पंचक 2026-27 कब है

अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 तक हर पंचक के शुरू और खत्म होने की तारीख और समय, महीने के अनुसार। पंचक का समय पूरे भारत में एक ही है।

सांझ के आकाश में हँसिए जैसा पतला चाँद और एक चमकता ग्रह, नीचे दीयों से जगमगाता पत्थर का प्राचीन मंदिर
चित्र: AI से बनाया गया
संक्षेप में

अगला पंचक बुधवार, 21 अक्टूबर, 7:01 AM से रविवार, 25 अक्टूबर, 7:23 PM तक है (4 दिन 12 घंटे)। अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 तक 16 पंचक हैं, लगभग हर 27 दिन में एक; नीचे हर पंचक के शुरू और खत्म होने का समय महीने के अनुसार है। पंचक का समय पूरे भारत में एक ही है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 3 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

अगला पंचक

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026, 7:01 AM से रविवार, 25 अक्टूबर 2026, 7:23 PM तक

4 दिन 12 घंटे · उस महीने का पन्ना

अक्टूबर 2026 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
21 अक्टूबरबुधवार7:01 AM25 अक्टूबररविवार7:23 PM4 दिन 12 घंटे

नवंबर 2026 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
17 नवंबरमंगलवार3:31 PM22 नवंबररविवार5:55 AM4 दिन 14 घंटे

दिसंबर 2026 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
14 दिसंबरसोमवार10:36 PM19 दिसंबरशनिवार3:59 PM4 दिन 17 घंटे

जनवरी 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
11 जनवरीसोमवार4:36 AM15 जनवरीशुक्रवार11:52 PM4 दिन 19 घंटे

फ़रवरी 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
7 फ़रवरीरविवार10:37 AM12 फ़रवरीशुक्रवार5:43 AM4 दिन 19 घंटे

मार्च 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
6 मार्चशनिवार5:35 PM11 मार्चगुरुवार11:20 AM4 दिन 18 घंटे

अप्रैल 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
3 अप्रैलशनिवार1:33 AM7 अप्रैलबुधवार6:26 PM4 दिन 17 घंटे
30 अप्रैलशुक्रवार9:54 AM5 मईबुधवार3:15 AM4 दिन 17 घंटे

मई 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
30 अप्रैलशुक्रवार9:54 AM5 मईबुधवार3:15 AM4 दिन 17 घंटे
27 मईगुरुवार5:50 PM1 जूनमंगलवार12:50 PM4 दिन 19 घंटे

जून 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
27 मईगुरुवार5:50 PM1 जूनमंगलवार12:50 PM4 दिन 19 घंटे
24 जूनगुरुवार12:51 AM28 जूनसोमवार9:49 PM4 दिन 21 घंटे

जुलाई 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
21 जुलाईबुधवार7:05 AM26 जुलाईसोमवार5:14 AM4 दिन 22 घंटे

अगस्त 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
17 अगस्तमंगलवार1:05 PM22 अगस्तरविवार11:12 AM4 दिन 22 घंटे

सितंबर 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
13 सितंबरसोमवार7:34 PM18 सितंबरशनिवार4:48 PM4 दिन 21 घंटे

अक्टूबर 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
11 अक्टूबरसोमवार2:56 AM15 अक्टूबरशुक्रवार11:30 PM4 दिन 21 घंटे

नवंबर 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
7 नवंबररविवार11:00 AM12 नवंबरशुक्रवार7:56 AM4 दिन 21 घंटे

दिसंबर 2027 में पंचक कब है

शुरूखत्मअवधि
4 दिसंबरशनिवार7:08 PM9 दिसंबरगुरुवार5:27 PM4 दिन 22 घंटे

सभी समय भारतीय मानक समय में हैं और पूरे भारत के लिए एक ही हैं। अलग-अलग पंचांगों में 1–2 मिनट का अंतर सामान्य है। गणना कैसे होती है

पंचक क्या है

Drik Panchang के अनुसार चंद्रमा के कुंभ और मीन राशि में धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र से गुजरने का योग पंचक कहलाता है; पाँच नक्षत्रों के कारण इसका नाम पंचक है।

चंद्रमा की निरयण स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) 300° पर पहुँचते ही, यानी कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण के आरंभ पर, पंचक शुरू होता है, और 360° पर, यानी रेवती नक्षत्र और मीन राशि के अंत पर, खत्म होता है। इस बीच चंद्रमा पाँच नक्षत्रों से गुजरता है: धनिष्ठा का उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती।

चंद्रमा लगभग 27.3 दिन में नक्षत्रों का एक चक्कर पूरा करता है, इसलिए पंचक लगभग हर महीने आता है और लगभग साढ़े चार से पाँच दिन रहता है (इस सूची में 108 से 118 घंटे)। अप्रैल 2027, मई 2027 और जून 2027 में दो पंचक पड़ते हैं, क्योंकि एक पिछले महीने से चलता हुआ आता है या अगले महीने तक जाता है।

पंचक का आरंभ और अंत केवल चंद्रमा की स्थिति से तय होता है, सूर्योदय से नहीं, इसलिए यह क्षण पूरे भारत में एक ही है: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई, सब जगह वही समय (भारतीय मानक समय)। विदेश में रहने वाले इसे अपने स्थानीय समय में बदल लें।

परंपरा में पंचक

Drik Panchang लिखता है कि पंचक के पाँच दिन शुभ कार्यों के लिए वर्जित माने जाते हैं, और अपने दैनिक पंचांग में पंचक को राहु काल और भद्रा जैसे अशुभ समय के साथ दिखाता है। परंपरा के अनुसार पंचक में कुछ खास कामों से बचने की बात भी कही जाती है, पर इन कामों की सूची अलग-अलग स्रोतों में अलग मिलती है; हमने इसे अभी किसी ग्रंथ में स्वयं नहीं जाँचा, इसलिए यहाँ नहीं दी। किसी काम का मुहूर्त अपने पुरोहित से पूछें।

