पंचांग: गुरुवार, 24 दिसंबर 2026

तिथि, नक्षत्र, योग, चौघड़िया और राहु काल, शहर के सूर्योदय के अनुसार।

गुरुवार, 24 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय 7:11 AM और सूर्यास्त 5:30 PM पर है। सूर्योदय के समय पौष कृष्ण प्रतिपदा तिथि है। राहु काल 1:38 PM से 2:55 PM तक और अभिजित मुहूर्त 12:00 PM से 12:41 PM तक है।

गुरुवार, 24 दिसंबर 2026 · नई दिल्ली

पौष कृष्ण प्रतिपदा

प्रतिपदा 3:08 AM तक, फिर द्वितीया

सूर्योदय
7:11 AM
सूर्यास्त
5:30 PM
दिनमान
10 घंटे 19 मिनट
चंद्रोदय
5:52 PM
चंद्रास्त
7:22 AM
वार
गुरुवार
नक्षत्र
आर्द्रा 1:48 AM तक
योग
शुक्ल 12:52 PM तक
करण (सूर्योदय पर)
बालव
मास (पूर्णिमांत / अमांत)
पौष / मार्गशीर्ष
सूर्य राशि
धनु
चंद्र राशि
मिथुन

शुभ समय

अभिजित मुहूर्त
12:00 PM–12:41 PM
विजय मुहूर्त
2:04 PM–2:45 PM

अशुभ समय

राहु काल
1:38 PM–2:55 PM
यमगण्ड
7:11 AM–8:28 AM
गुलिक काल
9:46 AM–11:03 AM

दिन का चौघड़िया

  1. शुभशुभ7:11 AM–8:28 AM
  2. रोगअशुभ8:28 AM–9:46 AM
  3. उद्वेगअशुभ9:46 AM–11:03 AM
  4. चरसामान्य, यात्रा के लिए अच्छा11:03 AM–12:21 PM
  5. लाभलाभदायक12:21 PM–1:38 PM
  6. अमृतसर्वश्रेष्ठ1:38 PM–2:55 PM
  7. कालअशुभ2:55 PM–4:13 PM
  8. शुभशुभ4:13 PM–5:30 PM

रात का चौघड़िया

  1. अमृतसर्वश्रेष्ठ5:30 PM–7:13 PM
  2. चरसामान्य, यात्रा के लिए अच्छा7:13 PM–8:56 PM
  3. रोगअशुभ8:56 PM–10:38 PM
  4. कालअशुभ10:38 PM–12:21 AM (25 दिस॰)
  5. लाभलाभदायक12:21–2:03 AM (25 दिस॰)
  6. उद्वेगअशुभ2:03–3:46 AM (25 दिस॰)
  7. शुभशुभ3:46–5:29 AM (25 दिस॰)
  8. अमृतसर्वश्रेष्ठ5:29–7:11 AM (25 दिस॰)

गणना: सूर्य-चंद्र की स्थिति (astronomy-engine) और लाहिड़ी अयनांश से, Drik Panchang से मिलान। समय भारतीय मानक समय में। स्थानीय पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है। गणना कैसे होती है · आज की तिथि और अगले 15 दिन · आज का चौघड़िया नई दिल्ली · आज नई दिल्ली में चाँद कितने बजे निकलेगा · आज का राहु काल नई दिल्ली

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पंचांग को समझें

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया में दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। अमृत, शुभ, लाभ और चर को काम शुरू करने या यात्रा के लिए अच्छा माना जाता है; उद्वेग, काल और रोग से बचा जाता है।

तिथि क्या होती है?

चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि है। एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं: शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से पूर्णिमा, कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा से अमावस्या।

पंचांग में दिन की तिथि कैसे तय होती है?

सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है। इसे उदय तिथि कहते हैं। इसलिए अलग शहरों में तिथि का समय थोड़ा अलग होता है।

पूर्णिमांत और अमांत मास में क्या अंतर है?

पूर्णिमांत में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है (उत्तर भारत), अमांत में अमावस्या पर (दक्षिण और पश्चिम भारत)। शुक्ल पक्ष का नाम दोनों में एक है, कृष्ण पक्ष में मास का नाम एक आगे होता है।

राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल कैसे निकलते हैं?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। सप्ताह के हर दिन एक तय भाग राहु काल होता है, जैसे सोमवार को दूसरा और शनिवार को तीसरा, और इसी तरह यमगण्ड और गुलिक काल के भाग तय हैं।

शहर के अनुसार आज का पंचांग