

पंचक के पाँच नक्षत्र

नक्षत्रकब सेकब तक
धनिष्ठा (तीसरे चरण से)30 अप्रैल 9:54 AM30 अप्रैल 11:11 PM
शतभिषा30 अप्रैल 11:11 PM2 मई 1:17 AM
पूर्वा भाद्रपद2 मई 1:17 AM3 मई 2:41 AM
उत्तरा भाद्रपद3 मई 2:41 AM4 मई 3:20 AM
रेवती4 मई 3:20 AM5 मई 3:15 AM

समय भारतीय मानक समय में हैं, पूरे भारत के लिए एक ही।

पंचक कैसे तय होता है

Drik Panchang के अनुसार चंद्रमा के कुंभ और मीन राशि में धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र से गुजरने का योग पंचक कहलाता है। चंद्रमा की निरयण स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) 300° पर पहुँचते ही, यानी कुंभ राशि और धनिष्ठा के तीसरे चरण के आरंभ पर, पंचक शुरू होता है, और 360° पर, यानी रेवती और मीन राशि के अंत पर, खत्म होता है।

Drik Panchang लिखता है कि पंचक के पाँच दिन शुभ कार्यों के लिए वर्जित माने जाते हैं। परंपरा के अनुसार कुछ खास कामों से बचने की बात भी कही जाती है, पर इसकी सूची अलग-अलग स्रोतों में अलग मिलती है; किसी काम का मुहूर्त अपने पुरोहित से पूछें। पंचक के बारे में और

अलग-अलग पंचांगों में 1–2 मिनट का अंतर सामान्य है। गणना कैसे होती है

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अप्रैल 2027 में पंचक कब है?

अप्रैल 2027 में दो पंचक हैं: पहला शनिवार, 3 अप्रैल, 1:33 AM से बुधवार, 7 अप्रैल, 6:26 PM तक, और दूसरा शुक्रवार, 30 अप्रैल, 9:54 AM से बुधवार, 5 मई, 3:15 AM तक (इस महीने शुरू होकर मई 2027 में खत्म)।

अप्रैल 2027 में पंचक कब खत्म होगा?

3–7 अप्रैल वाला पंचक बुधवार, 7 अप्रैल, 6:26 PM पर खत्म होता है और 30 अप्रैल–5 मई वाला पंचक बुधवार, 5 मई, 3:15 AM पर खत्म होता है।

इस महीने के पंचक कितने दिन के हैं?

3–7 अप्रैल वाला पंचक 4 दिन 17 घंटे का है और 30 अप्रैल–5 मई वाला पंचक 4 दिन 17 घंटे का है। पंचक आम तौर पर साढ़े चार से पाँच दिन का होता है: चंद्रमा को कुंभ और मीन राशि पार करने में इतना समय लगता है।

क्या पंचक का समय हर शहर में एक ही है?

हाँ। पंचक का आरंभ और अंत केवल चंद्रमा की स्थिति से तय होता है, सूर्योदय से नहीं, इसलिए यह क्षण पूरे भारत में एक ही है (भारतीय मानक समय)। विदेश में रहने वाले इसे अपने स्थानीय समय में बदल लें।

मई 2027 में पंचक कब है?

गुरुवार, 27 मई, 5:50 PM से मंगलवार, 1 जून, 12:50 PM तक।

स्रोत

  1. Drik Panchang: पंचक की सूची 2027, नई दिल्ली (drikpanchang.com/panchang/panchak-dates-timings.html?year=2027); शुरू और खत्म होने के समय का मिलान, 2 अक्टूबर 2026
  2. Drik Panchang: धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र की सूचियाँ, 2026 और 2027, नई दिल्ली (drikpanchang.com/panchang/nakshatra/daily/); हर नक्षत्र के समय का मिलान, 2 अक्टूबर 2026
  3. SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश): sanatanbodh.in/panchang/ganana-vidhi/

कुछ गलत लगा? गलती बताएँ