एकादशी व्रत

षटतिला एकादशी 2027

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027

माघ कृष्ण पक्ष · पारण: बुधवार, 3 फ़रवरी 2027, 7:08–9:19 AM

संपादन: SanatanBodh संपादकीय टीमअंतिम अपडेट: 3 स्रोतAI की सहायता से तैयार, स्रोतों से जाँचा गयागलती बताएँ
फ़रवरी 2027 की एकादशी की तारीखें लिखा चित्र: 2 फ़रवरी: षटतिला एकादशी, 17 फ़रवरी: जया एकादशी, साथ में नई दिल्ली का पारण समय
पीछे का चित्र AI से बनाया गया
संक्षेप में

षटतिला एकादशी 2027 मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027 को है। यह माघ कृष्ण पक्ष (पूर्णिमांत; अमांत पंचांग में पौष) की एकादशी है। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 8:42 AM (1 फ़रवरी) से 11:11 AM तक है, और व्रत का पारण बुधवार, 3 फ़रवरी 2027, 7:08–9:19 AM के बीच करें।

षटतिला एकादशी माघ (पूर्णिमांत) कृष्ण पक्ष में आती है। इसका नाम तिल के छह उपयोगों से पड़ा है: पद्म पुराण के अनुसार इस दिन तिल मिले जल से स्नान, तिल का उबटन, तिल से होम, तिल मिला जल पीना, तिल का दान और तिल का भोजन, और ग्रंथ इन छहों को पाप नष्ट करने वाला कहता है।

शहर के अनुसार पारण का समय

पारण बुधवार, 3 फ़रवरी 2027 को, भारतीय मानक समय में।

फ़रवरी 2027 की दोनों एकादशी और 66 शहरों का पारण समय: एकादशी फ़रवरी 2027

व्रत और पारण के नियम

  • व्रत एकादशी के सूर्योदय से शुरू होता है; भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी दल और दीपक के साथ।
  • परंपरा में चावल और अन्न नहीं खाया जाता; निर्जल या फलाहार, अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार।
  • पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में होता है, हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद; सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
  • बीमारी, गर्भावस्था या दवा चलने पर व्रत का रूप स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।

एकादशी व्रत के सभी नियम: दशमी से पारण तक, क्या खाएँ और क्या न खाएँ

कथा

दान न करने वाली ब्राह्मणी की कथा

पद्म पुराण की कथा के अनुसार एक ब्राह्मणी बहुत व्रत-उपवास करती थी, पर उसने कभी किसी भिक्षुक को भिक्षा या अन्न नहीं दिया। भगवान स्वयं भिक्षु बनकर माँगने आए, तो उसने गुस्से में उनके पात्र में मिट्टी का ढेला डाल दिया। व्रतों के पुण्य से वह स्वर्ग पहुँची, पर वहाँ उसे सुंदर किंतु अन्न से खाली घर मिला। देव-पत्नियों से षटतिला एकादशी की विधि सुनकर उसने यह व्रत किया, तब उसका घर धन-धान्य से भर गया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

षटतिला एकादशी 2027 कब है?

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027 को, माघ कृष्ण पक्ष में।

षटतिला एकादशी 1 फ़रवरी को है या 2 फ़रवरी को?

व्रत मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027 को है (Drik Panchang की स्मार्त तारीख), और पारण बुधवार, 3 फ़रवरी 2027, 7:08–9:19 AM (नई दिल्ली)। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 1 फ़रवरी 8:42 AM से 2 फ़रवरी 11:11 AM तक है; व्रत एकादशी के सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रखा जाता है।

षटतिला एकादशी का पारण कब करें?

नई दिल्ली में बुधवार, 3 फ़रवरी 2027, 7:08–9:19 AM। पारण द्वादशी तिथि में और हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद किया जाता है; दूसरे शहरों का समय ऊपर की तालिका में है।

एकादशी व्रत में क्या नहीं खाते?

परंपरा में एकादशी पर चावल और अन्न नहीं खाया जाता। कुछ लोग निर्जल व्रत रखते हैं, कुछ फलाहार करते हैं; अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।

एकादशी का व्रत कब से कब तक होता है?

एकादशी के दिन सूर्योदय से अगले दिन (द्वादशी) के पारण तक। कई परिवार दशमी की शाम से ही सात्विक भोजन करते हैं।

स्रोत

  1. Drik Panchang: Shattila Ekadashi 2027, नई दिल्ली (तारीख और पारण का मिलान)
  2. Drik Panchang: एकादशी व्रत की कथाएँ पद्म पुराण की परंपरा से
  3. तिथि और पारण: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश)

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