बंगाल की दुर्गा पूजा 2026 में महाषष्ठी (बोधन) 17 अक्टूबर, शनिवार से विजया दशमी 21 अक्टूबर, बुधवार तक है। महालया 10 अक्टूबर को है। महाअष्टमी 19 अक्टूबर को है, और उसी दिन संधि पूजा 10:29–11:17 AM पर होगी। पश्चिम बंगाल सरकार की 2026 की छुट्टियों की सूची में भी यही तारीखें हैं।

दुर्गा पूजा 2026 का कैलेंडर
तिथि कोलकाता के सूर्योदय पर; समाप्ति का समय भारतीय मानक समय में, जो पूरे भारत के लिए एक ही है।
| तारीख | दिन और पूजा | तिथि |
|---|---|---|
| 10 अक्टूबर शनिवार | महालया आश्विन अमावस्या: पितृ पक्ष का अंतिम दिन, पितरों का तर्पण। बंगाल में इसी दिन से पूजा का आगमन माना जाता है; अगले दिन से देवी पक्ष। | अमावस्या 10 अक्टूबर 2026 9:21 PM तक |
| 11 अक्टूबर रविवार | देवी पक्ष, प्रतिपदा शारदीय नवरात्रि का पहला दिन, घटस्थापना | प्रतिपदा 11 अक्टूबर 2026 9:32 PM तक |
| 16 अक्टूबर शुक्रवार | षष्ठी (आरंभ) बिल्व निमंत्रण: बेल वृक्ष पर देवी को निमंत्रण | षष्ठी 17 अक्टूबर 2026 5:55 AM तक |
| 17 अक्टूबर शनिवार | महाषष्ठी कल्पारंभ (पूजा का संकल्प), अकाल बोधन (देवी का जागरण), आमंत्रण और अधिवास | षष्ठी 17 अक्टूबर 2026 5:55 AM तक |
| 18 अक्टूबर रविवार | महासप्तमी नवपत्रिका (कोलाबोउ) का स्नान और प्रवेश, प्राण प्रतिष्ठा, सप्तमी पूजा | सप्तमी 18 अक्टूबर 2026 8:29 AM तक |
| 19 अक्टूबर सोमवार | महाअष्टमी अष्टमी पूजा और पुष्पांजलि, कुमारी पूजा, संधि पूजा; नवमी दिन में ही शुरू हो जाती है | अष्टमी 19 अक्टूबर 2026 10:53 AM तक |
| 20 अक्टूबर मंगलवार | महानवमी नवमी पूजा और नवमी होम (उत्तर भारत में इसी दिन दशहरा) | नवमी 20 अक्टूबर 2026 12:52 PM तक |
| 21 अक्टूबर बुधवार | विजया दशमी सिंदूर खेला, प्रतिमा विसर्जन, बिजया की शुभकामनाएँ | दशमी 21 अक्टूबर 2026 2:13 PM तक |
संधि पूजा का समय (19 अक्टूबर 2026)
10:29–11:17 AM
अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर 2026 8:29 AM से 19 अक्टूबर 2026 10:53 AM तक है, और उसके बाद नवमी 20 अक्टूबर 2026 12:52 PM तक। संधि पूजा अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के पहले 24 मिनट में होती है। तिथि एक ही क्षण पर बदलती है, इसलिए यह समय कोलकाता, दिल्ली, मुंबई या किसी भी भारतीय शहर में एक ही है। Drik Panchang पर कोलकाता के लिए अष्टमी 18 अक्टूबर 8:27 AM से 19 अक्टूबर 10:51 AM तक है; हमारी गणना एक-दो मिनट बाद आती है।
परंपरा से संधि पूजा में 108 दीप जलाए जाते हैं और 108 कमल अर्पित किए जाते हैं। बंगाल में इसका संबंध कृत्तिवास रामायण की कथा से जोड़ा जाता है, जिसमें राम ने रावण से युद्ध से पहले शरद ऋतु में देवी की पूजा की; एक कमल कम पड़ने पर वे अपना एक नेत्र अर्पित करने को तैयार हुए, तब देवी प्रकट हुईं। वाल्मीकि रामायण में यह प्रसंग नहीं है।
हर दिन क्या होता है
महालया (10 अक्टूबर)
आश्विन अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन है, जब पितरों का तर्पण किया जाता है। बंगाल में भोर में आकाशवाणी का “महिषासुरमर्दिनी” कार्यक्रम सुनने की परंपरा है, जिसमें बीरेंद्र कृष्ण भद्र का चंडी पाठ है। अगले दिन से देवी पक्ष शुरू होता है।
षष्ठी: बोधन (16–17 अक्टूबर)
परंपरा में माना जाता है कि शरद ऋतु में देवता सोए रहते हैं, इसलिए बंगाल में शरद की पूजा “अकाल बोधन” कहलाती है: असमय देवी का जागरण। षष्ठी को बेल वृक्ष पर देवी का बोधन और निमंत्रण होता है, और कल्पारंभ में पूजा का संकल्प लिया जाता है। इस बार षष्ठी 16 अक्टूबर की भोर से 17 अक्टूबर सूर्योदय के तुरंत बाद तक है, इसलिए Drik Panchang बिल्व निमंत्रण 16 को और कल्पारंभ, बोधन, आमंत्रण और अधिवास 17 अक्टूबर को देता है।
महासप्तमी: नवपत्रिका (18 अक्टूबर)
सप्तमी की सुबह नवपत्रिका, केले के पौधे के साथ बेल की शाखा समेत नौ पौधों का गुच्छा, नदी या जलाशय में स्नान कराकर लाल किनारी वाली सफ़ेद साड़ी पहनाई जाती है और गणेश के पास स्थापित की जाती है। लोक भाषा में इसे “कोलाबोउ” (केले की बहू) कहते हैं। इसके बाद प्रतिमा में प्राण प्रतिष्ठा और सप्तमी पूजा होती है।
महाअष्टमी और महानवमी (19–20 अक्टूबर)
अष्टमी की सुबह पुष्पांजलि दी जाती है, और कई पूजा-स्थलों पर कुमारी पूजा होती है। अष्टमी और नवमी के मिलन पर संधि पूजा होती है। नवमी को नवमी पूजा और होम होता है। पूजा में दुर्गा सप्तशती (चंडी) का पाठ होता है, जो मार्कण्डेय पुराण के अध्याय 81–93 हैं।
विजया दशमी (21 अक्टूबर)
दशमी को पूजा के समापन के बाद विवाहित स्त्रियाँ देवी को सिंदूर और मिठाई अर्पित कर विदा करती हैं और सिंदूर खेला करती हैं, फिर प्रतिमा का जल में विसर्जन होता है। इसके बाद लोग एक-दूसरे को बिजया की शुभकामनाएँ देते हैं। सिंदूर खेला और बिजया लोक परंपराएँ हैं।
दुर्गा पूजा 2026: सवाल-जवाब
दुर्गा पूजा 2026 कब है?
