बक्रेश्वर (वक्रेश्वर) पीठनिर्णय के 51 शक्तिपीठों में से एक है, जो पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में दुबराजपुर के पास है; बीरभूम ज़िले की सरकारी वेबसाइट भी इसे 51 शक्तिपीठों में गिनती है। ग्रंथ के अनुसार यहाँ सती का "मन" गिरा, देवी महिषमर्दिनी और भैरव वक्रनाथ हैं, और ग्रंथ यहाँ पापहरा नदी का नाम भी लेता है।
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- देवता
- महिषमर्दिनी
- परंपरा
- शाक्त
- तीर्थ-सूची
- 51 शक्तिपीठ 46/51
- स्थान
- बक्रेश्वर, दुबराजपुर के पास, बीरभूम ज़िला; पापहरा नदी के पास
- राज्य
- पश्चिम बंगाल
- देश
- भारत
शिव मंदिर और गर्म कुंड
बीरभूम ज़िले की वेबसाइट के अनुसार यहाँ के शिव "बक्रेश्वर" कहलाते हैं, और परंपरा के अनुसार अष्टावक्र मुनि ने यहाँ बहुत वर्षों तक तप करके शिव की कृपा पाई। पश्चिम बंगाल पर्यटन (2022) के अनुसार यहाँ आठ गर्म जल के कुंड हैं, जिनमें सबसे गर्म अग्निकुंड का पानी लगभग 93 डिग्री सेल्सियस का है, और हर वर्ष शिवरात्रि पर बड़ा मेला लगता है।
बक्रेश्वर कैसे पहुँचें
- पश्चिम बंगाल पर्यटन (2022) के अनुसार: सिउड़ी से लगभग 24 किमी दक्षिण-पश्चिम, दुबराजपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 7 किमी।
प्रमुख त्योहार
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- पश्चिम बंगाल पर्यटन यहाँ सती का माथा और भौंहें (भ्रूमध्य) गिरना बताता था और देवी को काली कहता था; पीठनिर्णय "मन" और देवी महिषमर्दिनी।
- विकिडेटा में मंदिर के निर्देशांक नहीं हैं, केवल गाँव के, इसलिए यहाँ मानचित्र नहीं दिया गया।
- सरकार के अनुसार मूल पीठनिर्णय में शायद 42 नाम थे और अंतिम आठ पीठ (नलहाटी से विराट तक) बाद में जोड़े गए; यह पीठ उन आठ में है।
- पीठों की गिनती ग्रंथ के अनुसार अलग है: पीठनिर्णय 51 गिनाता है, बंगाल की कुछ सूचियाँ 52, देवी भागवत (7.30) 108 स्थान देवी के नामों के साथ देता है, और पुराने तंत्र केवल चार पीठ गिनाते हैं (सरकार)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बक्रेश्वर शक्तिपीठ में सती का कौन सा अंग गिरा था?
पीठनिर्णय के अनुसार "मन"; स्थानीय परंपरा (पश्चिम बंगाल पर्यटन) भौंहों के बीच का भाग बताती है। देवी महिषमर्दिनी और भैरव वक्रनाथ हैं।
बक्रेश्वर शक्तिपीठ कहाँ है?
बक्रेश्वर शक्तिपीठ बक्रेश्वर, दुबराजपुर के पास, बीरभूम ज़िला; पापहरा नदी के पास, पश्चिम बंगाल में है।
बक्रेश्वर किन तीर्थ-सूचियों में है?
51 शक्तिपीठ (सूची में 51 में से 46वाँ)।
बक्रेश्वर कैसे पहुँचें?
पश्चिम बंगाल पर्यटन (2022) के अनुसार: सिउड़ी से लगभग 24 किमी दक्षिण-पश्चिम, दुबराजपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 7 किमी।
स्रोत
- डी. सी. सरकार, द शाक्त पीठ्स (जर्नल ऑफ़ द रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल 1948; मोतीलाल बनारसीदास, 1973): पीठनिर्णय की तालिका पृ. 35-37, इस पीठ पर टिप्पणी पृ. 57 (archive.org)
- वाचस्पत्यम् (तारानाथ तर्कवाचस्पति), "पीठ": तंत्रचूडामणि से उद्धृत पीठ-सूची (कोलोन डिजिटल संस्कृत कोश, sanskrit-lexicon.uni-koeln.de)
- बीरभूम ज़िला (birbhum.gov.in): गैलरी, Bakreswar Temple
- पश्चिम बंगाल पर्यटन (wbtourism.gov.in), "Bakreswar Temple", शक्तिपीठ खंड (26 नवंबर 2022 की वेब आर्काइव प्रति: web.archive.org/web/20221126000335/https://www.wbtourism.gov.in/destination/place/bakreshwar_temple; पृष्ठ अब साइट पर नहीं)
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