भैरव पर्वत पीठनिर्णय के 51 शक्तिपीठों में से एक है; ग्रंथ के अनुसार यहाँ सती का ऊपर का होंठ गिरा, देवी अवंती और भैरव लंबकर्ण हैं। देवी के नाम "अवंती" से इतिहासकार डी. सी. सरकार इसे पश्चिम मालवा, यानी उज्जैन के क्षेत्र में मानते हैं, पर कोई निश्चित स्थान नहीं बताते।
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- देवता
- अवंती
- परंपरा
- शाक्त
- तीर्थ-सूची
- 51 शक्तिपीठ 39/51
- स्थान
- अनिश्चित: देवी के नाम (अवंती) से पश्चिम मालवा, उज्जैन का क्षेत्र
- राज्य
- मध्य प्रदेश (संभावित)
- देश
- भारत
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट नगर के हरसिद्धि मंदिर को 13वाँ शक्तिपीठ (उज्जयिनी) बताती है, इस पीठ से नहीं जोड़ती।
- आज की कुछ लोकप्रिय सूचियाँ इस पीठ को किसी मंदिर से जोड़ती हैं, पर इसके लिए हमें कोई आधिकारिक या विद्वत स्रोत नहीं मिला; इसलिए यहाँ न कोई मंदिर बताया गया है, न मानचित्र।
- पीठों की गिनती ग्रंथ के अनुसार अलग है: पीठनिर्णय 51 गिनाता है, बंगाल की कुछ सूचियाँ 52, देवी भागवत (7.30) 108 स्थान देवी के नामों के साथ देता है, और पुराने तंत्र केवल चार पीठ गिनाते हैं (सरकार)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भैरव पर्वत शक्तिपीठ में सती का कौन सा अंग गिरा था?
पीठनिर्णय के अनुसार ऊपर का होंठ; देवी अवंती और भैरव लंबकर्ण हैं। स्थान संभवतः उज्जैन का क्षेत्र है, निश्चित नहीं।
भैरव पर्वत शक्तिपीठ कहाँ है?
भैरव पर्वत शक्तिपीठ अनिश्चित: देवी के नाम (अवंती) से पश्चिम मालवा, उज्जैन का क्षेत्र, मध्य प्रदेश (संभावित) में है।
भैरव पर्वत शक्तिपीठ किन तीर्थ-सूचियों में है?
51 शक्तिपीठ (सूची में 51 में से 39वाँ)।
स्रोत
- डी. सी. सरकार, द शाक्त पीठ्स (जर्नल ऑफ़ द रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल 1948; मोतीलाल बनारसीदास, 1973): पीठनिर्णय की तालिका पृ. 35-37, इस पीठ पर टिप्पणी पृ. 55 (archive.org)
- वाचस्पत्यम् (तारानाथ तर्कवाचस्पति), "पीठ": तंत्रचूडामणि से उद्धृत पीठ-सूची (कोलोन डिजिटल संस्कृत कोश, sanskrit-lexicon.uni-koeln.de)
- श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन, आधिकारिक वेबसाइट (shrimahakaleshwar.mp.gov.in): "उज्जैन के बारे में"
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