आज का राहु काल: विशाखापत्तनम

शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार आज राहु काल कब से कब तक है, साथ में यमगंड, गुलिक काल, कल का समय और अगले 7 दिन।

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

राहु काल11:45 AM–1:14 PMसुबह 11:45 से दोपहर 1:14 बजे तक
यमगंड7:18–8:47 AMसुबह 7:18 से 8:47 बजे तक
गुलिक काल10:16–11:45 AMसुबह 10:16 से 11:45 बजे तक
सूर्योदय / सूर्यास्त
5:49 AM / 5:41 PM
दिनमान
11 घंटे 52 मिनट
राहु काल दिन का
पाँचवाँ भाग (8 में से)
राहु काल की अवधि
1 घंटा 29 मिनट

समय भारतीय मानक समय में; Drik Panchang से मिलान, एक मिनट तक का अंतर संभव। विशाखापत्तनम का पूरा पंचांग

संक्षेप में

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में राहु काल सुबह 11:45 से दोपहर 1:14 बजे तक (11:45 AM–1:14 PM) है। यमगंड सुबह 7:18 से 8:47 बजे तक और गुलिक काल सुबह 10:16 से 11:45 बजे तक है। कल, 8 अक्टूबर (गुरुवार) को राहु काल दोपहर 1:14 से 2:43 बजे तक रहेगा।

कल का राहु काल, यमगंड और गुलिक काल: विशाखापत्तनम

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 · सूर्योदय 5:49 AM, सूर्यास्त 5:40 PM

राहु काल
1:14–2:43 PMदोपहर 1:14 से 2:43 बजे तक
यमगंड
5:49–7:18 AMसुबह 5:49 से 7:18 बजे तक
गुलिक काल
8:47–10:16 AMसुबह 8:47 से 10:16 बजे तक

अगले 7 दिन: विशाखापत्तनम में राहु काल, यमगंड और गुलिक काल

तारीखराहु कालयमगंडगुलिक काल
बुध, 7 अक्टू॰11:45 AM–1:14 PM7:18–8:47 AM10:16–11:45 AM
गुरु, 8 अक्टू॰1:14–2:43 PM5:49–7:18 AM8:47–10:16 AM
शुक्र, 9 अक्टू॰10:15–11:44 AM2:42–4:11 PM7:18–8:47 AM
शनि, 10 अक्टू॰8:47–10:15 AM1:13–2:42 PM5:49–7:18 AM
रवि, 11 अक्टू॰4:10–5:38 PM11:44 AM–1:12 PM2:41–4:10 PM
सोम, 12 अक्टू॰7:18–8:47 AM10:15–11:44 AM1:12–2:41 PM
मंगल, 13 अक्टू॰2:40–4:08 PM8:47–10:15 AM11:43 AM–1:12 PM

राहु काल क्या है और कैसे गिना जाता है

राहु काल (राहु कालम्) दिन का लगभग डेढ़ घंटे का वह समय है जिसमें परंपरा के अनुसार कोई नया शुभ काम शुरू नहीं किया जाता। इसका नाम राहु से है, जो नवग्रहों में गिना जाता है। गिनती सीधी है: सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय (दिनमान) को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और हर वार का एक तय भाग राहु काल होता है।

सोमवार को दूसरा भाग, शनिवार को तीसरा, शुक्रवार को चौथा, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, मंगलवार को सातवाँ और रविवार को आठवाँ (अंतिम) भाग राहु काल है; सूर्योदय के बाद का पहला भाग किसी दिन राहु काल नहीं होता। Drik Panchang यही क्रम देता है। यमगंड और गुलिक काल भी इसी तरह हर वार के तय भाग हैं, नीचे की तालिका में।

उदाहरण: नई दिल्ली, सोमवार, 21 जून 2027। सूर्योदय 5:24 AM और सूर्यास्त 7:22 PM पर है, यानी दिनमान 13 घंटे 58 मिनट। इसका आठवाँ हिस्सा लगभग 104.8 मिनट है। सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यानी सूर्योदय से एक भाग बाद शुरू होता है: 7:09 AM से 8:53 AM तक। Drik Panchang भी उस दिन 7:09 से 8:53 AM देता है।

