सिद्धटेक का सिद्धिविनायक मंदिर महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (पहले अहमदनगर) ज़िले में भीमा नदी के किनारे एक टीले पर गणेश का मंदिर है, और अष्टविनायक यात्रा का दूसरा पड़ाव। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार यहाँ की स्वयंभू मूर्ति की सूँड दाईं ओर मुड़ी है; अहिल्यानगर ज़िला इसे अष्टविनायक में अकेली दाईं सूँड वाली मूर्ति बताता है। यह मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर नहीं है।
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- तीर्थ-सूची
- अष्टविनायक 2/8
- स्थान
- सिद्धटेक, भीमा नदी के किनारे, कर्जत तालुका, अहिल्यानगर ज़िला
- राज्य
- महाराष्ट्र
- देश
- भारत
- आधिकारिक वेबसाइट
- चिंचवड देवस्थान ट्रस्ट: श्री क्षेत्र सिद्धटेक (siddhatek.chinchwaddeosthan.org)
- नक्शा
- OpenStreetMap (18.4441, 74.7263)
दर्शन और आरती का समय
| काकड़ आरती | सुबह 5 |
|---|---|
| प्रक्षाल पूजा | सुबह 5:15 |
| महानैवेद्य | दोपहर 12 |
| प्रक्षाल पूजा | रात 8 |
| दही-भात और दाल का नैवेद्य | रात 8:30 |
| शेजारती | रात 9 |
| मंदिर बंद | रात 9:30 |
ट्रस्ट की सूची में महापूजा का समय "11 PM" छपा है, जो क्रम से सुबह 11 बजे लगता है; पुष्टि न होने से वह पंक्ति यहाँ नहीं दी।
स्रोत: siddhatek.chinchwaddeosthan.orgजाँचा: समय बदल सकते हैं; जाने से पहले आधिकारिक स्रोत देख लें।
अष्टविनायक यात्रा में
अष्टविनायक महाराष्ट्र के आठ गणपति मंदिर हैं। महाराष्ट्र पर्यटन के अनुसार यात्रा मोरगाँव से शुरू होकर मोरगाँव पर ही पूरी होती है: मोरगाँव, सिद्धटेक, पाली, महड, थेऊर, लेण्याद्री, ओझर, रांजणगाँव और फिर मोरगाँव। सिद्धटेक दूसरा पड़ाव है। परंपरा आठों मूर्तियों को स्वयंभू मानती है, यानी प्राकृतिक रूप में मिलीं, गढ़ी नहीं गईं (महाराष्ट्र पर्यटन का पत्रक)।
कथा (परंपरा के अनुसार)
मंदिर ट्रस्ट यह कथा देता है: विष्णु के कान से मधु और कैटभ नाम के असुर उत्पन्न हुए, और विष्णु उन्हें हरा नहीं पा रहे थे। शिव ने बताया कि वे गणेश को भूल गए हैं, और छह अक्षरों का मंत्र दिया। विष्णु ने यहाँ विनायक को प्रसन्न किया, टीले पर मंदिर बनाकर मूर्ति स्थापित की, और यहीं उन्हें सिद्धि मिली; इसी से नाम सिद्धिविनायक और सिद्धटेक पड़ा। ट्रस्ट किसी पुराण का नाम नहीं देता।
मंदिर
ट्रस्ट के अनुसार स्वयंभू मूर्ति लगभग 3 फ़ुट ऊँची और 2.5 फ़ुट चौड़ी है, उत्तरमुखी है, सूँड दाईं ओर मुड़ी है, और ऋद्धि-सिद्धि गोद में बैठी हैं। गर्भगृह पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर ने बनवाया; भीमा पर पत्थर का रास्ता और घाट सरदार फड़के ने, और सभामंडप बड़ौदा के गोपालराव मैराळ ने। ट्रस्ट के अनुसार टीले की प्रदक्षिणा लगभग 1.5 किमी की है; महाराष्ट्र पर्यटन के पत्रक के अनुसार भक्त टीले की सात परिक्रमा करते हैं।
सिद्धिविनायक कैसे पहुँचें
- महाराष्ट्र पर्यटन के अनुसार निकटतम रेलवे स्टेशन दौंड जंक्शन 19 किमी है, और निकटतम बस-स्टॉप शिरापुर मंदिर से लगभग 1 किमी पहले है। अहिल्यानगर ज़िले के अनुसार नज़दीकी रेलवे स्टेशन दौंड और अहमदनगर हैं।
प्रमुख त्योहार
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- ज़िला: महाराष्ट्र पर्यटन के पृष्ठ पुराना नाम अहमदनगर लिखते हैं; अहिल्यानगर ज़िले की वेबसाइट और महाराष्ट्र सरकार का 2024 का शासन निर्णय नया नाम अहिल्यानगर।
- पुणे से दूरी: महाराष्ट्र पर्यटन का वेबपेज "लगभग 200 किमी" लिखता है, जो उसके पत्रक (पुणे रेल 103 किमी) से मेल नहीं खाता, इसलिए यहाँ पुणे की दूरी नहीं दी।
- यात्रा का क्रम: महाराष्ट्र पर्यटन मोरगाँव, सिद्धटेक, पाली, महड, थेऊर, लेण्याद्री, ओझर, रांजणगाँव और फिर मोरगाँव लिखता है। रांजणगाँव ट्रस्ट की पुरानी वेबसाइट (2019 की संग्रहीत प्रति) सिद्धटेक को अंत में रखती है: मोरगाँव, पाली, महड, थेऊर, लेण्याद्री, ओझर, रांजणगाँव, सिद्धटेक और फिर मोरगाँव।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर अष्टविनायक में है?
