अयोध्या उत्तर प्रदेश में सरयू नदी के तट पर बसा नगर है, जिसे वाल्मीकि रामायण और परंपरा श्रीराम का जन्मस्थान मानते हैं। गरुड पुराण के सप्तपुरी श्लोक में इसका नाम सबसे पहले आता है। मुख्य दर्शन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू पर राम की पैड़ी के घाट हैं।
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- तीर्थ-सूची
- सप्त पुरी 1/7
- स्थान
- अयोध्या, सरयू नदी के तट पर, अयोध्या ज़िला
- राज्य
- उत्तर प्रदेश
- देश
- भारत
- आधिकारिक वेबसाइट
- ज़िला प्रशासन, अयोध्या (ayodhya.nic.in)
- नक्शा
- OpenStreetMap (26.7992, 82.2044)
सप्तपुरी में क्यों
गरुड पुराण का श्लोक "अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका। पुरी द्वारावती ज्ञेया सप्तैता मोक्षदायिकाः॥" सात नगरियों को मोक्ष देने वाली कहता है। अर्थ: अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, अवंतिका और द्वारावती पुरी, इन सात को मोक्ष देने वाली जानो। इस सूची में अयोध्या पहला नाम है।
हमने यह श्लोक गरुड पुराण के उत्तरखंड (प्रेतकल्प) में दो जगह पढ़ा: अध्याय 38 (श्लोक 5-6) और अध्याय 49 (श्लोक 114), वेंकटेश्वर प्रेस संस्करण के पाठ में। दोनों जगह प्रसंग यह है कि किन तीर्थों में देह छूटने से मोक्ष मिलता है। स्कंद पुराण के काशीखंड (पूर्वार्ध, अध्याय 7) में मथुरा का ब्राह्मण शिवशर्मा सात पुरियों की यात्रा का निश्चय करता है (श्लोक 42-43) और बाकी छह पुरियों में जाता है।
शास्त्रों में अयोध्या
वाल्मीकि रामायण (बालकांड 5.5-7) के अनुसार सरयू के तट पर कोसल देश था, जिसकी राजधानी अयोध्या को स्वयं मनु ने बसाया था। बालकांड (18.8-11) में कौसल्या चैत्र मास की नवमी को, पुनर्वसु नक्षत्र में, श्रीराम को जन्म देती हैं। स्कंद पुराण के काशीखंड (पूर्वार्ध 7.44-45) में शिवशर्मा अपनी सात पुरियों की यात्रा अयोध्या से शुरू करता है और सरयू में स्नान करता है।
मुख्य मंदिर और घाट
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर उस स्थान पर है जिसे श्रीराम का जन्मस्थान माना जाता है (Incredible India); श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार शिखर सहित मंदिर की कुल ऊँचाई 161 फ़ुट है, और दर्शन और आरती के पास निःशुल्क मिलते हैं। हनुमानगढ़ी अयोध्या रेलवे स्टेशन से लगभग 1 किमी है; माना जाता है कि हनुमान यहाँ रहकर अयोध्या की रक्षा करते हैं, और यहाँ माता अंजनी की गोद में बाल हनुमान की मूर्ति है (अयोध्या ज़िला)। उत्तर प्रदेश पर्यटन के अनुसार यह किले के आकार का मंदिर है।
कनक भवन जन्मभूमि के उत्तर-पूर्व में रामकोट में है; माना जाता है कि यह भवन कैकेयी ने विवाह के बाद सीता को दिया था, और मुख्य मूर्तियाँ राम और सीता की हैं (अयोध्या ज़िला, उत्तर प्रदेश पर्यटन)। राम की पैड़ी सरयू के किनारे घाटों की एक शृंखला है; उसी पर नागेश्वरनाथ मंदिर है, जिसे कुश द्वारा स्थापित कहा जाता है और जिसका आज का भवन 1750 में नवल राय ने बनवाया (अयोध्या ज़िला)। उत्तर प्रदेश पर्यटन के अनुसार गुप्तार घाट वह स्थान माना जाता है जहाँ श्रीराम ने सरयू में जल-समाधि ली।
अयोध्या कैसे पहुँचें
- हवाई: महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम से लगभग 10 किमी (अयोध्या ज़िला)।
- रेल: अयोध्या धाम और अयोध्या कैंट मुख्य स्टेशन हैं; रेल से अयोध्या धाम लखनऊ से 135 किमी, गोरखपुर से 164 किमी, प्रयागराज से 157 किमी और वाराणसी से 191 किमी है (अयोध्या ज़िला)।
- सड़क: लखनऊ से लगभग 130 किमी और दिल्ली से 636 किमी (अयोध्या ज़िला)।
प्रमुख त्योहार
