श से नाम: शास्त्रों से 32 नाम

लड़कों के 21 और लड़कियों के 11 नाम। हर नाम का अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण व राशि।

संक्षेप में

श से शुरू होने वाले 32 नाम यहाँ हैं: लड़कों के 21 और लड़कियों के 11 नाम। हर नाम शिवसहस्रनाम (महाभारत), विष्णुसहस्रनाम, ललिता सहस्रनाम में से लिया गया है और दो अलग-अलग संस्करणों में मिलाया गया है; हर नाम के साथ उसका अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और अवकहड़ा चक्र के अनुसार पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण और राशि (कुंभ) दी गई है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 8 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

श से लड़कों के नाम (21)

  • शंकर

    शङ्करShankarलड़का

    कल्याण करने वाले, मंगलकारी

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 440 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.80
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 1054
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शतानंद

    शतानन्दShatanandलड़का

    एक ही परमानंद, जो अनेक रूपों में दिखता है

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 617
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शत्रुघ्न

    Shatrughnaलड़का

    देवताओं के शत्रुओं का नाश करने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 412
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शत्रुजित

    शत्रुजित्Shatrujitलड़का

    शत्रुओं को जीतने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 820
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शरण

    Sharanलड़का

    दुखियों का दुख मिटाने वाला आश्रय

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 86
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शर्व

    Sharvलड़का

    रुद्र-शिव का वैदिक नाम: बाण धारण करने वाले देव

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 598 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.99
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 1057
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शांत

    शान्तShantलड़का

    विषय-सुखों में न उलझने वाले, शांत

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 582
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शाश्वत

    Shashwatलड़का

    जो सब कालों में रहते हैं

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 56
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शिव

    Shivलड़का

    कल्याणकारी, मंगलमय, कृपालु

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 614 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.100
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 1074; आप्टे, पृ. 1046
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • शिशिर

    Shishirलड़का

    शिशिर ऋतु जैसे शीतल, तीनों तापों से पीड़ितों को शांति देने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 913
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • शुभांग

    शुभाङ्गShubhangलड़का

    सुंदर अंगों वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 586
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सू → शतभिषा चरण 4 → कुंभ
  • शोभन

    Shobhanलड़का

    शोभायमान, तेजस्वी और सुंदर

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 445 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.80
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 1092; आप्टे, पृ. 1056
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सो → पूर्वा भाद्रपद चरण 2 → कुंभ
  • शौरि

    Shauriलड़का

    शूर के कुल में जन्मे (वसुदेव के पुत्र)

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 340
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सो → पूर्वा भाद्रपद चरण 2 → कुंभ
  • श्रीकर

    Shrikarलड़का

    स्मरण, स्तुति और पूजा करने वाले भक्तों को श्री देने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 611
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्री का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शी: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • श्रीधर

    Shridharलड़का

    जगन्माता लक्ष्मी को वक्ष पर धारण करने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 610
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्री का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शी: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • श्रीनिधि

    Shrinidhiलड़का

    सब शक्तियों (श्री) के भंडार

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 608
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्री का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शी: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • श्रीनिवास

    Shrinivasलड़का

    जिनके वक्ष पर श्री (लक्ष्मी) सदा निवास करती हैं

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 183
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्री का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शी: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • श्रीपति

    Shripatiलड़का

    श्री (लक्ष्मी) के पति; या परा शक्ति के स्वामी

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 603
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्री का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शी: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • श्रीश

    Shrishलड़का

    श्री के स्वामी

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 606
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्री का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शी: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • श्रेयस

    श्रेयस्Shreyasलड़का

    कल्याण-स्वरूप, जो अक्षय सुख देते हैं

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 612
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्रे का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शे: से → पूर्वा भाद्रपद चरण 1 → कुंभ
  • श्रेष्ठ

    Shreshthलड़का

    सबसे उत्कृष्ट, सबके ऊपर

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 68
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्रे का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शे: से → पूर्वा भाद्रपद चरण 1 → कुंभ

श से लड़कियों के नाम (11)

  • शर्वाणी

    Sharvaniलड़की

    शर्व (पृथ्वी-रूप शिव) की पत्नी

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 124
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शांकरी

    शाङ्करीShankariलड़की

    शंकर की पत्नी; शम् (सुख) करने वाली

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 126
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शांता

