आ से नाम: शास्त्रों से 5 नाम

लड़कों के 3 और लड़कियों के 2 नाम। हर नाम का अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण व राशि।

संक्षेप में

आ से शुरू होने वाले 5 नाम यहाँ हैं: लड़कों के 3 और लड़कियों के 2 नाम। हर नाम विष्णुसहस्रनाम, दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में से लिया गया है और दो अलग-अलग संस्करणों में मिलाया गया है; हर नाम के साथ उसका अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और अवकहड़ा चक्र के अनुसार पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण और राशि (मेष) दी गई है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 6 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

आ से लड़कों के नाम (3)

  • आदित्य

    Adityaलड़का

    सूर्यमंडल में स्थित हिरण्मय पुरुष; या बारह आदित्यों में विष्णु

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 39
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अ → कृत्तिका चरण 1 → मेष
  • आदिदेव

    Adidevलड़का

    सबसे पहले देव

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 334
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अ → कृत्तिका चरण 1 → मेष
  • आनंद

    आनन्दAnandलड़का

    आनंद ही जिनका स्वरूप है

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 526
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अ → कृत्तिका चरण 1 → मेष

आ से लड़कियों के नाम (2)

  • आद्या

    Adyaलड़की

    आदि, सबसे पहली; अद्वितीय

    स्रोत
    दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम, नाम 9 (गीता प्रेस)
    देवता
    दुर्गा
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 137; आप्टे, पृ. 237
    पहला अक्षर
    अ → कृत्तिका चरण 1 → मेष
  • आर्या

    Aryaलड़की

    आदरणीय, श्रेष्ठ; पार्वती का एक नाम

    स्रोत
    दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम, नाम 6 (गीता प्रेस)
    देवता
    दुर्गा
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 152; आप्टे, पृ. 256
    पहला अक्षर
    अ → कृत्तिका चरण 1 → मेष

आ से नाम: सवाल-जवाब

आ से शुरू होने वाले नाम की राशि क्या है?

अवकहड़ा चक्र में नाम का पहला अक्षर जिस नक्षत्र-चरण का हो, उसी चरण की राशि नाम राशि मानी जाती है। इस पन्ने के नामों के पहले अक्षर: अ (कृत्तिका चरण 1, मेष): आदित्य, आदिदेव, आद्या, आनंद आदि। यह नाम राशि है; जन्म राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि है, जो जन्म पंचांग से निकलती है।

नाम के साथ लिखी संख्या का क्या अर्थ है?

वह ग्रंथ में नाम का क्रम है: विष्णुसहस्रनाम और ललिता सहस्रनाम में 1 से 1000 तक, महाभारत के शिवसहस्रनाम में गीता प्रेस की गिनती से 1 से 1008 तक, और दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में 1 से 108 तक। एक ही नाम सहस्रनाम में एक से अधिक बार आए तो पहली संख्या दी गई है।

क्या नाम जन्म-नक्षत्र के अक्षर से ही रखना चाहिए?

कई परिवारों में यह परंपरा है कि नाम जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के अक्षर से रखा जाए। यह परिवार की परंपरा पर है। यह पन्ना हर नाम के पहले अक्षर का चरण बताता है, ताकि यह मिलान किया जा सके; जन्म का नक्षत्र-चरण जन्म पंचांग से निकलता है। नामकरण की विधि अपने कुल के पुरोहित से पूछें।

स्रोत

  1. विष्णुसहस्रनाम: महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  2. विष्णुसहस्रनाम: विष्णुसहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
  3. विष्णुसहस्रनाम: The Vishnu Sahasranama with the Bhashya of Sri Sankaracharya, tr. R. Ananthakrishna Sastry (Theosophical Publishing House, 1927)
  4. दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम: सचित्र श्रीदुर्गासप्तशती, अनु. रामनारायणदत्त शास्त्री ‘राम’ (गीता प्रेस, 1961): नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  5. दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम: श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् और नामावली, sanskritdocuments.org
  6. नाम अक्षर: बृहदवकहडाचक्रम्, शतपदचक्र श्लोक 9–15; पं. सीताराम शर्मा, अति बृहत् अवकहड़ा चक्रम् (1932), पृ. 22–26

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