कांचीपुरम

कामाक्षी, एकाम्बरेश्वर (शिव) और वरदराज (विष्णु)कांचीपुरम, तमिलनाडु

अन्य नाम: कांची, काञ्ची

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 7 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ
कांचीपुरम: सप्त पुरी 5/7, कामाक्षी, एकाम्बरेश्वर (शिव) और वरदराज (विष्णु), कांचीपुरम, तमिलनाडु
संक्षेप में

कांचीपुरम तमिलनाडु का प्राचीन मंदिर-नगर है, पल्लव राजाओं की राजधानी। गरुड पुराण के सप्तपुरी श्लोक में "कांची" पाँचवाँ नाम है, और सातों में यही दक्षिण भारत में है। यहाँ शिव (एकाम्बरेश्वर), देवी (कामाक्षी) और विष्णु (वरदराज) तीनों के प्रमुख मंदिर हैं; Incredible India कामाक्षी को नगर की अधिष्ठात्री देवी कहता है।

देवता
कामाक्षी, एकाम्बरेश्वर (शिव) और वरदराज (विष्णु)
तीर्थ-सूची
सप्त पुरी 5/7
स्थान
कांचीपुरम, कांचीपुरम ज़िला
राज्य
तमिलनाडु
देश
भारत
आधिकारिक वेबसाइट
ज़िला प्रशासन, कांचीपुरम (kancheepuram.nic.in)
नक्शा
OpenStreetMap (12.8308, 79.7078)

सप्तपुरी में क्यों

गरुड पुराण का श्लोक "अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका। पुरी द्वारावती ज्ञेया सप्तैता मोक्षदायिकाः॥" सात नगरियों को मोक्ष देने वाली कहता है। अर्थ: अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, अवंतिका और द्वारावती पुरी, इन सात को मोक्ष देने वाली जानो। इस सूची में कांची पाँचवाँ नाम है।

हमने यह श्लोक गरुड पुराण के उत्तरखंड (प्रेतकल्प) में दो जगह पढ़ा: अध्याय 38 (श्लोक 5-6) और अध्याय 49 (श्लोक 114), वेंकटेश्वर प्रेस संस्करण के पाठ में। दोनों जगह प्रसंग यह है कि किन तीर्थों में देह छूटने से मोक्ष मिलता है। स्कंद पुराण के काशीखंड (पूर्वार्ध, अध्याय 7) में मथुरा का ब्राह्मण शिवशर्मा सात पुरियों की यात्रा का निश्चय करता है (श्लोक 42-43) और बाकी छह पुरियों में जाता है।

शास्त्रों और इतिहास में कांची

स्कंद पुराण के काशीखंड (पूर्वार्ध 7.102-103) में शिवशर्मा कांची पहुँचता है, वहाँ सात रातें रहता है और फिर द्वारावती जाता है। कांचीपुरम ज़िले के अनुसार नगर पल्लवों की राजधानी था, विद्या का ऐसा केंद्र जो प्रतिष्ठा में केवल बनारस से पीछे था, और ज़िला "नगरेषु कांची" (नगरों में कांची) उक्ति को कालिदास की बताता है। ज़िले के अनुसार कांची कामकोटि पीठ आदि शंकराचार्य का स्थापित माना जाता है।

मुख्य मंदिर

एकाम्बरेश्वर मंदिर शिव के पंचभूत स्थलों में पृथ्वी तत्त्व का स्थल है, जहाँ शिव पृथ्वी-लिंग रूप में पूजे जाते हैं; यहाँ एक पवित्र आम का वृक्ष, सहस्र-स्तंभ मंडप और कृष्णदेवराय का बनवाया राजगोपुरम है (कांचीपुरम ज़िला, कांची कामकोटि पीठ)। कामाक्षी अम्मन मंदिर को ज़िला "नाभिस्थान ओट्टियाण पीठ" लिखता है।

वरदराज पेरुमाल (देवराजस्वामी, हस्तिगिरि) 108 दिव्य देशों में है (कांचीपुरम ज़िला); कामकोटि पीठ के अनुसार यह विष्णु कांची (छोटा कांचीपुरम) में है, और यहाँ अत्ति वरदर के दर्शन चालीस वर्ष में एक बार दस दिन होते हैं। कैलासनाथर मंदिर सातवीं सदी में पल्लव राजा राजसिंह (नरसिंहवर्मन द्वितीय) ने बनवाया और वैकुंठ पेरुमाल आठवीं सदी में नंदिवर्मन ने; दोनों पुरातत्व विभाग के संरक्षण में हैं (कांचीपुरम ज़िला)।

कांचीपुरम कैसे पहुँचें

  • हवाई: चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (मीनमबक्कम), लगभग 62 किमी (तमिलनाडु पर्यटन)।
  • रेल और सड़क: कांचीपुरम रेलवे स्टेशन; रेलें चेन्नई सेंट्रल या अरक्कोणम होकर और उपनगरीय (EMU) रेलें चेंगलपट्टु होकर आती हैं; चेन्नई से 75 किमी (कांचीपुरम ज़िला)।

