वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग

शिव (वैद्यनाथ)देवघर (झारखंड) या परली वैजनाथ (महाराष्ट्र)

अन्य नाम: बैद्यनाथ, वैजनाथ, बाबा धाम

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 12 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ
वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग: द्वादश ज्योतिर्लिंग 5/12, शिव (वैद्यनाथ), देवघर (झारखंड) या परली वैजनाथ (महाराष्ट्र)
संक्षेप में

वैद्यनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र में पाँचवाँ ज्योतिर्लिंग है, पर इसका स्थान विवादित है: झारखंड के देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम और महाराष्ट्र के बीड ज़िले का परली वैजनाथ, दोनों वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग माने जाते हैं। स्तोत्र "परल्यां वैद्यनाथं" (परली में) कहता है, जबकि शिव पुराण की सूची केवल "चिताभूमौ" (चिता-भूमि में) कहती है; दोनों मत और उनके स्रोत नीचे हैं।

देवता
शिव (वैद्यनाथ)
परंपरा
शैव
तीर्थ-सूची
द्वादश ज्योतिर्लिंग 5/12
स्थान
मत भिन्न हैं: देवघर (बाबा बैद्यनाथ धाम), देवघर ज़िला या परली वैजनाथ, बीड ज़िला

वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग कहाँ है: 2 स्थान माने जाते हैं

स्रोत एक स्थान पर सहमत नहीं हैं। नीचे हर स्थान अलग है; किस स्रोत में कौन-सा मत है, यह "मत-भेद" भाग में लिखा है।

देवघर (बाबा बैद्यनाथ धाम), देवघर ज़िला

झारखंड

देवघर ज़िला इसे बारह ज्योतिर्लिंगों में और 51 शक्तिपीठों में भी गिनता है। श्रावण में यहाँ श्रावणी मेला लगता है, जिसमें काँवड़िये सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल आते हैं। दर्शन के समय का कोई सरकारी स्रोत हमें नहीं मिला, इसलिए समय नहीं दिया।

परली वैजनाथ, बीड ज़िला

महाराष्ट्र

ट्रस्ट अपने पन्ने पर "परल्यां वैद्यनाथं" वाला स्तोत्र देता है, और महाराष्ट्र पर्यटन परली को ज्योतिर्लिंग कहता है। ट्रस्ट के दिए एक संस्कृत शिलालेख के अनुसार मंदिर का जीर्णोद्धार अहिल्याबाई होल्कर ने शक संवत 1706 में कराया।

दर्शन का समय

साधारण दिनसुबह 5 से रात 10 बजे तक (दोपहर 3 से 5 बजे भस्म पूजा, तब कासव मंडप से दर्शन)
सोमवार, प्रदोष और शिवरात्रिसुबह 5 से रात 12 बजे तक (रात 8 से 10 बजे भस्म पूजा)

ट्रस्ट के मराठी पन्ने से संक्षेप; दिन में किन घंटों में स्पर्श-दर्शन और अभिषेक होता है, यह वहाँ विस्तार से है।

स्रोत: vaijnathjyotirling.comजाँचा:

वैद्यनाथ की कथा: रावण और लिंग

शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता, अध्याय 28) के अनुसार रावण ने हिमालय के दक्षिण में एक गड्ढे में कठोर तप किया और एक-एक कर अपने नौ सिर अर्पित कर दिए। दसवें सिर से पहले शिव प्रकट हुए और उसके सिर वैद्य की तरह फिर जोड़ दिए; बाद में देवताओं ने इस लिंग का नाम वैद्यनाथ रखा।

रावण लिंग को लंका ले जाना चाहता था; शिव ने शर्त रखी कि जहाँ इसे धरती पर रखा जाएगा, यह वहीं रह जाएगा। रास्ते में शिव की माया से रावण को लघुशंका लगी; उसने लिंग एक ग्वाले को थमा दिया, जिसने कुछ देर बाद उसे धरती पर रख दिया, और लिंग वहीं स्थिर हो गया। पुराण का यह अध्याय स्थान का नाम नहीं लेता। बाद की कथाओं में ग्वाला गणेश (देवघर की परंपरा) या विष्णु (भारत सरकार की Incredible India साइट) बताया जाता है।

