व से नाम: शास्त्रों से 31 नाम

लड़कों के 24 और लड़कियों के 7 नाम। हर नाम का अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण व राशि।

संक्षेप में

व से शुरू होने वाले 31 नाम यहाँ हैं: लड़कों के 24 और लड़कियों के 7 नाम। हर नाम विष्णुसहस्रनाम, ललिता सहस्रनाम, शिवसहस्रनाम (महाभारत), दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में से लिया गया है और दो अलग-अलग संस्करणों में मिलाया गया है; हर नाम के साथ उसका अर्थ, ग्रंथ में उसकी संख्या, और अवकहड़ा चक्र के अनुसार पहले अक्षर का नक्षत्र-चरण और राशि (वृषभ) दी गई है।

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 10 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ

व से लड़कों के नाम (24)

  • वत्सल

    Vatsalलड़का

    भक्तों पर स्नेह रखने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 471
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वनमाली

    Vanmaliलड़का

    वैजयंती नाम की वनमाला धारण करने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 561
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वरद

    Varadलड़का

    मनचाहा वर देने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 330
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वरुण

    Varunलड़का

    अस्त होता सूर्य, जो अपनी किरणें समेट लेता है

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 553
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वर्धन

    Vardhanलड़का

    पालन करके बढ़ाने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 261
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वर्धमान

    Vardhamanलड़का

    जगत् के रूप में बढ़ने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 262
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वसु

    Vasuलड़का

    सब भूतों में बसने वाले; या आठ वसुओं में पावक (गीता 10.23)

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 104
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वामदेव

    Vamdevलड़का

    वाम (सुंदर, प्रिय) देव; ऋग्वेद के ऋषि वामदेव का रूप (गीता प्रेस)

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 336 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.68
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 941
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वामन

    Vamanलड़का

    वामन (बौने) रूप में बलि से भिक्षा माँगने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 152
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वायु

    Vayuलड़का

    वायु-रूप, जो गंध को फैलाते हैं

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 414
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वासुदेव

    Vasudevलड़का

    जो सबको ढकते और सबमें बसते (वसु) हैं, और प्रकाशमान देव हैं

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 332
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • विक्रम

    Vikramलड़का

    पगों से जगत् को नापने वाले; या वि (पक्षी, गरुड़) पर गमन करने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 78
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विजय

    Vijayलड़का

    ज्ञान, वैराग्य और ऐश्वर्य में सबसे बढ़कर

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 147
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विनय

    Vinayलड़का

    दुष्टों को अनुशासन (विनय) में लाने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 508
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विबुध

    Vibudhलड़का

    अत्यंत ज्ञानी; देवता

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 965 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.145
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 977
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विभु

    Vibhuलड़का

    हिरण्यगर्भ आदि अनेक रूपों में होने वाले, सर्वत्र व्याप्त

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 240
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विशारद

    Visharadलड़का

    कुशल, विद्वान और प्रसिद्ध

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 289 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.63
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 952; आप्टे, पृ. 994
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विशाल

    Vishalलड़का

    विशाल, महान और प्रतापी

    स्रोत
    शिवसहस्रनाम (महाभारत), नाम 775 (गीता प्रेस); पुणे संस्करण, अनुशासन पर्व 17.121
    देवता
    शिव
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 990; आप्टे, पृ. 994
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विशोक

    Vishokलड़का

    आनंद-स्वरूप होने से शोक से रहित

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 631
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विश्व

    Vishwaलड़का

    स्वयं विश्व; विश्व के कारण ब्रह्म, जो उसमें व्याप्त हैं

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 1
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विष्णु

    Vishnuलड़का

    सर्वव्यापी: जो देश, काल और वस्तु से सीमित नहीं

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 2
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • वीर

    Veerलड़का

    पराक्रमी, वीर

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 401
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • वेद

    Vedलड़का

    वेद-स्वरूप, जो ज्ञान के दीपक से अज्ञान का अंधकार मिटाते हैं (गीता 10.11)

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 127
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वे → मृगशिरा चरण 1 → वृषभ
  • वैकुंठ

    वैकुण्ठVaikunthलड़का

    सृष्टि के आरंभ में अलग-अलग तत्वों को आपस में जोड़ने वाले

    स्रोत
    विष्णुसहस्रनाम, नाम 405
    देवता
    विष्णु
    अर्थ का आधार
    शंकराचार्य का भाष्य
    पहला अक्षर
    वे → मृगशिरा चरण 1 → वृषभ

व से लड़कियों के नाम (7)

