सफला एकादशी 2027 रविवार, 3 जनवरी 2027 को है। यह पौष कृष्ण पक्ष (पूर्णिमांत; अमांत पंचांग में मार्गशीर्ष) की एकादशी है। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 2:25 PM (2 जनवरी) से 4:09 PM तक है, और व्रत का पारण सोमवार, 4 जनवरी 2027, 7:14–9:19 AM के बीच करें।
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सफला एकादशी पौष (पूर्णिमांत) कृष्ण पक्ष में आती है। पद्म पुराण के अनुसार इस दिन भगवान नारायण की पूजा ऋतु के फलों से की जाती है, और दीपदान और रात्रि जागरण का इसमें विशेष महत्व बताया गया है।
शहर के अनुसार पारण का समय
पारण सोमवार, 4 जनवरी 2027 को, भारतीय मानक समय में।
- नई दिल्ली7:14–9:19 AM
- मुंबई7:13–9:25 AM
- कोलकाता6:17–8:27 AM
- चेन्नई6:32–8:49 AM
- बेंगलुरु6:43–8:59 AM
- हैदराबाद6:47–9:01 AM
- अहमदाबाद7:21–9:31 AM
- पुणे7:08–9:20 AM
- जयपुर7:17–9:23 AM
- लखनऊ6:56–9:02 AM
- वाराणसी6:44–8:52 AM
- पटना6:36–8:44 AM
- भोपाल7:03–9:12 AM
- इंदौर7:08–9:17 AM
- चंडीगढ़7:21–9:24 AM
- देहरादून7:15–9:18 AM
जनवरी 2027 की दोनों एकादशी और 66 शहरों का पारण समय: एकादशी जनवरी 2027
व्रत और पारण के नियम
- व्रत एकादशी के सूर्योदय से शुरू होता है; भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी दल और दीपक के साथ।
- परंपरा में चावल और अन्न नहीं खाया जाता; निर्जल या फलाहार, अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार।
- पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में होता है, हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद; सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
- बीमारी, गर्भावस्था या दवा चलने पर व्रत का रूप स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
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राजकुमार लुंपक की कथा
पद्म पुराण की कथा के अनुसार चंपावती के राजा माहिष्मत ने अपने बड़े बेटे लुंपक को उसके बुरे कामों के कारण राज्य से निकाल दिया था। वन में एक पुराने पीपल के नीचे रहते हुए वह पौष कृष्ण दशमी की रात ठंड से बेसुध हो गया, एकादशी को भूखा रहा, बटोरे हुए फल पेड़ की जड़ में भगवान को अर्पित किए और रात भर जागता रहा। अनजाने में हुए इस व्रत से उसका मन बदल गया और उसे राज्य वापस मिला।
पूरी कथा पढ़ेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सफला एकादशी 2027 कब है?
रविवार, 3 जनवरी 2027 को, पौष कृष्ण पक्ष में।
सफला एकादशी 2 जनवरी को है या 3 जनवरी को?
व्रत रविवार, 3 जनवरी 2027 को है (Drik Panchang की स्मार्त तारीख), और पारण सोमवार, 4 जनवरी 2027, 7:14–9:19 AM (नई दिल्ली)। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 2 जनवरी 2:25 PM से 3 जनवरी 4:09 PM तक है; व्रत एकादशी के सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रखा जाता है।
सफला एकादशी का पारण कब करें?
नई दिल्ली में सोमवार, 4 जनवरी 2027, 7:14–9:19 AM। पारण द्वादशी तिथि में और हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद किया जाता है; दूसरे शहरों का समय ऊपर की तालिका में है।
एकादशी व्रत में क्या नहीं खाते?
परंपरा में एकादशी पर चावल और अन्न नहीं खाया जाता। कुछ लोग निर्जल व्रत रखते हैं, कुछ फलाहार करते हैं; अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
एकादशी का व्रत कब से कब तक होता है?
एकादशी के दिन सूर्योदय से अगले दिन (द्वादशी) के पारण तक। कई परिवार दशमी की शाम से ही सात्विक भोजन करते हैं।
स्रोत
- Drik Panchang: Saphala Ekadashi 2027, नई दिल्ली (तारीख और पारण का मिलान)
- Drik Panchang: एकादशी व्रत की कथाएँ पद्म पुराण की परंपरा से
- तिथि और पारण: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश)
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