ग से शुरू होने वाले 5 नाम यहाँ हैं: लड़कों के 3 और लड़कियों के 2 नाम। हर नाम शिवसहस्रनाम (महाभारत), विष्णुसहस्रनाम, ललिता सहस्रनाम में से लिया गया है और दो अलग-अलग संस्करणों में मिलाया गया है; हर नाम के साथ उसका अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और अवकहड़ा चक्र के अनुसार पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण और राशि (मकर, कुंभ) दी गई है।
ग से लड़कों के नाम (3)
गंभीर
गम्भीरGambhirलड़कागहरे, गंभीर स्वभाव वाले
- स्रोत
- शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 198 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.52
- देवता
- शिव
- अर्थ का आधार
- संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 346
- पहला अक्षर
- गा → धनिष्ठा चरण 1 → मकर
गदाधर
Gadadharलड़काकौमोदकी गदा धारण करने वाले, जो बुद्धि-तत्व की प्रतीक है
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 997
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- गा → धनिष्ठा चरण 1 → मकर
गोविंद
गोविन्दGovindलड़काजिन्होंने छिपाई गई पृथ्वी (गो) को फिर पाया (विंद); या वाणी (गो) से जाने जाने वाले
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 187
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- गो → शतभिषा चरण 1 → कुंभ
ग से लड़कियों के नाम (2)
गायत्री
Gayatriलड़कीचौबीस अक्षरों का गायत्री छंद; पद्म पुराण के अनुसार ब्रह्मा की पत्नी गायत्री भी
- स्रोत
- ललिता सहस्रनाम, नाम 420
- देवता
- ललिता (देवी)
- अर्थ का आधार
- भास्करराय की टीका
- पहला अक्षर
- गा → धनिष्ठा चरण 1 → मकर
गौरी
Gauriलड़कीगौर वर्ण वाली, शंख, चमेली और चंद्रमा जैसी उजली (देवी पुराण)
- स्रोत
- ललिता सहस्रनाम, नाम 635
- देवता
- ललिता (देवी)
- अर्थ का आधार
- भास्करराय की टीका
- पहला अक्षर
- गो → शतभिषा चरण 1 → कुंभ
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ग से नाम: सवाल-जवाब
ग से शुरू होने वाले नाम की राशि क्या है?
अवकहड़ा चक्र में नाम का पहला अक्षर जिस नक्षत्र-चरण का हो, उसी चरण की राशि नाम राशि मानी जाती है। इस पन्ने के नामों के पहले अक्षर: गा (धनिष्ठा चरण 1, मकर): गंभीर, गदाधर, गायत्री। गो (शतभिषा चरण 1, कुंभ): गोविंद, गौरी। यह नाम राशि है; जन्म राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि है, जो जन्म पंचांग से निकलती है।
नाम के साथ लिखी संख्या का क्या अर्थ है?
वह ग्रंथ में नाम का क्रम है: विष्णुसहस्रनाम और ललिता सहस्रनाम में 1 से 1000 तक, महाभारत के शिवसहस्रनाम में गीता प्रेस की गिनती से 1 से 1008 तक, और दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में 1 से 108 तक। एक ही नाम सहस्रनाम में एक से अधिक बार आए तो पहली संख्या दी गई है।
क्या नाम जन्म-नक्षत्र के अक्षर से ही रखना चाहिए?
कई परिवारों में यह परंपरा है कि नाम जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के अक्षर से रखा जाए। यह परिवार की परंपरा पर है। यह पन्ना हर नाम के पहले अक्षर का चरण बताता है, ताकि यह मिलान किया जा सके; जन्म का नक्षत्र-चरण जन्म पंचांग से निकलता है। नामकरण की विधि अपने कुल के पुरोहित से पूछें।
स्रोत
- शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
- शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, पुणे समीक्षित संस्करण (BORI), अनुशासन पर्व, sanskritdocuments.org
- विष्णुसहस्रनाम: महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
- विष्णुसहस्रनाम: विष्णुसहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
- विष्णुसहस्रनाम: The Vishnu Sahasranama with the Bhashya of Sri Sankaracharya, tr. R. Ananthakrishna Sastry (Theosophical Publishing House, 1927)
- ललिता सहस्रनाम: ललिता सहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
- ललिता सहस्रनाम: Lalita Sahasranama with Bhaskararaya’s Commentary, tr. R. Ananthakrishna Sastry (2nd ed., 1925)
- नाम अक्षर: बृहदवकहडाचक्रम्, शतपदचक्र श्लोक 9–15; पं. सीताराम शर्मा, अति बृहत् अवकहड़ा चक्रम् (1932), पृ. 22–26
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