प से शुरू होने वाले 21 नाम यहाँ हैं: लड़कों के 14 और लड़कियों के 7 नाम। हर नाम विष्णुसहस्रनाम, ललिता सहस्रनाम, शिवसहस्रनाम (महाभारत) में से लिया गया है और दो अलग-अलग संस्करणों में मिलाया गया है; हर नाम के साथ उसका अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और अवकहड़ा चक्र के अनुसार पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण और राशि (कन्या) दी गई है।
प से लड़कों के नाम (14)
पद्मनाभ
Padmanabhलड़काजिनकी नाभि में जगत् का मूल कमल है
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 48
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
परमेश्वर
Parameshwarलड़कासर्वोच्च ईश्वर, जो सब भूतों में समान रूप से स्थित हैं
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 377
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
पर्जन्य
Parjanyaलड़कामेघ की तरह तीनों तापों को बुझाने और मनचाहा बरसाने वाले
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 810
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
पवन
Pavanलड़कापवित्र करने वाले (गीता 10.31: पवित्र करने वालों में मैं वायु हूँ)
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 291
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
पवित्र
Pavitraलड़कापवित्र करने वाले, या स्वयं पवित्र करने का साधन
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 62
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
पशुपति
Pashupatiलड़कापशुओं (जीवों) के स्वामी
- स्रोत
- शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 409 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.76
- देवता
- शिव
- अर्थ का आधार
- संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 611
- पहला अक्षर
- पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
पुरंदर
पुरन्दरPurandarलड़कादेवताओं के शत्रुओं के पुरों (नगरों) को तोड़ने वाले
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 335
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- पू → हस्त चरण 1 → कन्या
पुरुजित
पुरुजित्Purujitलड़काबहुतों को जीतने वाले
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 506
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- पू → हस्त चरण 1 → कन्या
पुरुषोत्तम
Purushottamलड़काक्षर और अक्षर, दोनों से उत्तम पुरुष (गीता 15.18)
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 24
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- पू → हस्त चरण 1 → कन्या
पूर्ण
Poornलड़कासब कामनाओं और शक्तियों से परिपूर्ण
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 685
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- पू → हस्त चरण 1 → कन्या
पृथु
Prithuलड़काविश्व के रूप में फैले हुए
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 410
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- संयुक्ताक्षर पृ का पहला वर्ण प: पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
प्रकाश
Prakashलड़काप्रकाशमान, उज्ज्वल; भक्तों के सामने स्वयं को प्रकट करने वाले (गीता प्रेस)
- स्रोत
- शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 510 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.89
- देवता
- शिव
- अर्थ का आधार
- संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 653; आप्टे, पृ. 724
- पहला अक्षर
- संयुक्ताक्षर प्र का पहला वर्ण प: पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
प्रद्युम्न
Pradyumnaलड़काप्रकृष्ट द्युम्न (धन) वाले; या चतुर्व्यूह में से एक
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 640
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- संयुक्ताक्षर प्र का पहला वर्ण प: पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
प से लड़कियों के नाम (7)
परमेश्वरी
Parameshwariलड़कीसर्वोच्च शासिका
- स्रोत
- ललिता सहस्रनाम, नाम 396; दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में भी (नाम 104)