  • वरदा

    Varadaलड़की

    ब्रह्मा, विष्णु आदि भक्तों को वर देने वाली

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 331
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • वसुदा

    Vasudaलड़की

    धन (वसु) देने वाली

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 670
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    वा → रोहिणी चरण 2 → वृषभ
  • विजया

    Vijayaलड़की

    सदा विजयी; या ज्ञान-स्वरूपा

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 346
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विद्या

    Vidyaलड़की

    मोक्ष देने वाली विद्या

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 549
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विमला

    Vimalaलड़की

    अविद्या के मल से रहित; पुरी (पुरुषोत्तम क्षेत्र) की देवी

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 347; दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में भी (नाम 60)
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • विशालाक्षी

    Vishalakshiलड़की

    बड़े नेत्रों वाली; काशी की देवी (पद्म पुराण)

    स्रोत
    ललिता सहस्रनाम, नाम 936
    देवता
    ललिता (देवी)
    अर्थ का आधार
    भास्करराय की टीका
    पहला अक्षर
    वी → रोहिणी चरण 3 → वृषभ
  • वैष्णवी

    Vaishnaviलड़की

    विष्णु की शक्ति

    स्रोत
    दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम, नाम 55 (गीता प्रेस)
    देवता
    दुर्गा
    अर्थ का आधार
    संस्कृत कोश: मोनियर-विलियम्स, पृ. 1027
    पहला अक्षर
    वे → मृगशिरा चरण 1 → वृषभ

व से नाम: सवाल-जवाब

व से शुरू होने वाले नाम की राशि क्या है?

अवकहड़ा चक्र में नाम का पहला अक्षर जिस नक्षत्र-चरण का हो, उसी चरण की राशि नाम राशि मानी जाती है। इस पन्ने के नामों के पहले अक्षर: वा (रोहिणी चरण 2, वृषभ): वत्सल, वनमाली, वरद, वरदा आदि। वी (रोहिणी चरण 3, वृषभ): विक्रम, विजय, विजया, विद्या आदि। वे (मृगशिरा चरण 1, वृषभ): वेद, वैकुंठ, वैष्णवी। यह नाम राशि है; जन्म राशि जन्म के समय चंद्रमा की राशि है, जो जन्म पंचांग से निकलती है।

नाम के साथ लिखी संख्या का क्या अर्थ है?

वह ग्रंथ में नाम का क्रम है: विष्णुसहस्रनाम और ललिता सहस्रनाम में 1 से 1000 तक, महाभारत के शिवसहस्रनाम में गीता प्रेस की गिनती से 1 से 1008 तक, और दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम में 1 से 108 तक। एक ही नाम सहस्रनाम में एक से अधिक बार आए तो पहली संख्या दी गई है।

क्या नाम जन्म-नक्षत्र के अक्षर से ही रखना चाहिए?

कई परिवारों में यह परंपरा है कि नाम जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र-चरण के अक्षर से रखा जाए। यह परिवार की परंपरा पर है। यह पन्ना हर नाम के पहले अक्षर का चरण बताता है, ताकि यह मिलान किया जा सके; जन्म का नक्षत्र-चरण जन्म पंचांग से निकलता है। नामकरण की विधि अपने कुल के पुरोहित से पूछें।

स्रोत

  1. विष्णुसहस्रनाम: महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  2. विष्णुसहस्रनाम: विष्णुसहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
  3. विष्णुसहस्रनाम: The Vishnu Sahasranama with the Bhashya of Sri Sankaracharya, tr. R. Ananthakrishna Sastry (Theosophical Publishing House, 1927)
  4. ललिता सहस्रनाम: ललिता सहस्रनामावली, sanskritdocuments.org
  5. ललिता सहस्रनाम: Lalita Sahasranama with Bhaskararaya’s Commentary, tr. R. Ananthakrishna Sastry (2nd ed., 1925)
  6. शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, खंड 6 (अनुशासन पर्व), गीता प्रेस: नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  7. शिवसहस्रनाम (महाभारत): महाभारत, पुणे समीक्षित संस्करण (BORI), अनुशासन पर्व, sanskritdocuments.org
  8. दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम: सचित्र श्रीदुर्गासप्तशती, अनु. रामनारायणदत्त शास्त्री ‘राम’ (गीता प्रेस, 1961): नाम-क्रम और हिंदी अर्थ सहित
  9. दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम: श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् और नामावली, sanskritdocuments.org
  10. नाम अक्षर: बृहदवकहडाचक्रम्, शतपदचक्र श्लोक 9–15; पं. सीताराम शर्मा, अति बृहत् अवकहड़ा चक्रम् (1932), पृ. 22–26

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