    शान्ताShantaलड़की

    शांत; श्रुति के शब्दों में बिना अंश, बिना क्रिया, शांत (श्वेताश्वतर 6.19)

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 141
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शांति

    शान्तिShantiलड़की

    शांति-रूपा

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 447
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शांभवी

    शाम्भवीShambhaviलड़की

    शंभु (शिव) की पत्नी; या शंभु के भक्तों की माता

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 122; दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में भी (नाम 31)
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ
  • शिवप्रिया

    Shivapriyaलड़की

    शिव की प्रिय; या जिन्हें शिव प्रिय हैं

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 409
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • शिवा

    Shivaलड़की

    कल्याणमयी; परम शिव की अपनी इच्छा-शक्ति

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 53
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • शोभना

    Shobhanaलड़की

    शोभायमान, सुंदर

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 462
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    अवकहड़ा चक्र में श = स: सो → पूर्वा भाद्रपद चरण 2 → कुंभ
  • श्रीकरी

    Shrikariलड़की

    श्री (सफलता और समृद्धि) देने वाली

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 127
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्री का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शी: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • श्रीविद्या

    Shrividyaलड़की

    पवित्र विद्या; पंचदशी मंत्र

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 585
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्री का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शी: सी → शतभिषा चरण 3 → कुंभ
  • श्रुति

    Shrutiलड़की

    वेद-स्वरूपा

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 539
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    संयुक्ताक्षर श्रु का पहला वर्ण श; अवकहड़ा चक्र में श = स: सा → शतभिषा चरण 2 → कुंभ या मात्रा सहित शू: सू → शतभिषा चरण 4 → कुंभ

श से नाम: सवाल-जवाब

श से शुरू होने वाले नाम की राशि क्या है?

अवकहड़ा चक्र में नाम का पहला अक्षर जिस नक्षत्र-चरण का हो, उसी चरण की राशि नाम राशि मानी जाती है। इस पन्ने के नामों के पहले अक्षर: सा (शतभिषा चरण 2, कुंभ): शंकर, शतानंद, शत्रुघ्न, शत्रुजित आदि। सी (शतभिषा चरण 3, कुंभ): शिव, शिवप्रिया, शिवा, शिशिर। सू (शतभिषा चरण 4, कुंभ): शुभांग। सो (पूर्वा भाद्रपद चरण 2, कुंभ): शोभन, शोभना, शौरि। यह नाम राशि है; जन्म राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि है, जो जन्म पंचांग से निकलती है।

नाम के साथ लिखी संख्या का क्या अर्थ है?

वह ग्रंथ में नाम का क्रम है: विष्णुसहस्रनाम और ललिता सहस्रनाम में 1 से 1000 तक, महाभारत के शिवसहस्रनाम में गीता प्रेस की गिनती से 1 से 1008 तक, और दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में 1 से 108 तक। एक ही नाम सहस्रनाम में एक से अधिक बार आए तो पहली संख्या दी गई है।

क्या नाम जन्म-नक्षत्र के अक्षर से ही रखना चाहिए?

कई परिवारों में यह परंपरा है कि नाम जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के अक्षर से रखा जाए। यह परिवार की परंपरा पर है। यह पन्ना हर नाम के पहले अक्षर का चरण बताता है, ताकि यह मिलान किया जा सके; जन्म का नक्षत्र-चरण जन्म पंचांग से निकलता है। नामकरण की विधि अपने कुल के पुरोहित से पूछें।

स्रोत

  1. शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  2. शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, पुणे समीक्षित संस्करण (BORI), अनुशासन पर्व, sanskritdocuments.org
  3. विष्णुसहस्रनाम: महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  4. विष्णुसहस्रनाम: विष्णुसहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
  5. विष्णुसहस्रनाम: The Vishnu Sahasranama with the Bhashya of Sri Sankaracharya, tr. R. Ananthakrishna Sastry (Theosophical Publishing House, 1927)
  6. ललिता सहस्रनाम: ललिता सहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
  7. ललिता सहस्रनाम: Lalita Sahasranama with Bhaskararaya’s Commentary, tr. R. Ananthakrishna Sastry (2nd ed., 1925)
  8. नाम अक्षर: बृहदवकहडाचक्रम्, शतपदचक्र श्लोक 9–15; पं. सीताराम शर्मा, अति बृहत् अवकहड़ा चक्रम् (1932), पृ. 22–26

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