त से शुरू होने वाले 5 नाम यहाँ हैं: लड़कों के 3 और लड़कियों के 2 नाम। हर नाम दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम, विष्णुसहस्रनाम, ललिता सहस्रनाम में से लिया गया है और दो अलग-अलग संस्करणों में मिलाया गया है; हर नाम के साथ उसका अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और अवकहड़ा चक्र के अनुसार पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण और राशि (तुला) दी गई है।
त से लड़कों के नाम (3)
तारण
Taranलड़कासंसार-सागर से पार उतारने वाले
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 337
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
- पहला अक्षर
- ता → स्वाति चरण 4 → तुला
त्रिलोकेश
Trilokeshलड़कातीनों लोकों के शासक
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 647
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
त्रिविक्रम
Trivikramलड़काजिनके तीन पग तीनों लोकों में पड़े
- स्रोत
- विष्णुसहस्रनाम, नाम 530
- देवता
- विष्णु
- अर्थ का आधार
- शंकराचार्य का भाष्य
त से लड़कियों के नाम (2)
तपस्विनी
Tapaswiniलड़कीतप में लगी रहने वाली
- स्रोत
- दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम, नाम 96 (गीता प्रेस)
- देवता
- दुर्गा
- अर्थ का आधार
- संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 437
- पहला अक्षर
- ता → स्वाति चरण 4 → तुला
तुष्टि
Tushtiलड़कीसंतोष-रूपा
- स्रोत
- ललिता सहस्रनाम, नाम 443
- देवता
- ललिता (देवी)
- अर्थ का आधार
- भास्करराय की टीका
- पहला अक्षर
- तू → विशाखा चरण 2 → तुला
इस खोज से कोई नाम नहीं मिला।
त से नाम: सवाल-जवाब
त से शुरू होने वाले नाम की राशि क्या है?
अवकहड़ा चक्र में नाम का पहला अक्षर जिस नक्षत्र-चरण का हो, उसी चरण की राशि नाम राशि मानी जाती है। इस पन्ने के नामों के पहले अक्षर: ता (स्वाति चरण 4, तुला): तपस्विनी, तारण, त्रिलोकेश, त्रिविक्रम। तू (विशाखा चरण 2, तुला): तुष्टि। यह नाम राशि है; जन्म राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि है, जो जन्म पंचांग से निकलती है।
नाम के साथ लिखी संख्या का क्या अर्थ है?
वह ग्रंथ में नाम का क्रम है: विष्णुसहस्रनाम और ललिता सहस्रनाम में 1 से 1000 तक, महाभारत के शिवसहस्रनाम में गीता प्रेस की गिनती से 1 से 1008 तक, और दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में 1 से 108 तक। एक ही नाम सहस्रनाम में एक से अधिक बार आए तो पहली संख्या दी गई है।
क्या नाम जन्म-नक्षत्र के अक्षर से ही रखना चाहिए?
कई परिवारों में यह परंपरा है कि नाम जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के अक्षर से रखा जाए। यह परिवार की परंपरा पर है। यह पन्ना हर नाम के पहले अक्षर का चरण बताता है, ताकि यह मिलान किया जा सके; जन्म का नक्षत्र-चरण जन्म पंचांग से निकलता है। नामकरण की विधि अपने कुल के पुरोहित से पूछें।
स्रोत
- दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम: सचित्र श्रीदुर्गासप्तशती, अनु. रामनारायणदत्त शास्त्री ‘राम’ (गीता प्रेस, 1961): नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
- दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम: श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् और नामावली, sanskritdocuments.org
- विष्णुसहस्रनाम: महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
- विष्णुसहस्रनाम: विष्णुसहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
- विष्णुसहस्रनाम: The Vishnu Sahasranama with the Bhashya of Sri Sankaracharya, tr. R. Ananthakrishna Sastry (Theosophical Publishing House, 1927)
- ललिता सहस्रनाम: ललिता सहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
- ललिता सहस्रनाम: Lalita Sahasranama with Bhaskararaya’s Commentary, tr. R. Ananthakrishna Sastry (2nd ed., 1925)
- नाम अक्षर: बृहदवकहडाचक्रम्, शतपदचक्र श्लोक 9–15; पं. सीताराम शर्मा, अति बृहत् अवकहड़ा चक्रम् (1932), पृ. 22–26
कुछ गलत लगा? गलती बताएँ