हरिद्वार

गंगा (नगर गंगा का तीर्थ है; नाम हरि और हर दोनों से जुड़ता है)हरिद्वार, उत्तराखंड

अन्य नाम: माया, मायापुरी, गंगाद्वार, हरद्वार

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हरिद्वार: सप्त पुरी 3/7, गंगा (नगर गंगा का तीर्थ है; नाम हरि और हर दोनों से जुड़ता है), हरिद्वार, उत्तराखंड
संक्षेप में

हरिद्वार उत्तराखंड का वह नगर है जहाँ गंगा पहाड़ों से निकलकर मैदान में आती है। गरुड पुराण के सप्तपुरी श्लोक में इसे "माया" (मायापुरी) कहा गया है। हर की पौड़ी का ब्रह्मकुंड यहाँ का मुख्य घाट है, और यहाँ हर बारह वर्ष पर कुंभ और छह वर्ष पर अर्धकुंभ लगता है।

देवता
गंगा (नगर गंगा का तीर्थ है; नाम हरि और हर दोनों से जुड़ता है)
तीर्थ-सूची
सप्त पुरी 3/7
स्थान
हरिद्वार, गंगा के तट पर, हरिद्वार ज़िला
राज्य
उत्तराखंड
देश
भारत
आधिकारिक वेबसाइट
ज़िला प्रशासन, हरिद्वार (haridwar.nic.in)
नक्शा
OpenStreetMap (29.9667, 78.1667)

सप्तपुरी में क्यों

गरुड पुराण का श्लोक "अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका। पुरी द्वारावती ज्ञेया सप्तैता मोक्षदायिकाः॥" सात नगरियों को मोक्ष देने वाली कहता है। अर्थ: अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, अवंतिका और द्वारावती पुरी, इन सात को मोक्ष देने वाली जानो। इस सूची में माया (आज का हरिद्वार) तीसरा नाम है।

हमने यह श्लोक गरुड पुराण के उत्तरखंड (प्रेतकल्प) में दो जगह पढ़ा: अध्याय 38 (श्लोक 5-6) और अध्याय 49 (श्लोक 114), वेंकटेश्वर प्रेस संस्करण के पाठ में। दोनों जगह प्रसंग यह है कि किन तीर्थों में देह छूटने से मोक्ष मिलता है। स्कंद पुराण के काशीखंड (पूर्वार्ध, अध्याय 7) में मथुरा का ब्राह्मण शिवशर्मा सात पुरियों की यात्रा का निश्चय करता है (श्लोक 42-43) और बाकी छह पुरियों में जाता है।

नाम और महत्त्व

स्कंद पुराण के काशीखंड (पूर्वार्ध 7.113-116) में शिवशर्मा मायापुरी पहुँचता है; वहाँ कहा गया है कि कोई इसे हरिद्वार, कोई मोक्षद्वार, कोई गंगाद्वार और कोई मायापुर कहता है, और हरिद्वार को वैकुंठ की एक सीढ़ी कहा गया है। हरिद्वार ज़िले के अनुसार नगर के पुराने नाम मायापुरी, कपिला और गंगाद्वार हैं, और शिव और विष्णु के अनुयायी इसे क्रमशः "हरद्वार" और "हरिद्वार" कहते हैं।

हरिद्वार ज़िले के अनुसार अमृत की बूँदें हर की पौड़ी के ब्रह्मकुंड में गिरी थीं; अमृत-कलश हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक में रखा गया, इसलिए इन चारों में कुंभ लगता है। हरिद्वार में महाकुंभ तब होता है जब बृहस्पति कुंभ राशि में आते हैं, हर बारह वर्ष पर; अर्धकुंभ हर छह वर्ष पर।

मुख्य घाट और मंदिर

हर की पौड़ी ("देवताओं के चरण") नगर का मुख्य घाट है, जहाँ हर शाम गंगा आरती होती है (उत्तराखंड पर्यटन); ज़िले के अनुसार परंपरा इसे राजा विक्रमादित्य का बनवाया मानती है। उत्तराखंड पर्यटन पाँच तीर्थ गिनाता है: गंगाद्वार (हर की पौड़ी), कुशावर्त घाट, कनखल, बिल्व तीर्थ (मनसा देवी) और नील पर्वत (चंडी देवी)।

मनसा देवी बिल्व पर्वत पर है, जहाँ लगभग 3 किमी पैदल या रोपवे से पहुँचते हैं; चंडी देवी नील पर्वत पर है; और माया देवी मंदिर के साथ ये तीनों सिद्धपीठों का त्रिकोण बनाते हैं (उत्तराखंड पर्यटन)। कनखल का दक्ष महादेव मंदिर वह स्थान माना जाता है जहाँ राजा दक्ष ने यज्ञ किया था; सावन में यहाँ भीड़ रहती है (उत्तराखंड पर्यटन)।

