रुद्रनाथ उत्तराखंड के चमोली ज़िले में शिव का मंदिर है, जहाँ परंपरा के अनुसार शिव के मुख (एकानन) की पूजा होती है। यह पंच केदार में है। रास्ता गोपेश्वर के पास सगर गाँव से लगभग 20 किमी पैदल है, और 2026 में कपाट 17 अक्टूबर को बंद होंगे।
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- परंपरा
- शैव
- तीर्थ-सूची
- पंच केदार 3/5
- स्थान
- रुद्रनाथ, गोपेश्वर के ऊपर, चमोली ज़िला
- राज्य
- उत्तराखंड
- देश
- भारत
- नक्शा
- OpenStreetMap (30.5194, 79.3184)
कपाट कब खुलते हैं
2026 में कपाट 18 मई को दोपहर 12:45 बजे खुले। बंद होने की तिथि घोषित हो चुकी है: 17 अक्टूबर 2026, तुला (कार्तिक) संक्रांति की रात। पिछले वर्षों में भी कपाट इसी संक्रांति पर, 17 अक्टूबर को, बंद हुए (2021, 2024)।
स्रोत: amarujala.comजाँचा:
पंच केदार की कथा (परंपरा के अनुसार)
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और उत्तराखंड पर्यटन यह कथा देते हैं: महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने ही बंधुओं के वध के प्रायश्चित के लिए शिव का आशीर्वाद चाहते थे। शिव उनसे बचते रहे और भैंसे का रूप लेकर केदार क्षेत्र में छिप गए। भीम ने उन्हें पहचान लिया, तब वे धरती में समा गए और उनके अंग पाँच स्थानों पर प्रकट हुए: कूबड़ केदारनाथ में, भुजाएँ तुंगनाथ में, मुख रुद्रनाथ में, नाभि मध्यमहेश्वर में और जटा कल्पेश्वर में। रुद्रनाथ में मुख की पूजा होती है। चमोली ज़िले की वेबसाइट लिखती है कि यहाँ शिव का एकानन (मुख) पूजा जाता है, जबकि पूरे शरीर की पूजा नेपाल के पशुपतिनाथ में होती है। समाचारों में इसे "चतुर्थ केदार" कहा जाता है।
हमें यह कथा किसी पुराण के अध्याय और श्लोक के साथ नहीं मिली, इसलिए इसे परंपरा की कथा के रूप में दिया है। स्रोतों में छोटे अंतर हैं, जो इस पृष्ठ पर आगे दिए हैं।
शीतकालीन गद्दी: गोपीनाथ मंदिर
उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार गोपेश्वर का गोपीनाथ मंदिर रुद्रनाथ का घर है; सर्दियों में रुद्रनाथ की पूजा वहीं होती है। 2026 में कपाट बंद होने के बाद डोली 18 अक्टूबर को डुमक, 19 को कुजौं गाँव और 20 अक्टूबर को देवर गाँव होते हुए गोपीनाथ मंदिर पहुँचेगी (अमर उजाला)। रुद्रनाथ बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मंदिरों की सूची में नहीं है।
रुद्रनाथ कैसे पहुँचें
- पैदल रास्ता गोपेश्वर-ऊखीमठ मार्ग पर सगर गाँव से शुरू होता है। चमोली ज़िले के अनुसार सगर ऋषिकेश से 219 किमी है और वहाँ से रुद्रनाथ 20 किमी पैदल; उत्तराखंड पर्यटन रास्ते को 22 किमी लिखता है और सगर को गोपेश्वर से 5 किमी।
- निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश और हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट है।
- 2026 में भीड़ बढ़ने पर केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने तय किया कि सगर से रोज़ 250 यात्री ही भेजे जाएँगे (अमर उजाला, 20 मई 2026)।
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- शिव का रूप: मंदिर समिति और उत्तराखंड पर्यटन का पंच केदार पृष्ठ भैंसा कहते हैं; उत्तराखंड पर्यटन के केदारनाथ और मध्यमहेश्वर पृष्ठ बैल।
- पैदल दूरी: चमोली ज़िला 20 किमी, उत्तराखंड पर्यटन 22 किमी। ऊँचाई के आँकड़े भी मेल नहीं खाते (चमोली ज़िला 2,290 मीटर लिखता है, जो दूसरे आँकड़ों से बहुत कम है), इसलिए यहाँ ऊँचाई नहीं दी है।
- बंद होने का समय: घोषणा में पुजारी कपाट बंद करने की प्रक्रिया शाम 7:47 बजे संक्रांति के साथ शुरू होना बताते हैं। हमारे पंचांग और दृक पंचांग के अनुसार तुला संक्रांति 17 अक्टूबर 2026 को शाम 7:57 बजे (नई दिल्ली) है, इसलिए हमने वह मिनट नहीं, केवल तिथि दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रुद्रनाथ के कपाट 2026 में कब बंद होंगे?