- देवता
- ललिता (देवी)
- अर्थ का आधार
- भास्करराय की टीका
- पहला अक्षर
- पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
पार्वती
Parvatiलड़कीपर्वतराज हिमवान की पुत्री
- स्रोत
- ललिता सहस्रनाम, नाम 246
- देवता
- ललिता (देवी)
- अर्थ का आधार
- भास्करराय की टीका
- पहला अक्षर
- पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
पुष्टि
Pushtiलड़कीपोषण-रूपा; देवदारु वन की देवी
- स्रोत
- ललिता सहस्रनाम, नाम 444
- देवता
- ललिता (देवी)
- अर्थ का आधार
- भास्करराय की टीका
- पहला अक्षर
- पू → हस्त चरण 1 → कन्या
पूर्णा
Purnaलड़कीपूर्णता: काल, देश और परिस्थिति की सीमा से मुक्त
- स्रोत
- ललिता सहस्रनाम, नाम 292
- देवता
- ललिता (देवी)
- अर्थ का आधार
- भास्करराय की टीका
- पहला अक्षर
- पू → हस्त चरण 1 → कन्या
प्रतिष्ठा
Pratishthaलड़कीसारे जगत् की नींव
- स्रोत
- ललिता सहस्रनाम, नाम 829
- देवता
- ललिता (देवी)
- अर्थ का आधार
- भास्करराय की टीका
- पहला अक्षर
- संयुक्ताक्षर प्र का पहला वर्ण प: पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
प्रभावती
Prabhavatiलड़कीप्रकाशमयी, अणिमा आदि दीप्त शक्तियों से घिरी
- स्रोत
- ललिता सहस्रनाम, नाम 393
- देवता
- ललिता (देवी)
- अर्थ का आधार
- भास्करराय की टीका
- पहला अक्षर
- संयुक्ताक्षर प्र का पहला वर्ण प: पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या
प्रियंकरी
प्रियङ्करीPriyankariलड़कीप्रिय करने वाली, स्नेह जगाने वाली
- स्रोत
- ललिता सहस्रनाम, नाम 731
- देवता
- ललिता (देवी)
- अर्थ का आधार
- भास्करराय की टीका
- पहला अक्षर
- संयुक्ताक्षर प्रि का पहला वर्ण प: पा → उत्तरा फाल्गुनी चरण 3 → कन्या या मात्रा सहित पी: पी → उत्तरा फाल्गुनी चरण 4 → कन्या
इस खोज से कोई नाम नहीं मिला।
प से नाम: सवाल-जवाब
प से शुरू होने वाले नाम की राशि क्या है?
अवकहड़ा चक्र में नाम का पहला अक्षर जिस नक्षत्र-चरण का हो, उसी चरण की राशि नाम राशि मानी जाती है। इस पन्ने के नामों के पहले अक्षर: पा (उत्तरा फाल्गुनी चरण 3, कन्या): पद्मनाभ, परमेश्वर, परमेश्वरी, पर्जन्य आदि। पू (हस्त चरण 1, कन्या): पुरंदर, पुरुजित, पुरुषोत्तम, पुष्टि आदि। यह नाम राशि है; जन्म राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि है, जो जन्म पंचांग से निकलती है।
नाम के साथ लिखी संख्या का क्या अर्थ है?
वह ग्रंथ में नाम का क्रम है: विष्णुसहस्रनाम और ललिता सहस्रनाम में 1 से 1000 तक, महाभारत के शिवसहस्रनाम में गीता प्रेस की गिनती से 1 से 1008 तक, और दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में 1 से 108 तक। एक ही नाम सहस्रनाम में एक से अधिक बार आए तो पहली संख्या दी गई है।
क्या नाम जन्म-नक्षत्र के अक्षर से ही रखना चाहिए?
कई परिवारों में यह परंपरा है कि नाम जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के अक्षर से रखा जाए। यह परिवार की परंपरा पर है। यह पन्ना हर नाम के पहले अक्षर का चरण बताता है, ताकि यह मिलान किया जा सके; जन्म का नक्षत्र-चरण जन्म पंचांग से निकलता है। नामकरण की विधि अपने कुल के पुरोहित से पूछें।
स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम: महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
- विष्णुसहस्रनाम: विष्णुसहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
- विष्णुसहस्रनाम: The Vishnu Sahasranama with the Bhashya of Sri Sankaracharya, tr. R. Ananthakrishna Sastry (Theosophical Publishing House, 1927)
- ललिता सहस्रनाम: ललिता सहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
- ललिता सहस्रनाम: Lalita Sahasranama with Bhaskararaya’s Commentary, tr. R. Ananthakrishna Sastry (2nd ed., 1925)
- शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
- शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, पुणे समीक्षित संस्करण (BORI), अनुशासन पर्व, sanskritdocuments.org
- नाम अक्षर: बृहदवकहडाचक्रम्, शतपदचक्र श्लोक 9–15; पं. सीताराम शर्मा, अति बृहत् अवकहड़ा चक्रम् (1932), पृ. 22–26
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