बंगाल में दुर्गा पूजा 17 अक्टूबर, शनिवार (महाषष्ठी) से 21 अक्टूबर, बुधवार (विजया दशमी) तक है: महासप्तमी 18 अक्टूबर, रविवार, महाअष्टमी 19 अक्टूबर, सोमवार और महानवमी 20 अक्टूबर, मंगलवार को। बिल्व निमंत्रण 16 अक्टूबर, शुक्रवार को है।
दुर्गा पूजा की दशमी (विसर्जन) 2026 कब है?
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को, विजया दशमी पर, सिंदूर खेला और प्रतिमा विसर्जन के साथ (पश्चिम बंगाल सरकार की 2026 की छुट्टियों की सूची में भी विजया दशमी इसी दिन है)। दशमी तिथि 20 अक्टूबर 12:52 PM से 21 अक्टूबर 2:13 PM तक है।
महाअष्टमी पुष्पांजलि 2026 का समय क्या है?
परंपरा से पुष्पांजलि अष्टमी तिथि में, सुबह की अष्टमी पूजा के बाद दी जाती है। 19 अक्टूबर को कोलकाता में सूर्योदय 5:35 AM पर है और अष्टमी 10:53 AM तक (Drik Panchang: 10:51 AM); हर पूजा मंडप अपना समय घोषित करता है।
संधि पूजा 2026 का समय क्या है?
19 अक्टूबर 2026, सोमवार को 10:29–11:17 AM: अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के पहले 24 मिनट। तिथि एक ही क्षण पर बदलती है, इसलिए भारतीय मानक समय में यह समय कोलकाता, दिल्ली और पूरे भारत में एक ही है। Drik Panchang पर अष्टमी 10:51 AM पर समाप्त होती है; एक-दो मिनट का अंतर सामान्य है।
महालया 2026 कब है?
10 अक्टूबर 2026, शनिवार को, आश्विन अमावस्या पर। यह सर्व पितृ अमावस्या भी है, पितृ पक्ष का अंतिम दिन।
बंगाल में विजया दशमी 21 अक्टूबर को और दशहरा 20 अक्टूबर को क्यों?
दशमी तिथि 20 अक्टूबर को 12:52 PM पर शुरू होकर 21 अक्टूबर को 2:13 PM तक रहती है। Drik Panchang नई दिल्ली के लिए दशहरा 20 अक्टूबर को देता है, जब दोपहर बाद (अपराह्न) दशमी है; बंगाल की पंजिका और पश्चिम बंगाल सरकार की सूची में विजया दशमी 21 अक्टूबर को है, जिस दिन सूर्योदय पर दशमी है। इसी दिन प्रतिमा विसर्जन होता है।
सिंदूर खेला क्या है?
विजया दशमी पर विसर्जन से पहले विवाहित स्त्रियाँ देवी को सिंदूर और मिठाई अर्पित कर विदा करती हैं (देवी बरन), फिर एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। यह बंगाल की लोक परंपरा है, शास्त्र का विधान नहीं; इसकी शुरुआत की तारीख ज्ञात नहीं है।
कुमारी पूजा क्या है?
कुमारी पूजा में एक छोटी कन्या को देवी का रूप मानकर उसकी पूजा की जाती है। बंगाल में यह परंपरा से महाअष्टमी (19 अक्टूबर) को होती है; उत्तर भारत का कन्या पूजन भी इसी भाव का है।
स्रोत
- तारीखें और हर दिन की पूजा: Drik Panchang, 2026 Durga Puja Calendar (कोलकाता), Mahashtami और Navpatrika Puja पन्ने (2 अक्टूबर 2026 को देखे)
- पश्चिम बंगाल वित्त (ऑडिट) विभाग, अधिसूचना 4188-F(P2), 27 नवंबर 2025: 2026 की छुट्टियाँ (महालया 10 अक्टूबर; महाषष्ठी 17; महाअष्टमी 19; महानवमी 20; विजया दशमी 21 अक्टूबर)
- तिथि और संधि पूजा का समय: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश); विधि: sanatanbodh.in/panchang/ganana-vidhi/
- मार्कण्डेय पुराण, अध्याय 81–93 (दुर्गा सप्तशती / देवी माहात्म्य)
- कृत्तिवास रामायण (बांग्ला, 15वीं शताब्दी): राम द्वारा देवी का अकाल बोधन
- सिंदूर खेला, कुमारी पूजा और बिजया: बंगाल की लोक परंपरा
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