गणेश शिव और पार्वती के पुत्र हैं, जिन्हें विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता के रूप में हर शुभ कार्य के आरंभ में सबसे पहले पूजा जाता है। उनका वाहन मूषक है और प्रिय भोग मोदक। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश चतुर्थी उनका प्रमुख पर्व है।
रिश्ते
- पिताशिवशिव पुराण
- मातापार्वतीशिव पुराण
- वाहनमूषकगणेश पुराण
- पर्वगणेश चतुर्थीपरंपरा (भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी)
- स्तुतिगणपति अथर्वशीर्षगणपति अथर्वशीर्ष
- कथा-ग्रंथगणेश पुराणगणेश पुराण
- लेखन (व्यास के कहने पर)महाभारतपरंपरा अनुसारमहाभारत, आदि पर्व 1 (कुछ पाठों में)
- पर्व (लक्ष्मी-गणेश पूजा)दीपावलीपरंपरा
जन्म और गज-मुख की कथा
गणेश के जन्म की दो प्रमुख कथाएँ हैं। दोनों में बालक शिव-पार्वती का पुत्र है; अंतर इसमें है कि सिर कैसे अलग हुआ।
पार्वती की रचना
पार्वती ने अपने उबटन से एक बालक बनाया और उसे द्वार पर पहरे के लिए खड़ा किया।
शिव पुराण, रुद्र संहिता, कुमार खंडशिव से युद्ध और हाथी का सिर
बालक ने शिव को भीतर जाने से रोका और युद्ध में उसका सिर कट गया। पार्वती के शोक पर शिव ने हाथी का सिर जोड़कर उसे जीवित किया और गणों का स्वामी बनाया।
शिव पुराण, रुद्र संहिता, कुमार खंडदूसरी कथा: शनि की दृष्टि
ब्रह्मवैवर्त पुराण में बालक का सिर शनि की दृष्टि पड़ने से अलग होता है, और विष्णु हाथी का सिर लाकर जोड़ते हैं।
ब्रह्मवैवर्त पुराण, गणपति खंडप्रथम पूज्य क्यों
शिव का वरदान
जीवित करने के बाद शिव ने गणेश को गणों का अध्यक्ष बनाया और वर दिया कि हर पूजा में पहले उन्हीं की पूजा होगी।
शिव पुराण, रुद्र संहिता, कुमार खंडमाता-पिता की परिक्रमा
पहले किसका विवाह हो, यह तय करने के लिए कार्तिकेय पृथ्वी की परिक्रमा को निकले; गणेश ने माता-पिता की परिक्रमा करके कहा कि यही पृथ्वी की परिक्रमा के बराबर है।
शिव पुराण, रुद्र संहिता, कुमार खंडऋग्वेद का "गणपति"
"गणानां त्वा गणपतिं हवामहे" मंत्र आज गणेश पूजा के आरंभ में पढ़ा जाता है, हालाँकि ऋग्वेद में यह सूक्त ब्रह्मणस्पति को संबोधित है।
ऋग्वेद 2.23.1स्वरूप और प्रतीक
इन प्रतीकों के अर्थ परंपरा और टीकाकारों की व्याख्या हैं; शास्त्रों में इनके अलग-अलग अर्थ भी मिलते हैं।
गज-मुख
बुद्धि और विवेक का प्रतीक माना जाता है।
एकदंत
एक दाँत। एक परंपरा के अनुसार उन्होंने व्यास के कहने पर इसी से महाभारत लिखा।
महाभारत, आदि पर्व 1 (कुछ पाठों में)लंबोदर
बड़ा उदर; सब कुछ पचा लेने, यानी सहनशीलता का प्रतीक माना जाता है।
मूषक
वाहन; चंचल मन और इच्छाओं पर नियंत्रण का प्रतीक माना जाता है।
मोदक
प्रिय भोग; "मोद" यानी आनंद का प्रतीक।
दूर्वा
तीन या पाँच पत्तियों वाली दूब घास, गणेश पूजा में विशेष रूप से चढ़ाई जाती है।
शास्त्रों में गणेश
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥गणानां त्वा गणपतिं हवामहेत्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसिअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गणेश जी के माता-पिता कौन हैं?
शिव और पार्वती। शिव पुराण के अनुसार पार्वती ने उन्हें अपने उबटन से रचा था।
गणेश को हाथी का सिर कैसे मिला?
शिव पुराण (रुद्र संहिता, कुमार खंड) के अनुसार शिव से युद्ध में सिर कटने के बाद शिव ने हाथी का सिर जोड़कर उन्हें जीवित किया। ब्रह्मवैवर्त पुराण में शनि की दृष्टि वाली कथा है।
हर पूजा में गणेश की पूजा सबसे पहले क्यों होती है?
शिव ने उन्हें गणों का अध्यक्ष बनाकर वर दिया कि हर पूजा में पहले उनकी पूजा होगी (शिव पुराण)। वे विघ्नहर्ता माने जाते हैं, इसलिए हर शुभ कार्य उन्हीं से शुरू होता है।
गणेश का वाहन क्या है?
मूषक (चूहा)।
गणेश चतुर्थी कब मनाई जाती है?
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को। हर महीने की कृष्ण चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी कहलाती है, जो भी गणेश को समर्पित है।
स्रोत
- शिव पुराण, रुद्र संहिता, कुमार खंड
- ब्रह्मवैवर्त पुराण, गणपति खंड
- ऋग्वेद 2.23.1
- गणपति अथर्वशीर्ष
- गणेश पुराण
- महाभारत, आदि पर्व 1
कुछ गलत लगा? गलती बताएँ