संक्षेप में
मिथिला पीठनिर्णय के 51 शक्तिपीठों में से एक है; ग्रंथ के अनुसार यहाँ सती का बायाँ कंधा गिरा, देवी उमा (महादेवी) और भैरव महोदर हैं। इतिहासकार डी. सी. सरकार इसे नेपाल की तराई का जनकपुर मानते हैं; ग्रंथ कोई मंदिर नहीं बताता।
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- देवता
- उमा (महादेवी)
- परंपरा
- शाक्त
- तीर्थ-सूची
- 51 शक्तिपीठ 43/51
- स्थान
- जनकपुर, नेपाल की तराई
- राज्य
- मधेश प्रदेश
- देश
- नेपाल
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- बिहार के मिथिला क्षेत्र के कुछ मंदिर भी इस पीठ के रूप में बताए जाते हैं, पर मधुबनी और सहरसा ज़िलों की सरकारी वेबसाइटें अपने भगवती मंदिरों (उच्चैठ, महिषी) को शक्तिपीठ नहीं कहतीं।
- आज की कुछ लोकप्रिय सूचियाँ इस पीठ को किसी मंदिर से जोड़ती हैं, पर इसके लिए हमें कोई आधिकारिक या विद्वत स्रोत नहीं मिला; इसलिए यहाँ न कोई मंदिर बताया गया है, न मानचित्र।
- पीठों की गिनती ग्रंथ के अनुसार अलग है: पीठनिर्णय 51 गिनाता है, बंगाल की कुछ सूचियाँ 52, देवी भागवत (7.30) 108 स्थान देवी के नामों के साथ देता है, और पुराने तंत्र केवल चार पीठ गिनाते हैं (सरकार)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मिथिला शक्तिपीठ में सती का कौन सा अंग गिरा था?
पीठनिर्णय के अनुसार बायाँ कंधा; देवी उमा (महादेवी) और भैरव महोदर हैं।
मिथिला शक्तिपीठ कहाँ है?
मिथिला शक्तिपीठ जनकपुर, नेपाल की तराई, मधेश प्रदेश (नेपाल) में है।
मिथिला शक्तिपीठ किन तीर्थ-सूचियों में है?
51 शक्तिपीठ (सूची में 51 में से 43वाँ)।
स्रोत
- डी. सी. सरकार, द शाक्त पीठ्स (जर्नल ऑफ़ द रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल 1948; मोतीलाल बनारसीदास, 1973): पीठनिर्णय की तालिका पृ. 35-37, इस पीठ पर टिप्पणी पृ. 56 (archive.org)
- वाचस्पत्यम् (तारानाथ तर्कवाचस्पति), "पीठ": तंत्रचूडामणि से उद्धृत पीठ-सूची (कोलोन डिजिटल संस्कृत कोश, sanskrit-lexicon.uni-koeln.de)
- मधुबनी ज़िला (madhubani.nic.in): दर्शनीय स्थान; सहरसा ज़िला (saharsa.nic.in): श्री उग्रतारा स्थान, महिषी
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