अध्याय 2: सांख्य योग
72 श्लोक। हर श्लोक का पूरा पन्ना, अर्थ और समीक्षा के साथ, एक-एक करके जुड़ रहा है।
- 2.44भोगैश्वर्यप्रसक्तानां…जल्द
- 2.45त्रैगुण्यविषया वेदा…जल्द
- 2.46यावानर्थ उदपाने…जल्द
- 2.47कर्मण्येवाधिकारस्ते…अर्थ सहित
- 2.48योगस्थः कुरु कर्माणि…जल्द
- 2.49दूरेण ह्यवरं कर्म…जल्द
- 2.50बुद्धियुक्तो जहातीह…जल्द