तीर्थ और धाम

उत्तराखंड के छोटा चार धाम

संक्षेप में

उत्तराखंड के छोटा चार धाम चार हिमालयी तीर्थ हैं, जिनकी यात्रा इसी क्रम में होती है: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ।

#नामज़िलादेवता या नदीऊँचाई (लगभग)
1यमुनोत्रीउत्तरकाशीदेवी यमुना; यमुना नदी के उद्गम के पास3,233 मीटर (उत्तराखंड पर्यटन)
2गंगोत्रीउत्तरकाशीदेवी गंगा; यहाँ नदी भागीरथी कहलाती है, उद्गम 19 किमी आगे गोमुख में3,415 मीटर (उत्तराखंड पर्यटन)
3केदारनाथरुद्रप्रयागशिव (ज्योतिर्लिंग); मंदाकिनी नदी के तट पर3,584 मीटर (मंदिर समिति)
4बद्रीनाथचमोलीविष्णु (बद्रीनारायण); अलकनंदा तट पर, नर और नारायण पर्वतों के बीच3,100 मीटर (उत्तराखंड पर्यटन)

इन तीर्थों को नक्शे पर देखेंहर नाम पर उसका अपना पन्ना है: स्थान, देवता, कथा और स्रोत

यात्रा का क्रम

उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार यात्रा यमुनोत्री से शुरू होती है, फिर गंगोत्री, फिर केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ जाती है। यात्रा का मौसम मई से अक्टूबर बताया गया है। यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर पंजीकरण होता है।

कपाट कब खुलते और बंद होते हैं

2026 में गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया, 19 अप्रैल को खुले (आकाशवाणी समाचार)। केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को खुले; यह तिथि महाशिवरात्रि पर ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग देखकर घोषित हुई थी। बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुले (डीडी न्यूज़)।

मंदिर समिति के अनुसार केदारनाथ के कपाट प्रायः कार्तिक के आरंभ (अक्टूबर-नवंबर) में बंद होते हैं और सर्दियों में केदारनाथ की पूजा ऊखीमठ में होती है। बंद होने की तिथियाँ हर साल पहले घोषित की जाती हैं।

स्रोतों में अंतर

  • ऊँचाई के आँकड़े स्रोतों में अलग हैं: केदारनाथ को मंदिर समिति 3,584 मीटर और उत्तराखंड पर्यटन 3,580 मीटर लिखता है। दूसरे स्रोत और अलग आँकड़े देते हैं, इसलिए तालिका में आधिकारिक आँकड़े "लगभग" के साथ दिए हैं।
  • "छोटा" शब्द केवल पहचान के लिए है; उत्तराखंड पर्यटन इस यात्रा को सीधे "चार धाम" कहता है। भारत के चार धाम (बद्रीनाथ, द्वारका, पुरी, रामेश्वरम) अलग सूची है।
संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 4 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छोटा चार धाम में कौन-कौन से मंदिर हैं?

यमुनोत्री (देवी यमुना), गंगोत्री (देवी गंगा), केदारनाथ (शिव) और बद्रीनाथ (विष्णु)। चारों उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में हैं।

चार धाम यात्रा किस क्रम में होती है?

उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, फिर बद्रीनाथ।

2026 में चार धाम के कपाट कब खुले?

गंगोत्री और यमुनोत्री 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया), केदारनाथ 22 अप्रैल और बद्रीनाथ 23 अप्रैल 2026 को।

क्या केदारनाथ ज्योतिर्लिंग है?

हाँ, केदारनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह पंच केदार में भी गिना जाता है।

स्रोत

  1. उत्तराखंड पर्यटन (uttarakhandtourism.gov.in): यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के पृष्ठ
  2. बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति: श्री केदारनाथ धाम और श्री बद्रीनाथ धाम (badrinath-kedarnath.gov.in)
  3. ज़िला उत्तरकाशी की वेबसाइट: गंगोत्री धाम, यमुनोत्री धाम (uttarkashi.nic.in)
  4. आकाशवाणी समाचार (newsonair.gov.in), 15 फ़रवरी और 19 अप्रैल 2026; डीडी न्यूज़, 23 अप्रैल 2026

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