न से नाम: शास्त्रों से 11 नाम

लड़कों के 4 और लड़कियों के 7 नाम। हर नाम का अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण व राशि।

संक्षेप में

न से शुरू होने वाले 11 नाम यहाँ हैं: लड़कों के 4 और लड़कियों के 7 नाम। हर नाम विष्णुसहस्रनाम, ललिता सहस्रनाम, शिवसहस्रनाम (महाभारत) में से लिया गया है और दो अलग-अलग संस्करणों में मिलाया गया है; हर नाम के साथ उसका अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और अवकहड़ा चक्र के अनुसार पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण और राशि (वृश्चिक) दी गई है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 8 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

न से लड़कों के नाम (4)

  • नंदन

    नन्दनNandanलड़का

    आनंद देने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 527
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    ना → अनुराधा चरण 1 → वृश्चिक
  • नारायण

    Narayanलड़का

    नर (आत्मा) से उपजे तत्व (नार) जिनके अयन (निवास) हैं, और जो उनमें व्याप्त हैं

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 245
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    ना → अनुराधा चरण 1 → वृश्चिक
  • निर्वाण

    Nirvanलड़का

    सब दुखों से रहित परम आनंद

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 577
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    नी → अनुराधा चरण 2 → वृश्चिक
  • नीलकंठ

    नीलकण्ठNeelkanthलड़का

    नीले कंठ वाले: संसार की रक्षा के लिए हलाहल विष पीने से (गीता प्रेस)

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 93 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.40
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 566
    पहला अक्षर
    नी → अनुराधा चरण 2 → वृश्चिक

न से लड़कियों के नाम (7)

  • नंदिनी

    नन्दिनीNandiniलड़की

    नंद की पुत्री; या कामधेनु के कुल की गाय नंदिनी; या गंगा

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 450
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    ना → अनुराधा चरण 1 → वृश्चिक
  • नलिनी

    Naliniलड़की

    कमल-रूपा, कमल जैसे हाथ, पैर और मुख वाली

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 460
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    ना → अनुराधा चरण 1 → वृश्चिक
  • नारायणी

    Narayaniलड़की

    नारायण की बहन; गौरी और नारायण में भेद नहीं

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 298; दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में भी (नाम 97)
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    ना → अनुराधा चरण 1 → वृश्चिक
  • नित्या

    Nityaलड़की

    नित्य: भूत, वर्तमान और भविष्य, तीनों कालों में

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 136; दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में भी (नाम 64)
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    नी → अनुराधा चरण 2 → वृश्चिक
  • निरंजना

    निरञ्जनाNiranjanaलड़की

    निर्मल, जिस पर कोई दाग नहीं

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 133
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    नी → अनुराधा चरण 2 → वृश्चिक
  • निरुपमा

    Nirupamaलड़की

    जिनकी कोई उपमा नहीं (श्वेताश्वतर 4.19)

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 389
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    नी → अनुराधा चरण 2 → वृश्चिक
  • निर्मला

    Nirmalaलड़की

    सब मल से रहित, अविद्या के मल से भी

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 135
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    नी → अनुराधा चरण 2 → वृश्चिक

न से नाम: सवाल-जवाब

न से शुरू होने वाले नाम की राशि क्या है?

अवकहड़ा चक्र में नाम का पहला अक्षर जिस नक्षत्र-चरण का हो, उसी चरण की राशि नाम राशि मानी जाती है। इस पन्ने के नामों के पहले अक्षर: ना (अनुराधा चरण 1, वृश्चिक): नंदन, नंदिनी, नलिनी, नारायण आदि। नी (अनुराधा चरण 2, वृश्चिक): नित्या, निरंजना, निरुपमा, निर्मला आदि। यह नाम राशि है; जन्म राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि है, जो जन्म पंचांग से निकलती है।

नाम के साथ लिखी संख्या का क्या अर्थ है?

वह ग्रंथ में नाम का क्रम है: विष्णुसहस्रनाम और ललिता सहस्रनाम में 1 से 1000 तक, महाभारत के शिवसहस्रनाम में गीता प्रेस की गिनती से 1 से 1008 तक, और दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में 1 से 108 तक। एक ही नाम सहस्रनाम में एक से अधिक बार आए तो पहली संख्या दी गई है।

क्या नाम जन्म-नक्षत्र के अक्षर से ही रखना चाहिए?

कई परिवारों में यह परंपरा है कि नाम जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के अक्षर से रखा जाए। यह परिवार की परंपरा पर है। यह पन्ना हर नाम के पहले अक्षर का चरण बताता है, ताकि यह मिलान किया जा सके; जन्म का नक्षत्र-चरण जन्म पंचांग से निकलता है। नामकरण की विधि अपने कुल के पुरोहित से पूछें।

स्रोत

  1. विष्णुसहस्रनाम: महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  2. विष्णुसहस्रनाम: विष्णुसहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
  3. विष्णुसहस्रनाम: The Vishnu Sahasranama with the Bhashya of Sri Sankaracharya, tr. R. Ananthakrishna Sastry (Theosophical Publishing House, 1927)
  4. ललिता सहस्रनाम: ललिता सहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
  5. ललिता सहस्रनाम: Lalita Sahasranama with Bhaskararaya’s Commentary, tr. R. Ananthakrishna Sastry (2nd ed., 1925)
  6. शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  7. शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, पुणे समीक्षित संस्करण (BORI), अनुशासन पर्व, sanskritdocuments.org
  8. नाम अक्षर: बृहदवकहडाचक्रम्, शतपदचक्र श्लोक 9–15; पं. सीताराम शर्मा, अति बृहत् अवकहड़ा चक्रम् (1932), पृ. 22–26

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