द्वारकाधीश मंदिर, जिसे जगत मंदिर भी कहते हैं, गुजरात के द्वारका नगर में गोमती नदी के समुद्र-संगम के पास श्रीकृष्ण का मुख्य मंदिर है, जहाँ वे द्वारका के राजा के रूप में पूजे जाते हैं। यह भारत के चार धामों में पश्चिम का धाम है। मंदिर की समय-सारणी के अनुसार दर्शन सुबह 6:30 से दोपहर 1 बजे तक और शाम 5 से रात 9:30 बजे तक होते हैं।
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- परंपरा
- वैष्णव
- तीर्थ-सूची
- चार धाम 2/4
- स्थान
- द्वारका, गोमती घाट के पास, देवभूमि द्वारका ज़िला
- राज्य
- गुजरात
- देश
- भारत
- आधिकारिक वेबसाइट
- श्री द्वारकाधीश देवस्थान समिति (dwarkadhish.org)
- नक्शा
- OpenStreetMap (22.2379, 68.9676)
दर्शन और आरती का समय
| मंगला आरती | सुबह 6:30 |
|---|---|
| सुबह के दर्शन | सुबह 7 से दोपहर 12:30; बीच में भोग और अभिषेक के समय पट बंद (8 से 9 अभिषेक, 9:30 से 9:45 स्नान भोग, 10:15 से 10:30 शृंगार भोग, 11:05 से 11:20 ग्वाल भोग, 12 से 12:20 राजभोग) |
| शृंगार आरती | सुबह 10:30 से 10:45 |
| अनोसर (पट बंद) | दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक |
| उत्थापन, शाम के पहले दर्शन | शाम 5 बजे |
| संध्या आरती | शाम 7:30 से 7:45 |
| शयन आरती | रात 8:30 से 8:35 |
| मंदिर बंद | रात 9:30 |
मंदिर की समय-सारणी के अनुसार विशेष दिनों और त्योहारों पर समय बदल सकता है। शाम को भी भोग के समय थोड़ी-थोड़ी देर पट बंद रहते हैं।
स्रोत: dwarkadhish.orgजाँचा: समय बदल सकते हैं; जाने से पहले आधिकारिक स्रोत देख लें।
द्वारकाधीश: कथा
भागवत पुराण (10.50.49-53) के अनुसार बलराम से विचार करके श्रीकृष्ण ने समुद्र के भीतर एक दुर्ग-नगर बनवाया, जिसमें विश्वकर्मा का सारा कौशल दिखता था। मंदिर की वेबसाइट लिखती है कि जरासंध के बार-बार के आक्रमणों के बाद कृष्ण मथुरा छोड़कर द्वारका आए और यहाँ के राजा, "द्वारकाधीश", कहलाए।
मंदिर समिति के अनुसार श्रीजी को विष्णु के त्रिविक्रम रूप में दर्शाया जाता है, पर उनकी सेवा "राजाधिराज" की तरह होती है और वस्त्र और शृंगार उसी ढंग से बनते हैं। गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड के अनुसार मूर्ति काले पत्थर की, चतुर्भुज है।
मंदिर, ध्वजा और द्वार
देवभूमि द्वारका ज़िले के अनुसार मुख्य मंदिर पाँच मंज़िला है, चालुक्य शैली में चूना-पत्थर से बना; उसका शिखर लगभग 43 मीटर ऊँचा है और उस पर 52 गज़ कपड़े की ध्वजा लहराती है, जो लगभग 10 किमी दूर से दिखती है। यात्री पहले गोमती में स्नान करते हैं और गोमती की ओर की 56 सीढ़ियाँ चढ़कर स्वर्ग द्वार से भीतर आते हैं; बाहर मोक्ष द्वार से निकलते हैं। मंदिर समिति के अनुसार इन दो द्वारों के बीच परिसर में 19 मंदिर हैं।
मंदिर की वेबसाइट के अनुसार ध्वजा पर सूर्य और चंद्र के चिह्न होते हैं, और ध्वजा चढ़ाने की बुकिंग गुग्गली ब्राह्मण ज्ञाति के माध्यम से होती है। पूजा गुग्गली ब्राह्मण समाज के 27 पुजारी बारी-बारी से करते हैं (मंदिर समिति)। मंदिर से लगा हुआ आदि शंकराचार्य का शारदा पीठ है, जिसे शृंगेरी शारदा पीठ पश्चिम दिशा का आम्नाय मठ बताता है।
इतिहास
परंपरा पहले मंदिर को श्रीकृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ से जोड़ती है (देवभूमि द्वारका ज़िला, गुजरात पर्यटन)। ज़िले के इतिहास-पृष्ठ के अनुसार मंदिर को महमूद बेगड़ा की सेना ने नष्ट किया और सोलहवीं सदी में फिर से बनाया गया; गुजरात पर्यटन विनाश का वर्ष 1472 देता है। मंदिर की वेबसाइट के अनुसार 1903 में गायकवाड़ ने शिखर पर सोने का कलश चढ़ाया। "द्वारकाधीश मंदिर समूह" भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की केंद्रीय संरक्षित स्मारकों की सूची में है।
द्वारकाधीश कैसे पहुँचें
- रेल: द्वारका रेलवे स्टेशन (DWK); स्टेशन से मंदिर लगभग 2 किमी है (देवभूमि द्वारका ज़िला)।
- हवाई: ज़िले के अनुसार पोरबंदर हवाई अड्डा 95 किमी और जामनगर हवाई अड्डा 110 किमी है।
