गंगोत्री उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में भागीरथी नदी के तट पर देवी गंगा का मंदिर है। यहाँ नदी भागीरथी कहलाती है और देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलकर गंगा बनती है; उसका उद्गम गोमुख लगभग 19 किमी आगे है। मंदिर तक सड़क जाती है, और यह छोटा चार धाम यात्रा का दूसरा पड़ाव है।
हर सुबह तिथि, राहु काल और आने वाले व्रत-त्योहार, WhatsApp पर एक छोटे संदेश में।चैनल फ़ॉलो करें
- देवता
- देवी गंगा
- तीर्थ-सूची
- उत्तराखंड के छोटा चार धाम 2/4
- स्थान
- गंगोत्री, भागीरथी के दाहिने तट पर, उत्तरकाशी ज़िला
- राज्य
- उत्तराखंड
- देश
- भारत
- आधिकारिक वेबसाइट
- श्री 5 मंदिर समिति, गंगोत्री धाम (shrigangotridhammandirsamiti.org)
कपाट कब खुलते हैं
2026 में कपाट अक्षय तृतीया, 19 अप्रैल, को दोपहर 12:15 बजे खुले। परंपरा से कपाट अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) को बंद होते हैं, जो 2026 में 10 नवंबर को है; समय हर साल घोषित होता है। 2025 में कपाट 22 अक्टूबर, अन्नकूट, को बंद हुए और प्रतिमा मुखबा ले जाई गई।
स्रोत: newsonair.gov.inजाँचा:
भगीरथ की कथा
उत्तरकाशी ज़िले की वेबसाइट यह कथा देती है: राजा सगर के साठ हज़ार पुत्र भस्म हो गए थे; उनके उद्धार के लिए राजा भगीरथ ने तप किया और गंगा पृथ्वी पर आईं। मंदिर के पास की वह शिला, जिस पर भगीरथ ने तप किया माना जाता है, भगीरथ शिला कहलाती है। गंगा के उतरने की कथा वाल्मीकि रामायण के बालकांड (सर्ग 38 से 44) में भी है।
मंदिर और पूजा
उत्तरकाशी ज़िले और गंगोत्री मंदिर समिति के अनुसार आज का मंदिर गोरखा सेनापति अमर सिंह थापा ने बनवाया; चार धाम पोर्टल के अनुसार बाद में जयपुर के महाराजा ने इसका जीर्णोद्धार कराया। समिति के अनुसार मंदिर सफ़ेद ग्रेनाइट का, नागर शैली में बना है।
मंदिर समिति के अनुसार पूजा सदियों से मुखबा गाँव के सेमवाल ब्राह्मण करते आए हैं, और सर्दियों में गंगा की प्रतिमा मुखबा ले जाई जाती है, जहाँ शीतकालीन पूजा चलती रहती है।
गंगोत्री कैसे पहुँचें
- सड़क: मंदिर तक पक्की सड़क है (राष्ट्रीय राजमार्ग 108); उत्तरकाशी ज़िले के अनुसार ऋषिकेश से लगभग 248 किमी और उत्तरकाशी नगर से 100 किमी।
- रेल और हवाई: निकटतम स्टेशन ऋषिकेश, देहरादून और हरिद्वार, और निकटतम हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट है (उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार लगभग 250 किमी)।
- गोमुख, नदी का उद्गम, गंगोत्री से 19 किमी पैदल है (उत्तरकाशी ज़िला)। यात्रा के लिए registrationandtouristcare.uk.gov.in पर पंजीकरण होता है।
प्रमुख त्योहार
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- दर्शन का समय: मंदिर समिति की वेबसाइट सुबह 6:15 से 9, दोपहर 3 से शाम 7:20 और रात 8:30 से 9:30 देती है (दोपहर 2 से 3 शयन; शरद नवरात्र के बाद आधा घंटा कम)। पर 4 अप्रैल 2026 की बैठक में समिति ने तय किया कि दर्शन सुबह 6 से शाम 4 बजे तक होंगे और फिर शाम 7:45 की गंगा आरती से रात 10 बजे तक (समिति के सचिव, अमर उजाला और ईटीवी भारत में)। वेबसाइट पर यह बदलाव नहीं दिखता, इसलिए यहाँ समय-सारणी नहीं दी है; जाने से पहले समिति से पूछ लें।
- ऊँचाई: उत्तराखंड पर्यटन लगभग 3,415 मीटर लिखता है, चार धाम पोर्टल 3,100 मीटर, और उत्तरकाशी ज़िले के पृष्ठ 3,140 और 3,200 मीटर।
- मंदिर की सदी: समिति अमर सिंह थापा के निर्माण को अठारहवीं सदी का बताती है, जबकि चमोली ज़िले का इतिहास-पृष्ठ गढ़वाल में गोरखा शासन 1804 से 1815 तक, यानी उन्नीसवीं सदी में, रखता है।
- ऋषिकेश से दूरी: उत्तरकाशी ज़िला लगभग 248 किमी देता है, उत्तराखंड पर्यटन लगभग 230 किमी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गंगोत्री के कपाट कब बंद होते हैं?
