ई से नाम: शास्त्रों से 3 नाम

लड़कों के 2 और लड़कियों के 1 नाम। हर नाम का अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण व राशि।

संक्षेप में

ई से शुरू होने वाले 3 नाम यहाँ हैं: लड़कों के 2 और लड़कियों के 1 नाम। हर नाम शिवसहस्रनाम (महाभारत), ललिता सहस्रनाम में से लिया गया है और दो अलग-अलग संस्करणों में मिलाया गया है; हर नाम के साथ उसका अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और अवकहड़ा चक्र के अनुसार पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण और राशि (वृषभ) दी गई है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 5 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

ई से लड़कों के नाम (2)

  • ईशान

    Ishaanलड़का

    शासन करने वाले स्वामी; शिव-रुद्र का पुराना नाम

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 368 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.72
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 171; आप्टे, पृ. 283
    पहला अक्षर
    ई → कृत्तिका चरण 2 → वृषभ
  • ईश्वर

    Ishwarलड़का

    स्वामी; परम सत्ता

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 369 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.72
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 171; आप्टे, पृ. 284
    पहला अक्षर
    ई → कृत्तिका चरण 2 → वृषभ

ई से लड़कियों के नाम (1)

  • ईश्वरी

    Ishwariलड़की

    सबकी स्वामिनी, परम ईश्वरता वाली

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 271
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    ई → कृत्तिका चरण 2 → वृषभ

ई से नाम: सवाल-जवाब

ई से शुरू होने वाले नाम की राशि क्या है?

अवकहड़ा चक्र में नाम का पहला अक्षर जिस नक्षत्र-चरण का हो, उसी चरण की राशि नाम राशि मानी जाती है। इस पन्ने के नामों के पहले अक्षर: ई (कृत्तिका चरण 2, वृषभ): ईशान, ईश्वर, ईश्वरी। यह नाम राशि है; जन्म राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि है, जो जन्म पंचांग से निकलती है।

नाम के साथ लिखी संख्या का क्या अर्थ है?

वह ग्रंथ में नाम का क्रम है: विष्णुसहस्रनाम और ललिता सहस्रनाम में 1 से 1000 तक, महाभारत के शिवसहस्रनाम में गीता प्रेस की गिनती से 1 से 1008 तक, और दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में 1 से 108 तक। एक ही नाम सहस्रनाम में एक से अधिक बार आए तो पहली संख्या दी गई है।

क्या नाम जन्म-नक्षत्र के अक्षर से ही रखना चाहिए?

कई परिवारों में यह परंपरा है कि नाम जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के अक्षर से रखा जाए। यह परिवार की परंपरा पर है। यह पन्ना हर नाम के पहले अक्षर का चरण बताता है, ताकि यह मिलान किया जा सके; जन्म का नक्षत्र-चरण जन्म पंचांग से निकलता है। नामकरण की विधि अपने कुल के पुरोहित से पूछें।

स्रोत

  1. शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  2. शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, पुणे समीक्षित संस्करण (BORI), अनुशासन पर्व, sanskritdocuments.org
  3. ललिता सहस्रनाम: ललिता सहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
  4. ललिता सहस्रनाम: Lalita Sahasranama with Bhaskararaya’s Commentary, tr. R. Ananthakrishna Sastry (2nd ed., 1925)
  5. नाम अक्षर: बृहदवकहडाचक्रम्, शतपदचक्र श्लोक 9–15; पं. सीताराम शर्मा, अति बृहत् अवकहड़ा चक्रम् (1932), पृ. 22–26

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