व्रत और पर्व

दशहरा (विजयादशमी) 2026

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

आश्विन शुक्ल दशमी

23 दिन शेष

पूजा मुहूर्त

विजय मुहूर्तदिन का ग्यारहवाँ मुहूर्त
13:59–14:45
अपराह्न पूजाशमी, अपराजिता पूजा, सीमोल्लंघन
13:14–15:30
दशमी तिथि
12:52 से 14:13 (21 अक्टू॰) तक

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 के लिए, भारतीय मानक समय में, चुने हुए शहर के सूर्योदय, सूर्यास्त और ग्रह-स्थिति से। अलग-अलग पंचांगों में 1–2 मिनट का अंतर सामान्य है।

संक्षेप में

दशहरा (विजयादशमी) 2026 में 20 अक्टूबर, मंगलवार को है। यह आश्विन शुक्ल दशमी को, नवरात्रि के बाद मनाया जाता है। परंपरा में यह श्रीराम की रावण पर और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का दिन है। शमी पूजा, अपराजिता पूजा और सीमोल्लंघन अपराह्न काल में किए जाते हैं।

समीक्षक: Aditi Tripathiअंतिम समीक्षा: 5 स्रोतगलती बताएँ

एक नज़र में

तिथि
आश्विन शुक्ल दशमी
अन्य नाम
विजयादशमी, दशहरा, दसरा
पूजा का समय
अपराह्न काल; विजय मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है
मुख्य कर्म
शमी पूजन, अपराजिता पूजन, सीमोल्लंघन, शस्त्र पूजन
कथाएँ
श्रीराम की रावण पर और देवी की महिषासुर पर विजय
उत्तर भारत
रामलीला का समापन और रावण दहन
बंगाल
दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन

दो विजयों का पर्व

श्रीराम की रावण पर विजय

वाल्मीकि रामायण के युद्ध कांड में श्रीराम लंका में युद्ध करके रावण का वध करते हैं। उत्तर भारत की परंपरा में यह विजय दशमी से जोड़ी जाती है; इसी से रामलीला और रावण दहन की प्रथा है।

वाल्मीकि रामायण, युद्ध कांड; लोक परंपरा

देवी की महिषासुर पर विजय

दुर्गा सप्तशती के मध्यम चरित्र में देवी महिषासुर का वध करती हैं। नवरात्रि की नौ दिन की उपासना के बाद दशमी विजय का दिन माना जाता है; बंगाल में इस दिन दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन होता है।

दुर्गा सप्तशती, अध्याय 2–3

अपराह्न काल और विजय मुहूर्त

हिंदू काल-गणना में सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन के पाँच भाग होते हैं; इनमें चौथा भाग अपराह्न कहलाता है। दशहरे का शमी पूजन, अपराजिता पूजन और सीमोल्लंघन इसी समय किया जाता है, और दशहरा उसी दिन मनाया जाता है जिस दिन अपराह्न में दशमी तिथि हो। प्रचलित पंचांगों में दिन के 15 मुहूर्तों में से ग्यारहवें को विजय मुहूर्त लिखा जाता है; नया काम शुरू करने के लिए इसे शुभ माना जाता है।

शमी और अपराजिता

दशहरे पर शमी वृक्ष की पूजा की परंपरा है, जो महाभारत की कथा से जुड़ी है (नीचे देखें)। अपराजिता देवी की पूजा विजय की कामना से की जाती है, और कई क्षेत्रों में गाँव या नगर की सीमा पार जाकर लौटने (सीमोल्लंघन) की प्रथा है।

पूजा विधि

  1. चरण 1

    सुबह की तैयारी

    स्नान के बाद घर, वाहन और औज़ारों की सफ़ाई।

  2. चरण 2

    अपराजिता पूजा

    अपराह्न में अपराजिता देवी की पूजा, विजय और रक्षा की कामना से।

  3. चरण 3

    शमी पूजन

    शमी वृक्ष की पूजा और परिक्रमा।

  4. चरण 4

    शस्त्र और वाहन पूजन

    कई क्षेत्रों में इस दिन शस्त्र, औज़ार और वाहन की पूजा होती है।

  5. चरण 5

    रावण दहन

    उत्तर भारत में शाम को रामलीला के समापन पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन।

रात के नीले आकाश के नीचे शमी का पेड़, उससे टिका धनुष-बाण और केसरिया विजय ध्वज
कथा

शमी वृक्ष और पांडवों के अस्त्र

महाभारत के विराट पर्व के अनुसार बारह वर्ष का वनवास पूरा करके अज्ञातवास शुरू करने से पहले पांडवों ने अपने धनुष और अस्त्र विराट नगर के पास एक शमी वृक्ष पर छिपा दिए थे। एक वर्ष बाद, जब कौरव सेना ने विराट की गायें घेरीं, अर्जुन ने उसी शमी वृक्ष से गांडीव उतारा और कौरवों को लौटाया। इसी कथा से दशहरे पर शमी पूजा की परंपरा जोड़ी जाती है।

महाभारत, विराट पर्व

ज्ञान-ग्राफ़ में विजयादशमी

आराध्यपहले के नौ दिनआराध्यदुर्गाशारदीय नवरात्रिश्रीरामविजयादशमी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दशहरा 2026 कब है?

20 अक्टूबर, मंगलवार को।

विजय मुहूर्त क्या है?

प्रचलित पंचांगों में दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 15 मुहूर्तों में बाँटने पर ग्यारहवाँ मुहूर्त। यह लगभग 45 मिनट का होता है और ऊपर अपने शहर के लिए दिया गया है।

दशहरा और विजयादशमी में क्या अंतर है?

कोई अंतर नहीं। आश्विन शुक्ल दशमी के एक ही पर्व के दो नाम हैं।

दशहरा किस दिन मनाया जाता है, अगर दशमी दो दिन हो?

जिस दिन अपराह्न काल में दशमी तिथि हो। इसी कारण कभी-कभी बंगाल की विजयादशमी अगले दिन पड़ती है।

रावण दहन किस समय होता है?

परंपरा से सूर्यास्त के बाद। समय स्थानीय आयोजन पर निर्भर है।

स्रोत

  1. वाल्मीकि रामायण, युद्ध कांड
  2. दुर्गा सप्तशती (मार्कण्डेय पुराण, अध्याय 81–93)
  3. महाभारत, विराट पर्व
  4. धर्मसिन्धु (विजयादशमी का निर्णय)
  5. मुहूर्त और चंद्रोदय: SanatanBodh पंचांग गणना, Drik Panchang (नई दिल्ली, 2026–27) से मिलान

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