कल्पेश्वर उत्तराखंड के चमोली ज़िले की उर्गम घाटी में शिव का मंदिर है, जहाँ परंपरा के अनुसार शिव की जटा पूजी जाती है। यह पंच केदार में है, और पाँचों में यही अकेला मंदिर है जो साल भर खुला रहता है।
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- परंपरा
- शैव
- तीर्थ-सूची
- पंच केदार 5/5
- स्थान
- उर्गम घाटी, ज्योतिर्मठ विकासखंड, चमोली ज़िला
- राज्य
- उत्तराखंड
- देश
- भारत
- नक्शा
- OpenStreetMap (30.5488, 79.4498)
कपाट कब खुलते हैं
कल्पेश्वर पंच केदार में अकेला मंदिर है जिसके कपाट बारहों महीने खुले रहते हैं (ईटीवी भारत, 5 नवंबर 2024; अमर उजाला)।
स्रोत: etvbharat.comजाँचा:
पंच केदार की कथा (परंपरा के अनुसार)
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और उत्तराखंड पर्यटन यह कथा देते हैं: महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने ही बंधुओं के वध के प्रायश्चित के लिए शिव का आशीर्वाद चाहते थे। शिव उनसे बचते रहे और भैंसे का रूप लेकर केदार क्षेत्र में छिप गए। भीम ने उन्हें पहचान लिया, तब वे धरती में समा गए और उनके अंग पाँच स्थानों पर प्रकट हुए: कूबड़ केदारनाथ में, भुजाएँ तुंगनाथ में, मुख रुद्रनाथ में, नाभि मध्यमहेश्वर में और जटा कल्पेश्वर में। कल्पेश्वर में जटा की पूजा होती है।
हमें यह कथा किसी पुराण के अध्याय और श्लोक के साथ नहीं मिली, इसलिए इसे परंपरा की कथा के रूप में दिया है। स्रोतों में छोटे अंतर हैं, जो इस पृष्ठ पर आगे दिए हैं।
आज का मंदिर
कल्पेश्वर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मंदिरों की सूची में नहीं है। अमर उजाला (19 अगस्त 2026) के अनुसार 17 अगस्त की रात भारी बारिश में मंदिर के पीछे भूस्खलन हुआ और परिसर, पुजारी कक्ष और भंडार मलबे में दब गए; रात में वहाँ कोई नहीं रुकता और मंदिर सुरक्षित है, पर पैदल रास्ता और रेलिंग टूटीं। जाने से पहले स्थानीय प्रशासन से रास्ते की जानकारी ले लें।
मंदिर समिति के अनुसार उर्गम घाटी में, कल्पेश्वर के पास, ध्यान बद्री मंदिर भी है, जो सप्त बद्री में गिना जाता है; उसमें विष्णु की काले पत्थर की चतुर्भुज मूर्ति ध्यान-मुद्रा में है।
कल्पेश्वर कैसे पहुँचें
- रास्ता ऋषिकेश-बद्रीनाथ मार्ग पर हेलंग से उर्गम घाटी में जाता है (मंदिर समिति, ध्यान बद्री का पृष्ठ)। निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश और हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट है।
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- शिव का रूप: मंदिर समिति और उत्तराखंड पर्यटन का पंच केदार पृष्ठ भैंसा कहते हैं; उत्तराखंड पर्यटन के केदारनाथ और मध्यमहेश्वर पृष्ठ बैल।
- कल्पेश्वर का अंग: उत्तराखंड पर्यटन "जटा" लिखता है; मंदिर समिति "सिर के साथ जटा"।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कौन सा केदार साल भर खुला रहता है?
कल्पेश्वर, चमोली ज़िले की उर्गम घाटी में। बाकी चार सर्दियों में बंद रहते हैं।
कल्पेश्वर मंदिर कहाँ है?
कल्पेश्वर मंदिर उर्गम घाटी, ज्योतिर्मठ विकासखंड, चमोली ज़िला, उत्तराखंड में है।
कल्पेश्वर किन तीर्थ-सूचियों में है?
पंच केदार (सूची में 5 में से 5वाँ)।
कल्पेश्वर कैसे पहुँचें?
रास्ता ऋषिकेश-बद्रीनाथ मार्ग पर हेलंग से उर्गम घाटी में जाता है (मंदिर समिति, ध्यान बद्री का पृष्ठ)। निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश और हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट है।
स्रोत
- बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति: श्री केदारनाथ धाम (पंच केदार की कथा): https://badrinath-kedarnath.gov.in/AboutUs/shri-kedarnath.aspx
- उत्तराखंड पर्यटन: पंच केदार: https://uttarakhandtourism.gov.in/experiences/panch-kedar
- बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति: अन्य मंदिर: https://badrinath-kedarnath.gov.in/other-temples/Other-Temples.aspx
- ईटीवी भारत, 5 नवंबर 2024: कल्पेश्वर धाम के कपाट साल भर खुले रहते हैं: https://www.etvbharat.com/hi/!state/doors-of-kalpeshwar-dham-remain-open-for-devotees-throughout-the-year-in-chamoli-uttarakhand-news-uts24110501432
- अमर उजाला, 12 जुलाई 2025: पंच केदार यात्रा गाइड (कल्पेश्वर पूरे वर्ष खुला): https://www.amarujala.com/photo-gallery/lifestyle/travel/panch-kedar-travel-guide-spritual-tourism-uttarakhand-how-to-reach-kedarnath-tungnath-temples-2025-07-12
- अमर उजाला, 19 अगस्त 2026: कल्पेश्वर मंदिर के पीछे भूस्खलन: https://www.amarujala.com/dehradun/chamoli-news-massive-landslide-strikes-above-the-kalpeshwar-temple-priest-quarters-buried-under-debris-2026-08-19
- स्थान के निर्देशांक: Wikidata (Q6354398), CC0
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