अवतार

मत्स्य अवतार

संक्षेप में

मत्स्य दशावतार में विष्णु का पहला अवतार है, मछली के रूप में। भागवत पुराण (8.24) के अनुसार पिछले कल्प के अंत की प्रलय में उन्होंने राजा सत्यव्रत, ऋषियों, औषधियों और बीजों वाली नाव को अपने सींग से बाँधकर पार लगाया, और हयग्रीव नाम के दानव को मारकर ब्रह्मा को वेद लौटाए। वही सत्यव्रत इस कल्प में वैवस्वत मनु हुए।

दशावतार में
पहला अवतार
रूप
मछली; प्रलय के समय एक सींग वाली सुनहरी विशाल मछली (भागवत 8.24.44)
कब
भागवत (8.24.7) के अनुसार पिछले (ब्राह्म) कल्प के अंत की प्रलय में; युग की गिनती में परंपरा सत्य युग कहती है
मुख्य पात्र
राजा सत्यव्रत (वैवस्वत मनु), सप्तर्षि, दानव हयग्रीव, ब्रह्मा
कथा के ग्रंथ
शतपथ ब्राह्मण 1.8.1; महाभारत, वनपर्व; मत्स्य पुराण; भागवत पुराण 8.24
जयंती
मत्स्य जयंती: चैत्र शुक्ल तृतीया (परंपरा के अनुसार)

भागवत की कथा

पिछले कल्प के अंत में ब्रह्मा सोने को हुए तो उनके मुख से वेद निकल पड़े, और पास ही हयग्रीव नाम का बलवान दानव उन्हें उठा ले गया (8.24.7-8)। यह देखकर भगवान हरि ने एक छोटी चमकती मछली का रूप लिया (8.24.9)। उस समय द्रविड़ देश के राजर्षि सत्यव्रत केवल जल पीकर तप कर रहे थे (8.24.10, 13)।

कृतमाला नदी में तर्पण करते समय उनकी अंजलि के जल में एक नन्ही मछली आ गई। उसने कहा कि नदी के बड़े जीव उसे खा जाएँगे, तो राजा ने उसे कमंडल में रख लिया (8.24.12-16)। एक रात में वह कमंडल से बड़ी हो गई; फिर बड़े पात्र, फिर सरोवर, फिर बड़े-बड़े जलाशयों से भी बढ़ती गई, और अंत में राजा ने उसे समुद्र में छोड़ा (8.24.17-23)। राजा समझ गए कि यह साधारण मछली नहीं, स्वयं नारायण हैं (8.24.25-27)।

भगवान ने बताया कि सातवें दिन तीनों लोक प्रलय के जल में डूब जाएँगे और एक बड़ी नाव उनके पास आएगी; राजा सब औषधियाँ और बीज लेकर, सप्तर्षियों के साथ उसमें बैठें और नाव को एक बड़े सर्प से उनके सींग में बाँध दें (8.24.32-36)। वैसा ही हुआ: प्रलय में एक सींग वाली सुनहरी विशाल मछली प्रकट हुई, और राजा ने नाव को वासुकि से उसके सींग में बाँधा (8.24.44-45)।

नाव में बैठे राजा और ऋषियों को भगवान ने आत्मा और ब्रह्म का ज्ञान दिया; भागवत (8.24.55) कहता है कि यही उपदेश मत्स्य पुराण है। प्रलय बीतने पर ब्रह्मा जागे तो भगवान ने हयग्रीव को मारकर उन्हें वेद लौटाए (8.24.57), और सत्यव्रत इस कल्प में वैवस्वत मनु हुए (8.24.58)।

सबसे पुरानी कथा: शतपथ ब्राह्मण

शतपथ ब्राह्मण (1.8.1.1-6) में मनु के हाथ धोने के जल में एक मछली आती है और कहती है, “मुझे पालो, मैं तुम्हें बचाऊँगी”, क्योंकि एक बाढ़ सब प्राणियों को बहा ले जाएगी। वह पहले घड़े में, फिर गड्ढे में और फिर समुद्र में रहती है। मनु उसके कहे अनुसार नाव बनाते हैं, बाढ़ आने पर नाव को मछली के सींग से बाँधते हैं, और मछली उन्हें उत्तर के पर्वत तक ले जाती है। यहाँ मछली किसी देवता से जोड़ी नहीं गई है।

स्रोतों में अंतर

  • मछली कौन है: शतपथ ब्राह्मण में मछली किसी देवता से नहीं जोड़ी गई; महाभारत के वनपर्व में मछली स्वयं को ब्रह्मा बताती है; मत्स्य पुराण और भागवत में वह विष्णु हैं।
  • वेद चुराने वाला: भागवत में हयग्रीव; विकिपीडिया के अनुसार पद्म और स्कंद पुराण के रूपों में दानव का नाम शंख है। जयदेव का गीतगोविंद केवल इतना कहता है कि मत्स्य ने प्रलय के जल में वेदों को धारण किया।
  • स्थान: भागवत में कृतमाला नदी (तगारे के अनुवाद की टिप्पणी के अनुसार तमिलनाडु की वैगई); मत्स्य पुराण में मनु मलय पर्वत पर तप करते हैं।
संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 4 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मत्स्य अवतार क्यों हुआ?

भागवत (8.24) के अनुसार दो कारणों से: ब्रह्मा के मुख से गिरे वेदों को हयग्रीव से वापस लाना, और प्रलय में राजा सत्यव्रत, सप्तर्षियों और सब बीजों को बचाकर अगली सृष्टि तक पहुँचाना।

मत्स्य अवतार में राजा कौन थे?

द्रविड़ देश के राजर्षि सत्यव्रत, जो इस कल्प में सूर्य (विवस्वान) के पुत्र वैवस्वत मनु (श्राद्धदेव) हुए (भागवत 8.24.10-13, 58)। शतपथ ब्राह्मण में वे केवल ‘मनु’ हैं।

मत्स्य जयंती कब होती है?

परंपरा के अनुसार चैत्र शुक्ल तृतीया को। यह तिथि किसी पुराण के श्लोक से हमने नहीं जाँची है।

मत्स्य पुराण का मत्स्य अवतार से क्या संबंध है?

भागवत (8.24.55) के अनुसार नाव में बैठे सत्यव्रत को मत्स्य भगवान ने जो उपदेश दिया, वही मत्स्य पुराण है। मत्स्य पुराण स्वयं मनु और मत्स्य के संवाद से आरंभ होता है।

स्रोत

  1. भागवत पुराण 8.24.7-61, 9.1.2-3 (जी. वी. तगारे का अंग्रेज़ी अनुवाद, मोतीलाल बनारसीदास, archive.org)
  2. शतपथ ब्राह्मण 1.8.1.1-6 (जूलियस एगलिंग का अनुवाद, सेक्रेड बुक्स ऑफ़ द ईस्ट, खंड 12, archive.org)
  3. विष्णु पुराण 1.4 (एच. एच. विल्सन का अनुवाद, archive.org): पिछले कल्पों में मत्स्य और कूर्म रूप का उल्लेख
  4. विकिपीडिया: “Matsya” (महाभारत और मत्स्य पुराण के रूप, शंख वाला अंतर, मत्स्य जयंती)

कुछ गलत लगा? गलती बताएँ