हरिद्वार कैसे पहुँचें

  • हवाई: देहरादून का जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, हरिद्वार से 37 किमी (हरिद्वार ज़िला, उत्तराखंड पर्यटन)।
  • रेल: हरिद्वार रेलवे स्टेशन, उत्तर रेलवे पर (हरिद्वार ज़िला)।

प्रमुख त्योहार

कुंभ (हर बारह वर्ष) और अर्धकुंभ (हर छह वर्ष)कांवड़ यात्रा (सावन)गंगा दशहराकार्तिक पूर्णिमा स्नानसोमवती अमावस्या

मत-भेद: स्रोतों में अंतर

  • श्लोक का दूसरा चरण लोक में "पुरी द्वारावती चैव" के रूप में भी बोला जाता है। गरुड पुराण के जिस पाठ में हमने इसे देखा, उसमें "पुरी द्वारावती ज्ञेया" है। श्लोक "सप्तैता" (ये सात) कहता है, इसलिए "पुरी द्वारावती" एक ही नगर, द्वारका पुरी, है, जगन्नाथ पुरी नहीं।
  • गरुड पुराण (संक्षिप्त) का अर्नेस्ट वुड और एस. वी. सुब्रह्मण्यम का 1911 का अंग्रेज़ी अनुवाद तीसरे नाम के स्थान पर "माया" नहीं, "गया" पढ़ता है; संस्कृत पाठ दोनों जगह "माया" पढ़ता है, और स्कंद पुराण का काशीखंड मायापुरी को हरिद्वार ही बताता है।
  • जॉली ग्रांट की दूरी: ज़िले का "कैसे पहुँचें" पृष्ठ और उत्तराखंड पर्यटन 37 किमी लिखते हैं, ज़िले के कुछ स्थान-पृष्ठ 72 किमी। ज़िले के इतिहास-पृष्ठ पर "हरद्वार और हरिद्वार" की जगह छपाई की भूल से दोनों बार "हरद्वार" छपा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सप्तपुरी में माया कौन सी नगरी है?

माया या मायापुरी आज का हरिद्वार (उत्तराखंड) है।

हरिद्वार या हरद्वार, सही नाम क्या है?

दोनों चलते हैं। हरिद्वार ज़िले के अनुसार विष्णु (हरि) के अनुयायी हरिद्वार कहते हैं और शिव (हर) के अनुयायी हरद्वार।

हरिद्वार कहाँ है?

हरिद्वार हरिद्वार, गंगा के तट पर, हरिद्वार ज़िला, उत्तराखंड में है।

हरिद्वार किन तीर्थ-सूचियों में है?

सप्त पुरी (सूची में 7 में से 3वाँ)।

हरिद्वार कैसे पहुँचें?

हवाई: देहरादून का जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, हरिद्वार से 37 किमी (हरिद्वार ज़िला, उत्तराखंड पर्यटन)। रेल: हरिद्वार रेलवे स्टेशन, उत्तर रेलवे पर (हरिद्वार ज़िला)।

स्रोत

  1. गरुड पुराण, उत्तरखंड (धर्मकांड, प्रेतकल्प) 38.5-6 और 49.114, वेंकटेश्वर प्रेस संस्करण का पाठ, GRETIL: https://gretil.sub.uni-goettingen.de/gretil/1_sanskr/3_purana/garup2_u.htm
  2. स्कंद पुराण, काशीखंड पूर्वार्ध, अध्याय 7 (सात पुरियाँ), मोतीलाल बनारसीदास का अंग्रेज़ी अनुवाद, wisdomlib.org: https://www.wisdomlib.org/hinduism/book/the-skanda-purana/d/doc423744.html
  3. गरुड पुराण (संक्षिप्त), अनु. अर्नेस्ट वुड और एस. वी. सुब्रह्मण्यम, 1911, अध्याय 16 (wisdomlib.org): https://www.wisdomlib.org/hinduism/book/the-garuda-purana-2/d/doc63657.html
  4. ज़िला हरिद्वार: इतिहास; ज़िले के बारे में; कुंभ; कैसे पहुँचें; हर की पौड़ी; मनसा देवी; चंडी देवी; कांवड़ यात्रा: https://haridwar.nic.in/history/ ; https://haridwar.nic.in/about-district/ ; https://haridwar.nic.in/about-kumbh/ ; https://haridwar.nic.in/how-to-reach/ ; https://haridwar.nic.in/tourist-place/har-ki-pauri/ ; https://haridwar.nic.in/tourist-place/mansa-devi-temple/ ; https://haridwar.nic.in/tourist-place/chandi-devi-temple/ ; https://haridwar.nic.in/festival/kanwar-yatra/
  5. उत्तराखंड पर्यटन: हरिद्वार: https://uttarakhandtourism.gov.in/destination/haridwar
  6. Incredible India: हरिद्वार: https://www.incredibleindia.gov.in/en/uttarakhand/haridwar
  7. स्थान के निर्देशांक: Wikidata (Q273030), CC0

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