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- श्लोक का दूसरा चरण लोक में "पुरी द्वारावती चैव" के रूप में भी बोला जाता है। गरुड पुराण के जिस पाठ में हमने इसे देखा, उसमें "पुरी द्वारावती ज्ञेया" है। श्लोक "सप्तैता" (ये सात) कहता है, इसलिए "पुरी द्वारावती" एक ही नगर, द्वारका पुरी, है, जगन्नाथ पुरी नहीं।
- अयोध्या ज़िले की वेबसाइट इस नगर को सात पुरियों में सबसे पहला या श्रेष्ठ बताता है। गरुड पुराण का श्लोक केवल सात नाम गिनाता है, कोई क्रम-श्रेष्ठता नहीं देता; दूसरी पुरियों के अपने स्रोत भी अपने नगर को पहला कहते हैं।
- कनक भवन किसने दिया: अयोध्या ज़िला और उत्तर प्रदेश पर्यटन कैकेयी लिखते हैं; श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पृष्ठ जनक द्वारा कन्यादान में दिया सोने का भवन। ट्रस्ट नागेश्वरनाथ को अयोध्या के "अधिष्ठाता देवता" का मंदिर भी कहता है।
- कुछ पुराने सरकारी पृष्ठ अब भी लखनऊ को निकटतम हवाई अड्डा लिखते हैं; वे अयोध्या के हवाई अड्डे से पहले के हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सप्तपुरी में अयोध्या कौन से स्थान पर है?
गरुड पुराण के श्लोक "अयोध्या मथुरा माया..." में अयोध्या पहला नाम है।
अयोध्या का हवाई अड्डा कौन सा है?
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम से लगभग 10 किमी।
अयोध्या किन तीर्थ-सूचियों में है?
सप्त पुरी (सूची में 7 में से 1वाँ)।
अयोध्या कैसे पहुँचें?
हवाई: महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम से लगभग 10 किमी (अयोध्या ज़िला)। रेल: अयोध्या धाम और अयोध्या कैंट मुख्य स्टेशन हैं; रेल से अयोध्या धाम लखनऊ से 135 किमी, गोरखपुर से 164 किमी, प्रयागराज से 157 किमी और वाराणसी से 191 किमी है (अयोध्या ज़िला)।
स्रोत
- गरुड पुराण, उत्तरखंड (धर्मकांड, प्रेतकल्प) 38.5-6 और 49.114, वेंकटेश्वर प्रेस संस्करण का पाठ, GRETIL: https://gretil.sub.uni-goettingen.de/gretil/1_sanskr/3_purana/garup2_u.htm
- स्कंद पुराण, काशीखंड पूर्वार्ध, अध्याय 7 (सात पुरियाँ), मोतीलाल बनारसीदास का अंग्रेज़ी अनुवाद, wisdomlib.org: https://www.wisdomlib.org/hinduism/book/the-skanda-purana/d/doc423744.html
- वाल्मीकि रामायण, बालकांड 5.5-7 और 18.8-11 (valmikiramayan.net): https://www.valmikiramayan.net/utf8/baala/sarga5/balasans5.htm ; https://www.valmikiramayan.net/utf8/baala/sarga18/balasans18.htm
- ज़िला अयोध्या: कैसे पहुँचें; ज़िले के बारे में; हनुमानगढ़ी; कनक भवन; नागेश्वरनाथ मंदिर; राम की पैड़ी: https://ayodhya.nic.in/how-to-reach/ ; https://ayodhya.nic.in/about-district/ ; https://ayodhya.nic.in/tourist-place/hanuman-garhi/ ; https://ayodhya.nic.in/tourist-place/kanak-bhawan/ ; https://ayodhya.nic.in/tourist-place/nageshwar-nath-temple/ ; https://ayodhya.nic.in/tourist-place/ram-ki-paidi/
- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र: मुख्य मंदिर; दर्शनीय स्थल: https://srjbtkshetra.org/main-temple/ ; https://srjbtkshetra.org/places-to-see/
- उत्तर प्रदेश पर्यटन: अयोध्या; हनुमानगढ़ी; कनक भवन; गुप्तार घाट: https://www.uptourism.gov.in/en/page/ayodhya ; https://www.uptourism.gov.in/en/article/hanuman-garhi ; https://www.uptourism.gov.in/en/article/kanak-bhawan ; https://www.uptourism.gov.in/en/article/guptar-ghat
- Incredible India: अयोध्या: https://www.incredibleindia.gov.in/en/uttar-pradesh/ayodhya
- स्थान के निर्देशांक: Wikidata (Q186040), CC0
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