नहीं। अष्टविनायक का सिद्धिविनायक अहिल्यानगर ज़िले के सिद्धटेक में, भीमा नदी के किनारे है।
किस अष्टविनायक की सूँड दाईं ओर है?
सिद्धटेक के सिद्धिविनायक की (मंदिर ट्रस्ट; अहिल्यानगर ज़िला)।
सिद्धिविनायक मंदिर कहाँ है?
सिद्धिविनायक मंदिर सिद्धटेक, भीमा नदी के किनारे, कर्जत तालुका, अहिल्यानगर ज़िला, महाराष्ट्र में है।
सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
काकड़ आरती: सुबह 5; प्रक्षाल पूजा: सुबह 5:15; महानैवेद्य: दोपहर 12; प्रक्षाल पूजा: रात 8; दही-भात और दाल का नैवेद्य: रात 8:30; शेजारती: रात 9; मंदिर बंद: रात 9:30। स्रोत: siddhatek.chinchwaddeosthan.org, जाँचा 5 अक्टूबर 2026; जाने से पहले आधिकारिक स्रोत पर देख लें।
सिद्धिविनायक किन तीर्थ-सूचियों में है?
अष्टविनायक (सूची में 8 में से 2वाँ)।
सिद्धिविनायक कैसे पहुँचें?
महाराष्ट्र पर्यटन के अनुसार निकटतम रेलवे स्टेशन दौंड जंक्शन 19 किमी है, और निकटतम बस-स्टॉप शिरापुर मंदिर से लगभग 1 किमी पहले है। अहिल्यानगर ज़िले के अनुसार नज़दीकी रेलवे स्टेशन दौंड और अहमदनगर हैं।
स्रोत
- चिंचवड देवस्थान ट्रस्ट, सिद्धटेक: मुख्य पृष्ठ (दैनिक कार्यक्रम); श्री सिद्धिविनायक; सिद्धटेक की महिमा; मंदिर और परिसर; उत्सव: https://siddhatek.chinchwaddeosthan.org/siddhatek/?lang=en ; https://siddhatek.chinchwaddeosthan.org/sri-siddhivinayaka/?lang=en ; https://siddhatek.chinchwaddeosthan.org/sri-k%e1%b9%a3etra-siddhatek/glory-of-siddhatek/?lang=en ; https://siddhatek.chinchwaddeosthan.org/festivals/?lang=en
- चिंचवड देवस्थान ट्रस्ट (मोरगाँव, थेऊर और सिद्धटेक का प्रबंध): https://chinchwaddeosthan.org/trust/?lang=en
- महाराष्ट्र पर्यटन: सिद्धटेक: https://maharashtratourism.gov.in/ashtavinayak/siddhatek/
- महाराष्ट्र पर्यटन विभाग, पत्रक "A divine journey: Ashtavinayak pilgrimage in Maharashtra": https://maharashtratourism.gov.in/wp-content/uploads/2024/07/MH-Leaflet-Ashta-Vinayak-Slides.pdf
- ज़िला अहिल्यानगर: सिद्धटेक: https://ahilyanagar.maharashtra.gov.in/en/tourist-place/siddhtek/
- श्री क्षेत्र रांजणगाँव गणपति देवस्थान ट्रस्ट की पुरानी वेबसाइट, संग्रहीत प्रतियाँ (Wayback Machine): https://web.archive.org/web/20191016124413/http://ranjangaonmahaganpati.org/historicalBackground.aspx ; https://web.archive.org/web/20191016121318/http://ranjangaonmahaganpati.org/aboutTemple.aspx
- स्थान के निर्देशांक: Wikidata (Q7508177), CC0
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