Drik Panchang की पंचक सूची में पंचकों के अलग-अलग नाम नहीं दिए हैं। उसके दैनिक पंचांग में मृत्यु, अग्नि, राज, चोर और रोग पंचक नाम "पंचक रहित मुहूर्त" के अंतर्गत आते हैं: ये हर दिन उदय लग्न के साथ बदलने वाले छोटे-छोटे समय हैं, चंद्रमा के कुंभ और मीन राशि वाले इस पंचक से अलग गणना। कई जगह पंचक शुरू होने के वार से भी ऐसे नाम दिए जाते हैं; हमने यह नियम किसी ग्रंथ में नहीं जाँचा, इसलिए वार के अनुसार नाम नहीं दिए। हर पंचक के शुरू होने का वार सूची में है।

हमने समय कैसे जाँचा

हमने हर पंचक का आरंभ और अंत अपनी पंचांग गणना से निकालकर Drik Panchang की नई दिल्ली की 2026 और 2027 की पंचक सूची से मिलाया। अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 के सभी 16 पंचकों की तारीखें मिलीं, और हर समय Drik Panchang से 2 मिनट के भीतर है (हमारा समय लगभग 1 मिनट बाद आता है)। जो तारीख या समय मेल न खाए, उसे हम नहीं छापते।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचक कब है?

अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 तक के पंचक: 2026 में 21–25 अक्टूबर, 17–22 नवंबर और 14–19 दिसंबर; 2027 में 11–15 जनवरी, 7–12 फ़रवरी, 6–11 मार्च, 3–7 अप्रैल, 30 अप्रैल–5 मई, 27 मई–1 जून, 24–28 जून, 21–26 जुलाई, 17–22 अगस्त, 13–18 सितंबर, 11–15 अक्टूबर, 7–12 नवंबर और 4–9 दिसंबर। हर पंचक के शुरू और खत्म होने का समय ऊपर की सूची में है।

अक्टूबर 2026 में पंचक कब है?

अक्टूबर 2026 में पंचक बुधवार, 21 अक्टूबर, 7:01 AM से रविवार, 25 अक्टूबर, 7:23 PM तक है (4 दिन 12 घंटे)।

पंचक कितने दिन का होता है?

लगभग साढ़े चार से पाँच दिन। चंद्रमा को कुंभ और मीन राशि (60°) पार करने में इतना समय लगता है; उसकी चाल घटती-बढ़ती है, इसलिए अवधि भी थोड़ी बदलती है। अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2027 के 16 पंचक 108 से 118 घंटे के हैं।

क्या पंचक का समय हर शहर में एक ही है?

हाँ। पंचक का आरंभ और अंत केवल चंद्रमा की स्थिति से तय होता है, सूर्योदय से नहीं, इसलिए यह क्षण पूरे भारत में एक ही है: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई, सब जगह वही समय (भारतीय मानक समय)। विदेश में रहने वाले इसे अपने स्थानीय समय में बदल लें।

पंचक कैसे तय होता है?

चंद्रमा की निरयण स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) 300° पर पहुँचते ही, यानी कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण के आरंभ पर, पंचक शुरू होता है, और 360° पर, यानी रेवती नक्षत्र और मीन राशि के अंत पर, खत्म होता है। इस बीच चंद्रमा पाँच नक्षत्रों से गुजरता है: धनिष्ठा का उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती।

पंचक में क्या नहीं करना चाहिए?

Drik Panchang लिखता है कि पंचक के पाँच दिन शुभ कार्यों के लिए वर्जित माने जाते हैं, और अपने दैनिक पंचांग में पंचक को राहु काल और भद्रा जैसे अशुभ समय के साथ दिखाता है। परंपरा के अनुसार पंचक में कुछ खास कामों से बचने की बात भी कही जाती है, पर इन कामों की सूची अलग-अलग स्रोतों में अलग मिलती है; हमने इसे अभी किसी ग्रंथ में स्वयं नहीं जाँचा, इसलिए यहाँ नहीं दी। किसी काम का मुहूर्त अपने पुरोहित से पूछें।

राज पंचक, मृत्यु पंचक जैसे नाम क्या हैं?

Drik Panchang की पंचक सूची में पंचकों के अलग-अलग नाम नहीं दिए हैं। उसके दैनिक पंचांग में मृत्यु, अग्नि, राज, चोर और रोग पंचक नाम "पंचक रहित मुहूर्त" के अंतर्गत आते हैं: ये हर दिन उदय लग्न के साथ बदलने वाले छोटे-छोटे समय हैं, चंद्रमा के कुंभ और मीन राशि वाले इस पंचक से अलग गणना। कई जगह पंचक शुरू होने के वार से भी ऐसे नाम दिए जाते हैं; हमने यह नियम किसी ग्रंथ में नहीं जाँचा, इसलिए वार के अनुसार नाम नहीं दिए। हर पंचक के शुरू होने का वार सूची में है।

स्रोत

  1. Drik Panchang: पंचक की सूची 2026 और 2027, नई दिल्ली (drikpanchang.com/panchang/panchak-dates-timings.html); हर पंचक के शुरू और खत्म होने के समय का मिलान, 2 अक्टूबर 2026
  2. Drik Panchang, दैनिक पंचांग (नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026): पंचक की परिभाषा, अशुभ समय में पंचक, और पंचक रहित मुहूर्त
  3. SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश): sanatanbodh.in/panchang/ganana-vidhi/

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