वार के अनुसार राहु काल, यमगंड और गुलिक काल

वारराहु कालयमगंडगुलिक काल
सोमवारदूसरा भाग
7:30–9:00 AM
चौथा भाग
10:30 AM–12:00 PM
छठा भाग
1:30–3:00 PM
मंगलवारसातवाँ भाग
3:00–4:30 PM
तीसरा भाग
9:00–10:30 AM
पाँचवाँ भाग
12:00–1:30 PM
बुधवारपाँचवाँ भाग
12:00–1:30 PM
दूसरा भाग
7:30–9:00 AM
चौथा भाग
10:30 AM–12:00 PM
गुरुवारछठा भाग
1:30–3:00 PM
पहला भाग
6:00–7:30 AM
तीसरा भाग
9:00–10:30 AM
शुक्रवारचौथा भाग
10:30 AM–12:00 PM
सातवाँ भाग
3:00–4:30 PM
दूसरा भाग
7:30–9:00 AM
शनिवारतीसरा भाग
9:00–10:30 AM
छठा भाग
1:30–3:00 PM
पहला भाग
6:00–7:30 AM
रविवारआठवाँ भाग
4:30–6:00 PM
पाँचवाँ भाग
12:00–1:30 PM
सातवाँ भाग
3:00–4:30 PM

भाग = दिनमान के आठ बराबर भागों में से, सूर्योदय से गिनकर। छोटे अक्षरों का समय उस दिन का है जब सूर्योदय ठीक 6 बजे और सूर्यास्त ठीक 6 बजे हो; कई जगह लिखा “सोमवार को 7:30 से 9:00” इसी से आता है। असली समय हर दिन और हर शहर में बदलता है, इसलिए ऊपर अपने शहर का समय देखें।

परंपरा में राहु काल, यमगंड और गुलिक काल

परंपरा के अनुसार राहु काल में कोई नया शुभ काम शुरू नहीं किया जाता, जैसे विवाह की रस्में, सगाई, गृह प्रवेश या नया व्यापार। जो काम पहले से शुरू हो चुका है, वह राहु काल में भी चलता रहता है; यह विचार केवल किसी काम की शुरुआत के लिए है। Drik Panchang के अनुसार दक्षिण भारत में राहु काल का विशेष ध्यान रखा जाता है। किसी खास काम का मुहूर्त अपने पुरोहित से पूछना अच्छा है।

यमगंड (यमगण्ड) और गुलिक काल भी दिन के आठ भागों में से हर वार का एक तय भाग हैं। Drik Panchang अपने दैनिक पंचांग में राहु काल, यमगंड और गुलिक काल, तीनों को “अशुभ समय” में देता है, और यह पेज तीनों का आज का समय देता है।

राहु काल और चौघड़िया दोनों दिन को आठ बराबर भागों में बाँटते हैं, इसलिए राहु काल हमेशा दिन के किसी एक चौघड़िया के साथ पड़ता है; चौघड़िया पेज पर वह चौघड़िया अलग से दिखाया गया है। आज का चौघड़िया: विशाखापत्तनम

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 3 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

राहु काल: सवाल-जवाब

आज विशाखापत्तनम में राहु काल कितने बजे है?

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में राहु काल सुबह 11:45 से दोपहर 1:14 बजे तक (11:45 AM–1:14 PM) है। बुधवार को राहु काल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) के आठ बराबर भागों में पाँचवाँ भाग होता है; उस दिन विशाखापत्तनम में सूर्योदय 5:49 AM और सूर्यास्त 5:41 PM पर है।

कल विशाखापत्तनम में राहु काल, यमगंड और गुलिक काल कितने बजे है?

कल, गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में राहु काल दोपहर 1:14 से 2:43 बजे तक (1:14–2:43 PM) रहेगा। उस दिन यमगंड 5:49–7:18 AM और गुलिक काल 8:47–10:16 AM है। अगले 7 दिनों का समय ऊपर की तालिका में है।

आज विशाखापत्तनम में यमगंड और गुलिक काल कब है?

