सुगंधा पीठनिर्णय के 51 शक्तिपीठों में से एक है; ग्रंथ के अनुसार यहाँ सती की नासिका (नाक) गिरी, देवी सुनंदा और भैरव त्र्यंबक हैं। इतिहासकार डी. सी. सरकार इसे बांग्लादेश में बरिशाल के पास सुगंधा (सोंधा) नदी के तट का शिकारपुर मानते हैं, और बांग्लापीडिया की सूची भी यहाँ नाक गिरना बताती है।
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- देवता
- सुनंदा
- परंपरा
- शाक्त
- तीर्थ-सूची
- 51 शक्तिपीठ 3/51
- स्थान
- शिकारपुर, उजिरपुर उपज़िला, बरिशाल ज़िला; सुगंधा (संध्या) नदी के तट पर
- राज्य
- बरिशाल संभाग
- देश
- बांग्लादेश
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- शिकारपुर-उजिरपुर यूनियन और उजिरपुर उपज़िला के सरकारी पोर्टल वहाँ के तारबाड़ी के दुर्गा और उग्रतारा मंदिरों को गिनाते हैं, पर किसी को शक्तिपीठ नहीं कहते; कौन सा मंदिर पीठ है, यह हमें किसी विश्वसनीय स्रोत में नहीं मिला, इसलिए यहाँ मानचित्र नहीं दिया गया।
- पीठों की गिनती ग्रंथ के अनुसार अलग है: पीठनिर्णय 51 गिनाता है, बंगाल की कुछ सूचियाँ 52, देवी भागवत (7.30) 108 स्थान देवी के नामों के साथ देता है, और पुराने तंत्र केवल चार पीठ गिनाते हैं (सरकार)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सुगंधा शक्तिपीठ कहाँ है और यहाँ कौन सा अंग गिरा था?
बांग्लादेश में, बरिशाल ज़िले के उजिरपुर उपज़िले के शिकारपुर में, सुगंधा (संध्या) नदी के तट पर। पीठनिर्णय के अनुसार यहाँ सती की नाक गिरी; देवी सुनंदा और भैरव त्र्यंबक हैं।
सुगंधा शक्तिपीठ, शिकारपुर किन तीर्थ-सूचियों में है?
51 शक्तिपीठ (सूची में 51 में से 3वाँ)।
स्रोत
- डी. सी. सरकार, द शाक्त पीठ्स (जर्नल ऑफ़ द रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल 1948; मोतीलाल बनारसीदास, 1973): पीठनिर्णय की तालिका पृ. 35-37, इस पीठ पर टिप्पणी पृ. 44 (archive.org)
- वाचस्पत्यम् (तारानाथ तर्कवाचस्पति), "पीठ": तंत्रचूडामणि से उद्धृत पीठ-सूची (कोलोन डिजिटल संस्कृत कोश, sanskrit-lexicon.uni-koeln.de)
- बांग्लापीडिया (एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बांग्लादेश), "शाक्त-पीठ" (मासाहिको तोगावा): बांग्लादेश के पीठों की तालिका
- शिकारपुर-उजिरपुर यूनियन परिषद, दर्शनीय स्थान (shikerpurwazirpurup.barisal.gov.bd); उजिरपुर उपज़िला, मंदिरों की सूची (wazirpur.barishal.gov.bd)
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