शुभकामना कार्ड बनाएँ: नवरात्रि से छठ तक

त्योहार और डिज़ाइन चुनें, उस पर श्लोक या अपने शहर का मुहूर्त लगाएँ, अपना नाम लिखें, फिर फ़ोटो सेव करें या WhatsApp पर भेजें। या आज का पंचांग कार्ड भेजें।

  1. त्योहार और डिज़ाइन चुनें
    नीचे की तस्वीरों से
  2. श्लोक या शहर का मुहूर्त, और अपना नाम
    नाम लिखना ज़रूरी नहीं
  3. फ़ोटो सेव करें या WhatsApp पर भेजें
    कार्ड आपके फ़ोन पर ही बनता है

1. कार्ड चुनें: आज का या त्योहार का

2. डिज़ाइन चुनें

3. कार्ड पर क्या लिखा हो

फ़ोन पर “कार्ड शेयर करें” से WhatsApp चुनें। कंप्यूटर पर फ़ोटो सेव करके भेजें। कार्ड आपके फ़ोन पर ही बनता है; आपका नाम कहीं नहीं भेजा जाता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मेरा नाम कहीं भेजा या सहेजा जाता है?

नहीं। कार्ड आपके ब्राउज़र में ही बनता है। नाम और चुना हुआ श्लोक हमारे सर्वर पर नहीं जाते।

कार्ड पर मुहूर्त किस आधार पर है?

वही गणना जो त्योहारों के पन्नों पर है: घटस्थापना Drik Panchang के नियम से (प्रतिपदा में दिन का पहला तिहाई, चित्रा और वैधृति से बचकर, द्विस्वभाव लग्न), विजय मुहूर्त दिन का ग्यारहवाँ मुहूर्त, करवा चौथ की पूजा सूर्यास्त के बाद और फिर चंद्रोदय, लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल, वृषभ लग्न और अमावस्या के एक साथ रहने तक, भाई दूज का तिलक अपराह्न काल (दिन का चौथा पाँचवाँ भाग) में, और छठ के अर्घ्य सूर्यास्त और सूर्योदय पर। नई दिल्ली के समय Drik Panchang से एक-दो मिनट के भीतर मिलते हैं।

कार्ड के श्लोक कहाँ से लिए गए हैं?

हर त्योहार के शुभकामना श्लोकों के पन्ने से, जहाँ हर श्लोक दो अलग-अलग प्रकाशनों से शब्द-शब्द मिलाया गया है और उसका स्रोत, अर्थ और पाठभेद लिखा है। कार्ड पर स्रोत का छोटा नाम आता है, पूरा स्रोत उस पन्ने पर।

आज के कार्ड पर क्या होता है, और समय कहाँ से आते हैं?

आज की तारीख और वार; सूर्योदय के समय की तिथि (उदय तिथि) उसके पक्ष और मास के साथ, और वह कब तक है; साइट के व्रत-त्योहार कैलेंडर से आज का व्रत या त्योहार; आपके चुने शहर का सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल; और भगवद्गीता के दूसरे अध्याय का आज का श्लोक, वही जो मुखपृष्ठ पर है। तारीख भारत के समय से ली जाती है और समय SanatanBodh के अपने पंचांग (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश) से आपके फ़ोन पर ही निकलते हैं। नई दिल्ली के लिए इन्हें Drik Panchang से मिलाया गया: सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल एक मिनट के भीतर, तिथि का अंत-समय लगभग एक-दो मिनट बाद।