त्रिपुरा के गोमती ज़िले में उदयपुर के पास माताबाड़ी का त्रिपुर सुंदरी मंदिर पीठनिर्णय का त्रिपुरा पीठ है। ग्रंथ के अनुसार यहाँ सती का दाहिना पैर गिरा, देवी त्रिपुर सुंदरी और भैरव त्रिपुरेश हैं; त्रिपुरा सरकार के पृष्ठ इसे 51 शक्तिपीठों में गिनते हैं और बताते हैं कि मंदिर महाराजा धन्य माणिक्य ने 1501 ई. में बनवाया।
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- देवता
- त्रिपुर सुंदरी
- परंपरा
- शाक्त
- तीर्थ-सूची
- 51 शक्तिपीठ 15/51
- स्थान
- माताबाड़ी (राधाकिशोरपुर), उदयपुर, गोमती ज़िला
- राज्य
- त्रिपुरा
- देश
- भारत
- नक्शा
- OpenStreetMap (23.5089, 91.4981)
दर्शन और आरती का समय
| गर्मियों में | सुबह 5:00 से रात 9:00 बजे तक |
|---|---|
| सर्दियों में | सुबह 5:30 से रात 8:30 बजे तक |
इनक्रेडिबल इंडिया (भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय) में दिया समय; मंदिर की अपनी कोई वेबसाइट नहीं मिली।
स्रोत: incredibleindia.gov.inजाँचा: समय बदल सकते हैं; जाने से पहले आधिकारिक स्रोत देख लें।
मंदिर
गोमती ज़िले के अनुसार मंदिर के पास कल्याण सागर नाम की बड़ी झील है। पत्र सूचना कार्यालय (2025) के अनुसार गर्भगृह में दो मूर्तियाँ हैं: लगभग पाँच फ़ुट की त्रिपुर सुंदरी और छोटी "छोटो-माँ" (चंडी); प्रसाद योजना के अंतर्गत परिसर का नया विकास 22 सितंबर 2025 को खुला।
त्रिपुर सुंदरी, उदयपुर कैसे पहुँचें
- त्रिपुरा पर्यटन के अनुसार मंदिर उदयपुर से लगभग 5 किमी और अगरतला से लगभग 57 किमी है; इनक्रेडिबल इंडिया के अनुसार निकटतम हवाई अड्डा महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डा, अगरतला, और रेलवे स्टेशन अगरतला।
प्रमुख त्योहार
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- मंदिर बनवाने वाले राजा का नाम: कोश की सूची में सरकार के आधार पर धर्ममाणिक्य लिखा है, जबकि त्रिपुरा पर्यटन, गोमती ज़िला और इनक्रेडिबल इंडिया, तीनों 1501 ई. के साथ महाराजा धन्य माणिक्य का नाम देते हैं।
- त्रिपुरा पर्यटन इसे "कूर्म (कछुआ) पीठ" भी कहता है; पास के कल्याण सागर के कछुए भी पूजनीय माने जाते हैं।
- पीठों की गिनती ग्रंथ के अनुसार अलग है: पीठनिर्णय 51 गिनाता है, बंगाल की कुछ सूचियाँ 52, देवी भागवत (7.30) 108 स्थान देवी के नामों के साथ देता है, और पुराने तंत्र केवल चार पीठ गिनाते हैं (सरकार)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
त्रिपुर सुंदरी शक्तिपीठ में सती का कौन सा अंग गिरा था?
पीठनिर्णय के अनुसार दाहिना पैर; इनक्रेडिबल इंडिया भी यही बताता है। देवी त्रिपुर सुंदरी और भैरव त्रिपुरेश हैं।
त्रिपुर सुंदरी, उदयपुर शक्तिपीठ कहाँ है?
त्रिपुर सुंदरी, उदयपुर शक्तिपीठ माताबाड़ी (राधाकिशोरपुर), उदयपुर, गोमती ज़िला, त्रिपुरा में है।
त्रिपुर सुंदरी, उदयपुर शक्तिपीठ में दर्शन का समय क्या है?
गर्मियों में: सुबह 5:00 से रात 9:00 बजे तक; सर्दियों में: सुबह 5:30 से रात 8:30 बजे तक। स्रोत: incredibleindia.gov.in, जाँचा 5 अक्टूबर 2026; जाने से पहले आधिकारिक स्रोत पर देख लें।
त्रिपुर सुंदरी, उदयपुर किन तीर्थ-सूचियों में है?
51 शक्तिपीठ (सूची में 51 में से 15वाँ)।
त्रिपुर सुंदरी, उदयपुर कैसे पहुँचें?
त्रिपुरा पर्यटन के अनुसार मंदिर उदयपुर से लगभग 5 किमी और अगरतला से लगभग 57 किमी है; इनक्रेडिबल इंडिया के अनुसार निकटतम हवाई अड्डा महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डा, अगरतला, और रेलवे स्टेशन अगरतला।
स्रोत
- डी. सी. सरकार, द शाक्त पीठ्स (जर्नल ऑफ़ द रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल 1948; मोतीलाल बनारसीदास, 1973): पीठनिर्णय की तालिका पृ. 35-37, इस पीठ पर टिप्पणी पृ. 47 (archive.org)
- वाचस्पत्यम् (तारानाथ तर्कवाचस्पति), "पीठ": तंत्रचूडामणि से उद्धृत पीठ-सूची (कोलोन डिजिटल संस्कृत कोश, sanskrit-lexicon.uni-koeln.de)
- त्रिपुरा पर्यटन (tripuratourism.gov.in): Tripura Sundari Temple
- गोमती ज़िला (gomati.nic.in): Udaipur
- इनक्रेडिबल इंडिया (incredibleindia.gov.in): Tripura Sundari Temple (समय, 5 अक्टूबर 2026 को पढ़ा)
- पत्र सूचना कार्यालय (pib.gov.in), पृष्ठभूमि-पत्र, 21 सितंबर 2025: माता त्रिपुर सुंदरी मंदिर और प्रसाद योजना
- विकिडेटा Q7843873 (Tripura Sundari Temple): मानचित्र के निर्देशांक
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