प्रमुख त्योहार

एकाम्बरेश्वर ब्रह्मोत्सवम (पंगुनी, मार्च; दिव्य विवाह)वरदराज ब्रह्मोत्सवम (मई; गरुड़ सेवा और रथोत्सव)कामाक्षी ब्रह्मोत्सवम (फ़रवरी)महाशिवरात्रि, कैलासनाथर मंदिरनवरात्रि, कामाक्षी मंदिर

मत-भेद: स्रोतों में अंतर

  • श्लोक का दूसरा चरण लोक में "पुरी द्वारावती चैव" के रूप में भी बोला जाता है। गरुड पुराण के जिस पाठ में हमने इसे देखा, उसमें "पुरी द्वारावती ज्ञेया" है। श्लोक "सप्तैता" (ये सात) कहता है, इसलिए "पुरी द्वारावती" एक ही नगर, द्वारका पुरी, है, जगन्नाथ पुरी नहीं।
  • कांची कामकोटि पीठ की वेबसाइट इस नगर को सात पुरियों में सबसे पहला या श्रेष्ठ बताता है। गरुड पुराण का श्लोक केवल सात नाम गिनाता है, कोई क्रम-श्रेष्ठता नहीं देता; दूसरी पुरियों के अपने स्रोत भी अपने नगर को पहला कहते हैं।
  • एकाम्बरेश्वर का राजगोपुरम: ज़िले के एक पृष्ठ पर 192 फ़ुट, दूसरे पर 57 मीटर, कामकोटि पीठ पर 172 फ़ुट। ब्रह्मोत्सवम: ज़िला और Incredible India 10 दिन, कामकोटि पीठ पंगुनी उत्सव 13 दिन। कामकोटि पीठ अपनी स्थापना ईसा पूर्व 482 में बताता है; यह पीठ का अपना कथन है।
  • हवाई अड्डे की दूरी: तमिलनाडु पर्यटन 62 किमी, कामकोटि पीठ 61 किमी; चेन्नई की दूरी ज़िला 75 किमी, कामकोटि पीठ 70 किमी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सप्तपुरी में दक्षिण भारत की पुरी कौन सी है?

कांची, यानी तमिलनाडु का कांचीपुरम।

कांचीपुरम के मुख्य मंदिर कौन से हैं?

एकाम्बरेश्वर (शिव, पृथ्वी-लिंग), कामाक्षी अम्मन, वरदराज पेरुमाल (विष्णु), और पल्लव काल के कैलासनाथर और वैकुंठ पेरुमाल (कांचीपुरम ज़िला)।

कांचीपुरम कहाँ है?

कांचीपुरम कांचीपुरम, कांचीपुरम ज़िला, तमिलनाडु में है।

कांचीपुरम किन तीर्थ-सूचियों में है?

सप्त पुरी (सूची में 7 में से 5वाँ)।

कांचीपुरम कैसे पहुँचें?

हवाई: चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (मीनमबक्कम), लगभग 62 किमी (तमिलनाडु पर्यटन)। रेल और सड़क: कांचीपुरम रेलवे स्टेशन; रेलें चेन्नई सेंट्रल या अरक्कोणम होकर और उपनगरीय (EMU) रेलें चेंगलपट्टु होकर आती हैं; चेन्नई से 75 किमी (कांचीपुरम ज़िला)।

स्रोत

  1. गरुड पुराण, उत्तरखंड (धर्मकांड, प्रेतकल्प) 38.5-6 और 49.114, वेंकटेश्वर प्रेस संस्करण का पाठ, GRETIL: https://gretil.sub.uni-goettingen.de/gretil/1_sanskr/3_purana/garup2_u.htm
  2. स्कंद पुराण, काशीखंड पूर्वार्ध, अध्याय 7 (सात पुरियाँ), मोतीलाल बनारसीदास का अंग्रेज़ी अनुवाद, wisdomlib.org: https://www.wisdomlib.org/hinduism/book/the-skanda-purana/d/doc423744.html
  3. ज़िला कांचीपुरम: कैसे पहुँचें; इतिहास; दर्शनीय स्थल; उत्सव: https://kancheepuram.nic.in/how-to-reach/ ; https://kancheepuram.nic.in/about-district/history/ ; https://kancheepuram.nic.in/tourism/places-of-interest/ ; https://kancheepuram.nic.in/tourism/events-festivals/
  4. तमिलनाडु पर्यटन: कांचीपुरम: https://www.tamilnadutourism.tn.gov.in/destinations/kancheepuram
  5. कांची कामकोटि पीठ: कांची के मंदिर; कांची कैसे पहुँचें: https://www.kamakoti.org/kamakoti/visitors/temples%20in%20Kanchi.html ; https://www.kamakoti.org/kamakoti/visitors/travel%20directions%20to%20kanchi.html
  6. Incredible India: कांचीपुरम: https://www.incredibleindia.gov.in/en/tamil-nadu/kanchipuram
  7. स्थान के निर्देशांक: Wikidata (Q212332), CC0

कुछ गलत लगा? गलती बताएँ