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में यमगंड सुबह 7:18 से 8:47 बजे तक (7:18–8:47 AM) और गुलिक काल सुबह 10:16 से 11:45 बजे तक (10:16–11:45 AM) है। राहु काल की तरह ये दोनों भी दिन के आठ भागों में से वार के अनुसार तय एक-एक भाग हैं: बुधवार को यमगंड दूसरा और गुलिक काल चौथा भाग।

राहु काल कैसे निकाला जाता है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय (दिनमान) को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। हर वार का एक भाग राहु काल है: सोमवार को दूसरा, शनिवार को तीसरा, शुक्रवार को चौथा, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, मंगलवार को सातवाँ और रविवार को आठवाँ। सूर्योदय के बाद का पहला भाग किसी दिन राहु काल नहीं होता। Drik Panchang भी यही नियम देता है।

क्या राहु काल हमेशा डेढ़ घंटे का होता है?

नहीं। राहु काल दिनमान का आठवाँ भाग है, इसलिए यह ठीक डेढ़ घंटे का तभी होता है जब दिन 12 घंटे का हो। नई दिल्ली में सोमवार, 21 जून 2027 के लंबे दिन में राहु काल 7:09–8:53 AM (1 घंटा 44 मिनट) है, और सोमवार, 21 दिसंबर 2026 के छोटे दिन में 8:27–9:44 AM (1 घंटा 17 मिनट); दोनों Drik Panchang से मिलान किए हुए।

राहु काल में क्या नहीं किया जाता?

परंपरा के अनुसार राहु काल में कोई नया शुभ काम शुरू नहीं किया जाता, जैसे विवाह की रस्में, सगाई, गृह प्रवेश या नया व्यापार। जो काम पहले से शुरू हो चुका है, वह राहु काल में भी चलता रहता है; यह विचार केवल शुरुआत के लिए है (Drik Panchang)। किसी खास काम का मुहूर्त अपने पुरोहित से पूछना अच्छा है।

क्या रात में भी राहु काल होता है?

कुछ लोग रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक) को भी आठ भागों में बाँटकर रात का राहु काल गिनते हैं, पर यह कम प्रचलित है। आम पंचांग, जैसे Drik Panchang, दिन का राहु काल देते हैं, क्योंकि शुभ काम ज़्यादातर दिन में शुरू होते हैं। यह पेज भी दिन का राहु काल देता है।

क्या राहु काल हर शहर में अलग होता है?

हाँ। वार का भाग हर जगह वही रहता है, पर हर शहर का सूर्योदय और सूर्यास्त अलग होता है, इसलिए घड़ी का समय बदल जाता है। बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में राहु काल 11:45 AM–1:14 PM और मुंबई में 12:26–1:55 PM है। पास के शहरों में भी एक-दो मिनट का अंतर हो सकता है।

ये समय कितने सही हैं?

समय विशाखापत्तनम (17.69° उ., 83.22° पू.) के सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाले गए हैं, भारतीय मानक समय में; सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा खुले क्षितिज पर दिखता है। नई दिल्ली, नोएडा, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, बेंगलुरु, अमृतसर और गुवाहाटी में सातों वारों की 24 तारीखों (अक्टूबर 2026 से जून 2027) पर Drik Panchang से मिलान में राहु काल, यमगंड और गुलिक काल 1 मिनट के भीतर मिले।

स्रोत

  1. Drik Panchang, राहु काल (drikpanchang.com/panchang/rahu-kaal.html): हर वार का भाग (सोमवार दूसरा, शनिवार तीसरा, शुक्रवार चौथा, बुधवार पाँचवाँ, गुरुवार छठा, मंगलवार सातवाँ, रविवार आठवाँ), नया काम शुरू न करने और शुरू हो चुके काम को जारी रखने की बात, दक्षिण भारत में इसका विशेष चलन, और रात के राहु काल का कम प्रचलन।
  2. Drik Panchang, दैनिक पंचांग (drikpanchang.com/panchang/day-panchang.html): नई दिल्ली, नोएडा, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, बेंगलुरु, अमृतसर और गुवाहाटी में 24 तारीखों (सातों वार, अक्टूबर 2026 से जून 2027) के राहु काल, यमगंड, गुलिक काल, सूर्योदय और सूर्यास्त से मिलान, 1 मिनट के भीतर; वहाँ ये तीनों “अशुभ समय” में दिए गए हैं।
  3. SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine से सूर्योदय-सूर्यास्त); विधि: sanatanbodh.in/panchang/ganana-vidhi/

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शहर के अनुसार आज का राहु काल