परंपरा से अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) को, जो 2026 में 10 नवंबर को है; समय हर साल घोषित होता है। सर्दियों में गंगा की पूजा मुखबा गाँव में होती है।
गंगोत्री में गंगा को भागीरथी क्यों कहते हैं?
राजा भगीरथ के नाम पर, जिनके तप से कथा के अनुसार गंगा पृथ्वी पर आईं। देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलने के बाद नदी गंगा कहलाती है (उत्तरकाशी ज़िला)।
गंगोत्री मंदिर कहाँ है?
गंगोत्री मंदिर गंगोत्री, भागीरथी के दाहिने तट पर, उत्तरकाशी ज़िला, उत्तराखंड में है।
गंगोत्री किन तीर्थ-सूचियों में है?
उत्तराखंड के छोटा चार धाम (सूची में 4 में से 2वाँ)।
गंगोत्री कैसे पहुँचें?
सड़क: मंदिर तक पक्की सड़क है (राष्ट्रीय राजमार्ग 108); उत्तरकाशी ज़िले के अनुसार ऋषिकेश से लगभग 248 किमी और उत्तरकाशी नगर से 100 किमी। रेल और हवाई: निकटतम स्टेशन ऋषिकेश, देहरादून और हरिद्वार, और निकटतम हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट है (उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार लगभग 250 किमी)।
स्रोत
- ज़िला उत्तरकाशी: गंगोत्री मंदिर: https://uttarkashi.nic.in/gangotri-temple/ ; गंगोत्री धाम: https://uttarkashi.nic.in/tourist-place/gangotri-dham-uttarkashi/
- श्री 5 मंदिर समिति, गंगोत्री धाम: हमारे बारे में और दर्शन की जानकारी: https://shrigangotridhammandirsamiti.org/about-us-3/ ; https://shrigangotridhammandirsamiti.org/darshan-information/
- उत्तराखंड सरकार, चार धाम पंजीकरण पोर्टल: गंगोत्री: https://registrationandtouristcare.uk.gov.in/dham_detail.php?dham=Mg==
- उत्तराखंड पर्यटन: गंगोत्री: https://uttarakhandtourism.gov.in/destination/gangotri
- ज़िला चमोली: इतिहास: https://chamoli.gov.in/history/
- वाल्मीकि रामायण, बालकांड, सर्ग 38-44 (सगर के पुत्र और गंगा का अवतरण)
- आकाशवाणी समाचार, 19 अप्रैल 2026: अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुले: https://newsonair.gov.in/portals-of-gangotri-dham-and-yamunotri-dham-open-for-devotees-on-akshaya-tritiya/
- आकाशवाणी समाचार, 22 अक्टूबर 2025: अन्नकूट पर गंगोत्री के कपाट बंद, प्रतिमा मुखबा ले जाई गई: https://www.newsonair.gov.in/gangotri-dham-closed-for-winter-today-on-annakut-festival-idol-of-goddess-ganga-moved-to-mukhba/
- अमर उजाला, 4 अप्रैल 2026: गंगोत्री में दर्शन का समय बदला: https://www.amarujala.com/dehradun/gangotri-dham-temple-darshan-timings-change-open-from-6-00-to-4-00-evening-aarti-scheduled-chardham-yatra2026-2026-04-04
- ईटीवी भारत, 5 अप्रैल 2026: गंगोत्री मंदिर समिति ने दर्शन का समय बदला: https://www.etvbharat.com/hi/bharat/uttarakhand-gangotri-temple-committee-changes-temple-darshan-timings-and-bans-mobile-phones-uttarakhand-news-uts26040501359
कुछ गलत लगा? गलती बताएँ