प्रमुख त्योहार
मत-भेद: स्रोतों में अंतर
- मंदिर कितना पुराना है: ज़िले के मंदिर-पृष्ठ पर पुरातत्व विभाग के मत से 1,200 वर्ष, ज़िले के दर्शनीय-स्थल पृष्ठ पर 2,200 वर्ष, और ज़िले के इतिहास-पृष्ठ और गुजरात पर्यटन पर लगभग 2,500 वर्ष। वज्रनाभ को कहीं कृष्ण का पौत्र, कहीं प्रपौत्र लिखा है।
- शिखर की ऊँचाई: ज़िला और गुजरात पर्यटन 43 मीटर, यात्राधाम बोर्ड 160 फ़ुट (लगभग 49 मीटर), Incredible India 78 मीटर। "72 खंभे" और "दिन में पाँच बार ध्वजा बदलना" केवल Incredible India पर मिले; मंदिर या गुजरात सरकार के किसी पृष्ठ पर नहीं, इसलिए यहाँ नहीं लिखे।
- दर्शन का समय: मंदिर की समय-सारणी (2025) सुबह 6:30 से 1 और शाम 5 से 9:30 देती है, जिससे Incredible India मेल खाता है; गुजरात पर्यटन सुबह 7 से 12:30 और शाम 5 से 9 लिखता है। जामनगर की दूरी भी स्रोतों में 110 से 148 किमी तक दी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
मंदिर की समय-सारणी के अनुसार सुबह 6:30 (मंगला आरती) से दोपहर 1 बजे तक और शाम 5 से रात 9:30 तक; भोग के समय बीच-बीच में पट बंद रहते हैं, और त्योहारों पर समय बदल सकता है।
क्या द्वारका चार धाम में है?
हाँ, द्वारका भारत के चार धामों में पश्चिम का धाम है। द्वारका नगर गरुड पुराण की सप्तपुरी में भी है।
द्वारकाधीश मंदिर कहाँ है?
द्वारकाधीश मंदिर द्वारका, गोमती घाट के पास, देवभूमि द्वारका ज़िला, गुजरात में है।
द्वारकाधीश किन तीर्थ-सूचियों में है?
चार धाम (सूची में 4 में से 2वाँ)।
द्वारकाधीश कैसे पहुँचें?
रेल: द्वारका रेलवे स्टेशन (DWK); स्टेशन से मंदिर लगभग 2 किमी है (देवभूमि द्वारका ज़िला)। हवाई: ज़िले के अनुसार पोरबंदर हवाई अड्डा 95 किमी और जामनगर हवाई अड्डा 110 किमी है।
स्रोत
- श्री द्वारकाधीश मंदिर: समय-सारणी: https://www.dwarkadhish.org/jagad-mandir/time-table/
- श्री द्वारकाधीश मंदिर: देवस्थान समिति: https://www.dwarkadhish.org/uncategorized/devasthan-samiti/
- श्री द्वारकाधीश मंदिर: ध्वजारोहण; अन्य उत्सव; कृष्ण द्वारकाधीश कैसे बने; संक्षिप्त इतिहास: https://www.dwarkadhish.org/jagad-mandir/dwaja-arohan/ ; https://www.dwarkadhish.org/jagad-mandir/other-important-celebrations/ ; https://www.dwarkadhish.org/krishna-incarnation/krishna-become-dwarkadhish/ ; https://www.dwarkadhish.org/home/little-history/
- ज़िला देवभूमि द्वारका: द्वारकाधीश मंदिर; दर्शनीय स्थल; कैसे पहुँचें; इतिहास; शारदा पीठ: https://devbhumidwarka.nic.in/tourist-place/dwarkadhish-temple/ ; https://devbhumidwarka.nic.in/places-of-interest/ ; https://devbhumidwarka.nic.in/how-to-reach/ ; https://devbhumidwarka.nic.in/history/ ; https://devbhumidwarka.nic.in/tourist-place/shardapith-temple/
- गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड: द्वारका: https://yatradham.gujarat.gov.in/TempleDetails?templename=rfym4HMfY0WJFzVFFU1tvg==
- गुजरात पर्यटन: द्वारकाधीश मंदिर: https://www.gujarattourism.com/saurashtra/devbhoomi-dwarka/dwarkadhish-temple.html
- Incredible India (भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय): द्वारकाधीश मंदिर: https://www.incredibleindia.gov.in/en/gujarat/dwarka/dwarkadhish-temple
- भागवत पुराण 10.50.49-53 (समुद्र में द्वारका दुर्ग का निर्माण): https://vedabase.io/en/library/sb/10/50/
- श्री शृंगेरी शारदा पीठ: चार आम्नाय पीठ: https://www.sringeri.net/history/amnaya-peethams
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण: केंद्रीय संरक्षित स्मारकों की सूची (गुजरात, राजकोट मंडल): https://asi.nic.in/pdf/CPM_List.pdf
- स्थान के निर्देशांक: Wikidata (Q1268294), CC0
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