वैद्यनाथ कैसे पहुँचें

  • देवघर: रेल से देवघर जंक्शन, बैद्यनाथधाम जंक्शन और जसीडीह जंक्शन (लगभग 7 किमी); देवघर हवाई अड्डा शहर से लगभग 12 किमी (देवघर ज़िला)।
  • परली: परली में ही रेलवे स्टेशन है; सबसे पास बड़ा हवाई अड्डा छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), लगभग 225 किमी (बीड ज़िला)।

प्रमुख त्योहार

मत-भेद: स्रोतों में अंतर

  • शास्त्र: शिव पुराण की सूची (कोटिरुद्र संहिता 1.23) "वैद्यनाथं चिताभूमौ" कहती है; उसके अंग्रेज़ी अनुवादक लिखते हैं कि यह साफ़ नहीं कि यह कोई साधारण श्मशान है या कोई विशेष स्थान। द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र "परल्यां वैद्यनाथं" कहता है, जिसे परली पढ़ा जाता है। शंकराचार्य के नाम से मिलने वाला लंबा द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र "पूर्वोत्तरे प्रज्वलिकानिधाने" (उत्तर-पूर्व में) कहता है, और उसका एक पाठ-भेद "पारलिकाभिधाने" है। गीता प्रेस के संक्षिप्त शिवपुराण की टिप्पणी भी लिखती है कि कहीं-कहीं "परल्यां वैद्यनाथं च" पाठ मिलता है।
  • देवघर के पक्ष में: देवघर ज़िला और भारत सरकार की Incredible India साइट इसे बारह ज्योतिर्लिंगों में गिनते हैं; महाराष्ट्र पर्यटन का ज्योतिर्लिंग पत्रक भी "वैद्यनाथ (देवघर, झारखंड)" लिखता है।
  • परली के पक्ष में: महाराष्ट्र पर्यटन का परली वाला पन्ना इसे ज्योतिर्लिंग कहता है, हिंगोली ज़िला महाराष्ट्र में पाँच ज्योतिर्लिंग गिनता है (जिनमें परली है), और परली का ट्रस्ट "परल्यां" वाला स्तोत्र देता है। यानी महाराष्ट्र सरकार के अपने स्रोत भी एक बात नहीं कहते।
  • हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले के बैजनाथ मंदिर को भारत सरकार की Incredible India साइट बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक लिखती है, पर कांगड़ा ज़िले का अपना पन्ना उसे ज्योतिर्लिंग नहीं कहता; इसलिए उसे यहाँ तीसरे स्थान के रूप में नहीं रखा।
  • क्रम: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र में वैद्यनाथ 5वाँ है (इस साइट की सूची इसी क्रम में है); शिव पुराण की सूची (कोटिरुद्र संहिता 1.21–23) में क्रम अलग है और वहाँ यह 9वाँ है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असली वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग देवघर में है या परली में?

इस पर एक मत नहीं है। देवघर (झारखंड) अधिक प्रसिद्ध है और देवघर ज़िला व भारत सरकार की पर्यटन साइट उसे ज्योतिर्लिंग मानते हैं; परली (महाराष्ट्र) के पक्ष में द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का "परल्यां वैद्यनाथं" है। शिव पुराण की सूची केवल "चिताभूमौ" कहती है, कोई नगर नहीं। आप अपनी परंपरा के अनुसार मानें।

वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग कहाँ है?

