मोक्षदा एकादशी 2026 रविवार, 20 दिसंबर 2026 को है। यह मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष (पूर्णिमांत; अमांत पंचांग में मार्गशीर्ष) की एकादशी है। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 10:10 PM (19 दिसंबर) से 8:16 PM तक है, और व्रत का पारण सोमवार, 21 दिसंबर 2026, 7:09–9:13 AM के बीच करें।
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मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में आती है, और इसी दिन गीता जयंती मनाई जाती है: परंपरा के अनुसार इसी तिथि को श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।
शहर के अनुसार पारण का समय
पारण सोमवार, 21 दिसंबर 2026 को, भारतीय मानक समय में।
- नई दिल्ली7:09–9:13 AM
- मुंबई7:07–9:19 AM
- कोलकाता6:12–8:21 AM
- चेन्नई6:26–8:42 AM
- बेंगलुरु6:37–8:53 AM
- हैदराबाद6:41–8:54 AM
- अहमदाबाद7:16–9:25 AM
- पुणे7:02–9:14 AM
- जयपुर7:11–9:17 AM
- लखनऊ6:51–8:56 AM
- वाराणसी6:39–8:46 AM
- पटना6:31–8:38 AM
- भोपाल6:57–9:06 AM
- इंदौर7:02–9:11 AM
- चंडीगढ़7:16–9:18 AM
- देहरादून7:10–9:12 AM
दिसंबर 2026 की दोनों एकादशी और 66 शहरों का पारण समय: एकादशी दिसंबर 2026
व्रत और पारण के नियम
- व्रत एकादशी के सूर्योदय से शुरू होता है; भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी दल और दीपक के साथ।
- परंपरा में चावल और अन्न नहीं खाया जाता; निर्जल या फलाहार, अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार।
- पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में होता है, हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद; सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
- बीमारी, गर्भावस्था या दवा चलने पर व्रत का रूप स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
राजा वैखानस की कथा
परंपरा में प्रचलित कथा के अनुसार गोकुल के राजा वैखानस ने स्वप्न में अपने पिता को कष्ट में देखा। पर्वत मुनि के कहने पर उन्होंने मोक्षदा एकादशी का व्रत किया और उसका पुण्य पिता को अर्पित किया, जिससे पिता को मुक्ति मिली।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मोक्षदा एकादशी 2026 कब है?
रविवार, 20 दिसंबर 2026 को, मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में।
मोक्षदा एकादशी 19 दिसंबर को है या 20 दिसंबर को?
व्रत रविवार, 20 दिसंबर 2026 को है (Drik Panchang की स्मार्त तारीख), और पारण सोमवार, 21 दिसंबर 2026, 7:09–9:13 AM (नई दिल्ली)। नई दिल्ली में एकादशी तिथि 19 दिसंबर 10:10 PM से 20 दिसंबर 8:16 PM तक है; व्रत एकादशी के सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रखा जाता है।
मोक्षदा एकादशी का पारण कब करें?
नई दिल्ली में सोमवार, 21 दिसंबर 2026, 7:09–9:13 AM। पारण द्वादशी तिथि में और हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने के बाद किया जाता है; दूसरे शहरों का समय ऊपर की तालिका में है।
एकादशी व्रत में क्या नहीं खाते?
परंपरा में एकादशी पर चावल और अन्न नहीं खाया जाता। कुछ लोग निर्जल व्रत रखते हैं, कुछ फलाहार करते हैं; अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार चुनें।
एकादशी का व्रत कब से कब तक होता है?
एकादशी के दिन सूर्योदय से अगले दिन (द्वादशी) के पारण तक। कई परिवार दशमी की शाम से ही सात्विक भोजन करते हैं।
स्रोत
- Drik Panchang: Mokshada Ekadashi 2026, नई दिल्ली (तारीख और पारण का मिलान)
- Drik Panchang: एकादशी व्रत की कथाएँ पद्म पुराण की परंपरा से
- तिथि और पारण: SanatanBodh पंचांग गणना (astronomy-engine, लाहिड़ी अयनांश)
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