17 अक्टूबर 2026 को, तुला संक्रांति पर (घोषणा, अमर उजाला)। इसके बाद पूजा गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में होगी।
रुद्रनाथ में शिव के किस रूप की पूजा होती है?
मुख (एकानन) की, परंपरा के अनुसार (चमोली ज़िला; मंदिर समिति)।
रुद्रनाथ मंदिर कहाँ है?
रुद्रनाथ मंदिर रुद्रनाथ, गोपेश्वर के ऊपर, चमोली ज़िला, उत्तराखंड में है।
रुद्रनाथ किन तीर्थ-सूचियों में है?
पंच केदार (सूची में 5 में से 3वाँ)।
रुद्रनाथ कैसे पहुँचें?
पैदल रास्ता गोपेश्वर-ऊखीमठ मार्ग पर सगर गाँव से शुरू होता है। चमोली ज़िले के अनुसार सगर ऋषिकेश से 219 किमी है और वहाँ से रुद्रनाथ 20 किमी पैदल; उत्तराखंड पर्यटन रास्ते को 22 किमी लिखता है और सगर को गोपेश्वर से 5 किमी। निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश और हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट है।
स्रोत
- बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति: श्री केदारनाथ धाम (पंच केदार की कथा): https://badrinath-kedarnath.gov.in/AboutUs/shri-kedarnath.aspx
- उत्तराखंड पर्यटन: पंच केदार: https://uttarakhandtourism.gov.in/experiences/panch-kedar
- ज़िला चमोली: रुद्रनाथ मंदिर: https://chamoli.gov.in/tourist-place/rudranath-temple/
- उत्तराखंड पर्यटन: गोपेश्वर (गोपीनाथ मंदिर, सगर): https://uttarakhandtourism.gov.in/destination/gopeshwar
- अमर उजाला, 13 सितंबर 2026: चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के कपाट 17 अक्टूबर को बंद होंगे: https://www.amarujala.com/dehradun/uttarakhand-portals-of-fourth-kedar-rudranath-temple-to-close-on-17-october-for-winter-2026-09-13
- अमर उजाला, 18 मई 2026: रुद्रनाथ के कपाट दोपहर 12:45 बजे खुले: https://www.amarujala.com/uttarakhand/chamoli/the-doors-of-rudranath-temple-will-open-for-devotees-on-18th-may-2026-05-18
- अमर उजाला, 20 मई 2026: रुद्रनाथ रोज़ 250 श्रद्धालु: https://www.amarujala.com/uttarakhand/chamoli/only-250-devotees-will-be-sent-to-rudranath-every-day-gopeshwar-news-c-47-1-sdrn1001-118730-2026-05-20
- अमर उजाला, 17 अक्टूबर 2024: रुद्रनाथ के कपाट बंद: https://www.amarujala.com/dehradun/fourth-kedarnath-rudranath-temple-doors-are-closed-for-the-winter-season-chamoli-uttarakhand-news-in-hindi-2024-10-17
- दृक पंचांग: तुला संक्रांति 2026, नई दिल्ली: https://www.drikpanchang.com/sankranti/tula-sankranti-date-time.html?year=2026
- स्थान के निर्देशांक: Wikidata (Q97923259), CC0
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