इस पर मत भिन्न हैं। देवघर (बाबा बैद्यनाथ धाम), देवघर ज़िला (झारखंड) और परली वैजनाथ, बीड ज़िला (महाराष्ट्र): ये स्थान वैद्यनाथ माने जाते हैं। किस स्रोत में कौन-सा मत है, यह इस पन्ने के "मत-भेद" भाग में है।

वैद्यनाथ किन तीर्थ-सूचियों में है?

द्वादश ज्योतिर्लिंग (सूची में 12 में से 5वाँ)।

वैद्यनाथ कैसे पहुँचें?

देवघर: रेल से देवघर जंक्शन, बैद्यनाथधाम जंक्शन और जसीडीह जंक्शन (लगभग 7 किमी); देवघर हवाई अड्डा शहर से लगभग 12 किमी (देवघर ज़िला)। परली: परली में ही रेलवे स्टेशन है; सबसे पास बड़ा हवाई अड्डा छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), लगभग 225 किमी (बीड ज़िला)।

स्रोत

  1. देवघर ज़िला (झारखंड सरकार): बाबा बैद्यनाथ धाम, deoghar.nic.in/tourist-place/baidyanath-temple; इतिहास, deoghar.nic.in/history; श्रावणी मेला, deoghar.nic.in/shrawani-mela-2; कैसे पहुँचें, deoghar.nic.in/how-to-reach
  2. Incredible India (भारत सरकार): बाबा बैद्यनाथ धाम, incredibleindia.gov.in/en/jharkhand/deoghar/baba-baidyanath-dham; बैजनाथ मंदिर (कांगड़ा), incredibleindia.gov.in/en/himachal-pradesh/kangra/baijnath-temple
  3. वैजनाथ देवस्थान ट्रस्ट, परली: vaijnathjyotirling.com (मुखपृष्ठ, पूजा का समय /pooja.php, परली /parali.php, परिचय /about.php)
  4. बीड ज़िला: श्री वैद्यनाथ मंदिर परली, beed.gov.in; महाराष्ट्र पर्यटन: परली वैजनाथ, maharashtratourism.gov.in/temple/parli-vaijnath; महाराष्ट्र पर्यटन ज्योतिर्लिंग पत्रक (2024); हिंगोली ज़िला: औंढा नागनाथ, hingoli.nic.in
  5. कांगड़ा ज़िला (हिमाचल प्रदेश सरकार): शिव मंदिर बैजनाथ, hpkangra.nic.in/tourist-place/shiv-temple-baijnath
  6. शिव पुराण, कोटिरुद्र संहिता, अध्याय 28 (जे. एल. शास्त्री का अंग्रेज़ी अनुवाद, wisdomlib.org/hinduism/book/shiva-purana-english/d/doc226529.html; अध्याय-संख्या sa.wikisource के संस्कृत पाठ जैसी, गीता प्रेस के "संक्षिप्त शिवपुराण" में अलग)
  7. शिव पुराण, कोटिरुद्र संहिता 1.21–23 (बारह ज्योतिर्लिंगों की सूची), संस्कृत पाठ: sa.wikisource.org (शिवपुराणम्, संहिता ४, अध्यायः १)
  8. शिव पुराण, शतरुद्र संहिता 42 (अनुवादक की टिप्पणी: चिताभूमि का अर्थ स्पष्ट नहीं), wisdomlib.org/hinduism/book/shiva-purana-english/d/doc226438.html
  9. द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र ("सौराष्ट्रे सोमनाथं च …"), पाठ: sanskritdocuments.org/doc_shiva/jyotirling.html
  10. शंकराचार्य के नाम से द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र ("पूर्वोत्तरे प्रज्वलिकानिधाने", पाठ-भेद "पारलिकाभिधाने"), sanskritdocuments.org/doc_shiva/dvAdashaJyotistotra.html
  11. गीता प्रेस, संक्षिप्त शिवपुराण, पृ. 498 की टिप्पणी (archive.org/details/sankshipt-shiv-puran)
  12. Wikidata Q1089897, Q60617890 (निर्देशांक, CC0)

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