पापांकुशा एकादशी का व्रत गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को है। नई दिल्ली में पारण अगले दिन, शुक्रवार 23 अक्टूबर को 6:27 AM से 8:42 AM के बीच किया जाएगा। यह आश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी है और दशहरे (20 अक्टूबर) के दो दिन बाद आती है।
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तिथि और नाम
नई दिल्ली में एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को 2:13 PM से 22 अक्टूबर को 2:49 PM तक है। व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो, इसलिए व्रत 22 अक्टूबर को है। "पाप" और "अंकुश" (हाथी को वश में रखने वाला काँटा) से बना नाम बताता है कि परंपरा में यह व्रत पापों पर अंकुश लगाने वाला माना गया है।
पद्म पुराण (उत्तर खंड) के इस एकादशी के अध्याय में कोई कहानी नहीं है; वहाँ श्रीकृष्ण युधिष्ठिर को केवल व्रत की महिमा बताते हैं, और कहते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु की पद्मनाभ नाम से पूजा की जाए। लोक में इस दिन बहेलिए क्रोधन की कथा सुनाई जाती है, जो अंगिरा ऋषि के कहने पर यह व्रत करता है; यह कथा पद्म पुराण में नहीं है। दोनों कथा के पन्ने पर हैं।
व्रत कैसे रखा जाता है
- पद्म पुराण के अनुसार भगवान विष्णु की पद्मनाभ नाम से पूजा, दिन में उपवास और रात को जागरण।
- परंपरा में चावल और अन्न नहीं खाया जाता; निर्जल या फलाहार, अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार।
- पद्म पुराण इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार स्नान और दान (अन्न, जल, वस्त्र, छाता, जूते आदि) की महिमा बताता है।
- बीमारी, गर्भावस्था या दवा चलने पर व्रत का रूप स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
पारण का समय
नई दिल्ली में पारण शुक्रवार, 23 अक्टूबर को 6:27 AM से 8:42 AM तक है। पारण द्वादशी तिथि में, हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद किया जाता है; 23 अक्टूबर को द्वादशी दोपहर तक है। दूसरे शहरों में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है; 16 शहरों का समय पापांकुशा एकादशी के पन्ने पर है।
स्रोत
- Drik Panchang: पापांकुशा एकादशी 2026, नई दिल्ली (तारीख, तिथि और पारण का मिलान, 8 अक्टूबर 2026)
- पद्म पुराण, उत्तर खंड, अध्याय 59 (गीता प्रेस संस्करण में 61): पापांकुशा एकादशी का माहात्म्य
- तिथि और पारण: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश)
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